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मेरी प्यारी सखियों ,

;बच्चे का जन्म जहाँ एक ओर हम नई माँओं को खुशियों से भर देता है वहीं दूसरी ओर अनेक चुनौतियाँ भी साथ लेकर आता है। हमेशा कुछ न कुछ छोटी मोटी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां लगी ही रहती हैं। ऐसे समय में बहुत जरुरी है कि हम डाक्टर से सलाह मशविरा लेते रहने के साथ-साथ हम दादी नानी वाले कुछ घरेलु नुस्खों को भी आजमाएँ। जरूरी नहीं कि हर बीमारी का ईलाज अस्पताल के चक्कर लगाकर ही समाप्त हो। कई बार ये घरेलु उपाय रामबाण का काम करते हैं। आज की मेरी ये पोस्ट कुछ ऐसी ही कॉमन बीमारियों के उपायों का संकलन है। उम्मीद है यह आपके लिए उपयोगी साबित होगा।;

★ नवजात शिशु कभी कभी लगातार रोते जाते हैं ।दूध भी नहीं पीते । इसका मतलब पेट में दर्द हो सकता है। पेट दर्द होने पर नाभि के आसपास हींग का लेप लगाकर हल्की मालिश करें। हींग को पानी में मिलाकर लेप तैयार करें। दूध पिलाने के बाद उन्हें कंधे पर थपकी देकर डकार जरूर दिलवाएँ । नव प्रसूता आजवाइन वाले पानी या भूनी आजवाइन का सेवन जरूर करें। आजवाइन पेट संबंधित परेशानियों को ठीक करता है जैसे...पेटदर्द, बदहजमी , गैस आदि।

★ कभी- कभी बच्चे उल्टी करते हैं और यह रूकता ही नहीं है। ऐसे में परेशान न हों। छोटी/ हरी इलायची को छिलके सहित तवे पर सेंक लें। अच्छे से सिंक जाने के बाद इसका पाउडर बना लें और शहद के साथ मिलाकर बच्चे को चटा दें। बहुत जल्दी उल्टी रुक जाएगी।

★ सर्दी का मौसम बच्चे बूढ़े दोनों के लिए कष्टप्रद होता है। बड़े तो स्वेटर शाल में बैठ सकते हैं ,पर नन्हें मुन्नों को कैद करके रखना बहुत मुश्किल है। सर्दी से बचाव के लिए घर में ही सरसों तेल में लहसुन , आजवाइन ,हींग डालकर गर्म कर लें। ठंडा होने पर इसे छानकर रख लें और सुबह शाम बच्चों को इसी तेल से मालिश करें ।;

;★ आपने नोटिस किया है ,कभी कभी बच्चे सोते समय घर्र घर्र की आवाज करते हैं। ये कफ की वजह से होता है। इसका एक बड़ा साधारण सा इलाज है। बच्चे की उम्र के हिसाब से लहसुन की कलियों को धागा में पिरोकर रात में सोने के समय बच्चे को गले में पहना दें। 6महीने तक के बच्चों को 2लहसुन की कलियाँ और 6-12 में 4-5 इस्तेमाल कर सकती हैं। एक साल से ऊपर के बच्चे के लिए 7-10 कलियाँ तक भी डाल सकती हैं।

★ खाँसी सर्दी में अदरक, तुलसी पत्ता का रख निकालकर ,शहद मिलाकर देने से बहुत आराम मिलता है। इसे बनाने के लिए अदरक को घिस कर जूस निकालें , तुलसी पत्ती को कूटकर रस निकालें। फिर एक बड़ा चम्मच गैस पर गर्म करें। गर्म हो जाए तो गैस बंद करके अदरक और तुलसी पत्ते का रस डालें और शहद मिला दें। इसे डायरेक्ट गर्म नहीं करना है। इस मिश्रण को एक दूसरे चम्मच से गर्मी का अंदाज लेते हुए बच्चे को पिलाए। हर बार फ्रेश बनाकर पिलाएं तो ज्यादा असरदार होगा।;

धन्यवाद। उम्मीद है आप सबको मेरे ये टिप्स पसंद इए होंगे। जुड़े रहिए मेरे साथ और नए नए सुझावों के लिए।;

आपकी दोस्त

;तिन्नी श्रीवास्तव।

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बहुत अच्छी जानकारी शेयर कि है आपने धन्यवाद।

धन्यवाद durga salvi

बहुत अच्छी जानकारी दी अपने

very helpful tips share ki he aapne dear.. thank you...

Very nice information

very good post happy new year

Thanks to you all for liking my post


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