बच्चों के पेट की सामान्य समस्याएं

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बच्चों के पेट की सामान्य समस्याएं

क्या आप  अपने  बच्चे  के  पेट  और  पाचन  समस्याओं  के  बारे  में  चिंतित  हैं? परेशान  ना  हों ,आप  अकेले  नही है। ज्यादातर  नए  माता-पिता  इस  समस्या  को  सबसे  चुनौतीपूर्ण  पाते  हैं क्योंकि  बच्चे आपको  यह  बताने  में  असमर्थ  हैं  कि  वो  कैसा  महसूस  कर  रहे  है।

 

इस लेख में, हमने  शिशुओं के  पेट की कुछ  आम  समस्याओं के बारे में जिक्र किया है  जो आप देख  सकते हैं और जब भी आवश्यक हो, चिकित्सक की  सहायता ले सकते हैं।

 

रिफ्लक्स  

रिफ्लक्स बच्चों के  सबसे आम पाचन समस्याओं में से एक है जिसका  सामना नए माता-पिता करते है। चूंकि शिशुओं में ओसोफगल अवरोधिनी का विकास हो रहा होता है , इसलिए  पाचन प्रक्रिया काफी धीमी होती है। इस वजह से बच्चा जो दूध पिता है वो वापस बाहर आ सकता है। पेट को समायोजित  होने में थोड़ा वक़्त लगता है।

 

रिफ्लक्स की समस्या आमतौर से ४ से १२ महीनो के बीच खत्म  हो जाती है। हालांकि अगर आप अपने बच्चे में बार बार हिचकियाँ, दूध पिने के बाद दूध बाहर निकालना, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों  को देखतीं हैं तो शिशु रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना अच्छा है।

 

उल्टियाँ

उल्टी  बच्चो के  सामान्य समस्याओं  में से एक है। ये बैक्टीरिया या विषाणु के संक्रमण के कारण होता है। उल्टियां आमतौर से दो से तीन दिनों के भीतर कम हो जाती है, लेकिन पेट में कुछ दिनों तक  गड़बड़ रहती है। अगर आप देखते हैं की बच्चे का डायपर कम गीला हो रहा है या बच्चे का मुँह सुख रहा है तो चिकित्सक की सलाह लें क्यूकी ये डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं।

 

दस्त  

बच्चो में दस्त का सबसे प्रमुख कारण है विषाणु संक्रमण, सबसे सामान्य विषाणु होता है रोटा वायरस।  इस प्रकार के विषाणु आमतौर से सर्दियों के मौसम में प्रहार करते हैं। इस दौरान आप सुनिश्चित करें की आपका बच्चा अच्छे तरीके से हाइड्रेटेड हो।

अगर दस्त २ सप्ताह से ज्यादा चलता है या  मल में श्लेष्म या रक्त है और अगर बच्चा मल को पार करते समय रोता है तो चिकित्सक से परामर्श लें। चिकित्सक मल के कुछ परिक्षण  करा के इसका निदान करेंगे।

 

कब्ज

बच्चे भी कब्ज़ जैसे सामान्य समस्या से ग्रस्त होते हैं।  आमतौर से ये समस्या पूरक आहार शुरू करने के बाद या सिर्फ दूध पिने से होता है।  बहुत अधिक दूध खाने से आपके बच्चे को असुविधा हो सकती है।

अगर बच्चे  के मल में रक्त दिखाई दे या मल गुज़ारते वक़्त बच्चे को तकलीफ हो तो चिकित्सक की सलाह अवश्य  लें।

 

उदरशूल (कोलिक)

कोलिक भी एक समस्या है जिस से  ज्यादातर बच्चे पीड़ित होते हैं। माता-पिता के लिए ये  निराशाजनक और तनावपूर्ण हो सकता है क्योंकि आप बिल्कुल नहीं जानते कि आपके बच्चे को क्या परेशान कर रहा है। कोलिक को अत्यधिक या लंबे समय तक रोने और चीखने के रूप में परिभाषित किया गया है जो दिन में कई घंटों तक जारी रह  सकता है। कारण अभी भी स्पष्ट नही है। यह आम तौर पर जन्म के पहले तीन हफ्तों के भीतर शुरू होता है और तीन महीने की उम्र तक ख़तम हो जाता है। आपके बच्चे के कोलिक होने के कुछ कारण निम्नलिखित हैं:



गैस:

हालांकि यह एक सिद्ध तथ्य नहीं है, लेकिन आप अपने  आहार में समायोजन कर के देखें। कैफीन, दूध उत्पाद, और खाद्य पदार्थ जो गैस का कारण हो सकते हैं उससे बचने की  कोशिश करें।

 

दूध से  एलर्जी:

यह दुर्लभ हो सकता है, लेकिन कुछ बच्चे गाय के  दूध के तरफ संवेदनशीलता विकसित कर सकते हैं। इसलिए, आपका चिकित्सक  सोया आधारित दूध देने की सलाह देता है जिससे सुधार का पता चलता है।

 

कोलिक के मामलों मे राहत के लिए चिकित्सक  कुछ दवा या प्रोबायोटिक्स देते है।



ये आमतौर से  बच्चों के पेट के  सबसे सामान्य समस्याओं में से कुछ हैं। हालांकि, अगर आपको कुछ भी चिंता का कारण मिल जाए, तो अपने बाल रोग विशेषज्ञ से तुरंत मदद ले । इनमें से कई समस्याएं गंभीर नहीं हैं, लेकिन लक्षणों के बारे में जानना और बच्चे की मदद कैसे करे, ये जानना अत्यंत  महत्वपूर्ण है।

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