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ये बच्चे भी न !

एक मजेदार वाकया सुनाती हूँ। घर में मेहमान आए हुए थे ।;;

पकौड़े बनाकर मैंने सॉस की बोतल निकाली। उस बोतल में सॉस लगभग खत्म पर थी तो मैं नई बोतल निकालकर नाश्ता सर्व करनेवाली थी। बेटा घर में इधर- उधर घूम रहा था ,कभी रसोई में तो कभी मेहमानों के पास। अचानक वह मेहमानों के सामने गया और बोलने लगा , "सॉस खत्म हो गई,अब मम्मी सॉस की बोतल में पानी डालकर देगी आपको।" 😣😣

ओहो....क्या बेइज्जती हुई ! बेटे पर गुस्सा भी आया और शर्मिंदगी भी हुई। दरअसल, कभी किसी पास्ता नूडल्स वगैरह बनाने में मैं बची हुई सॉस की बोतल में थोड़ा सा पानी डालकर इस्तेमाल कर लेती थी। अब मुझे क्या पता था साहबजादे सबकुछ इतना ध्यान से देखते हैं। उस दिन इस बात का तकाज़ा हो गया कि बच्चे कितनी बारिकी से अपने परिवेश का अध्ययन करते हैं।

वैसे अभी भी मेरी वो आदत छूटी नहीं है ,सॉस के बोतल में पानी डालकर खाली करने की, हाँ देख लेती हूँ आसपास कोई है तो नहीं ! 😂😂😂😂

तिन्नी श्रीवास्तव; #lookback2019 #bbcontest #bbcreatorsclub #tipsfromtinni


Hahaha 😃
sach me, bachhe bahot kuch note karte he ... aur vo hm ko tabhi pata chalta he jab guests aaye hue hote he!!!!!!!!

Hahaha sahi kaha. Thanks Madhavi Cholera

hahah!! sahi kaha aapne

Yes sahi kaha aapne. We do same. N child always notice these little things.


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