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हम सभी दुर्गा पूजा बहुत ही धूम धाम से मनाते हैं। सारा माहौल भक्ति भाव मे विलीन हो जाता है। मेरी पूजा हमारे नेटिव प्लेस में ही होती है हर साल। हर दिन पूजा और आरती होती है, लेकिन अष्टमी वाले दिन कुछ और चीजे भी होती है, जैसे कि निशा पूजा की जाती है। निशा पूजा मध्य रात्रि में होती है और कहा जाता है कि पूजा देखने मात्र से ही सारी मनोकामनाये पूरी हो जाती है। अष्टमी वाले दिन हम 56 भोग बनाते है और दुर्गा माता को भोग चढाया जाता है। फिर मंदिर में पूजा के लिए जाते हैं, और प्रसाद लोगो मे बांटा जाता है। नवमी वाले दिन हवन और कन्या पूजन के साथ इसकी समाप्ती होती है।

इन 9 दिनों में लहसुन, प्याज, नॉन वेज बर्जीत होते हैं। सेंधा नमक(रॉक साल्ट) में खाना बनता है। ये 9 दिन माहौल की सुद्धिकरण के साथ साथ हमारे खुद के भी सुद्धिकरण में मदद करता है। कहते है दशहरा बुराई पे अच्छाई की जीत का प्रतीक है। वैसे ही हम सारे बुराई को दूर कर अच्छाई अपनाने की कामना करते हैं।

#bbcreatorsclub #motherhoodunplugged #tinytotswithbraveheart


Jay mata di 🙏🙏🙏

🙏 Jay mata di 🙏

Wow aap log bhagwaan ka liya itna kerta ho to bhagwan b hr time aapka aacha hi krega jai mata di

Hamare yahan bhi 9days pyaj lehsun or non veg nehin hota hai,9din Diya jalate hai Bina bujhe

जय माता दी

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