Personalizing BabyChakra just for you!
This may take a moment!

पूरक आहार क्या होता है? बच्चो को पूरक आहार शुरू करने का सही समय कब होता है |

cover-image
पूरक आहार क्या होता है? बच्चो को पूरक आहार शुरू करने का सही समय कब होता है |

माता-पिता होने के नाते, आपकी सबसे बड़ी चिंता आपके बच्चे का स्वास्थ्य है और आप चाहते हैं कि सबकुछ उनके लिए सही हो। पूरक आहार पेश करना एक रोमांचक क्षण है क्योंकि आप अंततः अपने बच्चे के स्वाद कलिकाओ को बढ़ाने के लिए तैयार हैं।  पूरक आहार शुरू करना एक महत्वपूर्ण निर्णय है जो बच्चे के आने वाले वर्षों को आकार देता है। चूंकि, पहली बार माता-पिता के रूप में आपको बच्चे के आहार के बारे में कई घबराहट वाले प्रश्न हो सकते हैं, आइए चर्चा करें कि अपने बच्चे को कब और क्या खिलाना शुरू करे।

 

स्तन पान कराना कब बंद करे?

स्तनपान बच्चे को सुरक्षा, प्यार और आराम प्रदान करता है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अनुसार, शुरुआती छह महीनों में शिशु को पूरी तरह से स्तनपान कराना  महत्वपूर्ण है। हालांकि, बच्चे के लिए जीवन भर  अनगिनत स्वास्थ्य लाभों के कारण, डब्ल्यूएचओ ने माताओं को 2 साल तक अपने शिशुओं को स्तनपान कराने की  सलाह दी है। तीसरे वर्ष से आगे, आपका बच्चा केवल ठोस खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहने में सक्षम है।

 

 

बच्चे को पूरक आहार से परिचय कराना

अगर आप एक नयी माँ हैं और सोच में हैं की बच्चे को पूरक आहार कब देना शुरू करें, तो ऐसा  करने का सबसे अच्छा समय उनके छठवें महीने में है। छः महीने तक में बच्चा सुरक्षित रूप से निगलने  और पचाने में सक्षम होता है। शुरुआत में आप एक बार खाद्य पदार्थ दे सकते हैं, विशेषत: दोपहर के समय जब अच्छे से खाना पच  जाए। बाकी के समय आप स्तन पान करा सकते है। इसके अलावा, एक समय में केवल एक नया खाना दें। ऐसा करने से आपका बच्चा खाने के साथ अच्छे तरीके से परिचित हो पाएगा। आपके द्वारा दिए जाने वाले प्रत्येक खाने में २-३ दिनों का अंतर बनाये रखे। जब आप बच्चे को ठोस भोजन शुरू करे, सुनिश्चित करे की नरम(ब्लांड ) खाना ना दें, इससे  बच्चे खाने को ले कर चुनिंदा हो सकते है। इसके बजाय घरो में उपयोग होने वाले मसाले दे सकते हैं जो उनके स्वाद कलिकाओ को बढ़ाएगा और वो विभिन्न स्वादों को स्वीकार करेंगे।   

 

बच्चे को खाने में क्या दें

६ से १२ महीने तक आप अपने बच्चे को जो भी खिलाते है , वो उनके भविष्य के लिए एक निश्चित ढाँचा तैयार करने में मदद करेगा। कई अनुसंधानों में ये निष्कर्ष निकला है की जो  शिशु अधिक प्रकार के भोजन से परिचित हुए है वो बाद में भी विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थो को अच्छी तरीके से स्वीकार करते है।

 

 

जब आप अपने बच्चे के लिए पूरक आहार की शुरुआत करेंगी तो आप देखेंगी की घर के पके  खाने के काफी सारे विकल्प हैं। भारत में, परंपरागत रूप से, माताओं ने  पके हुए दाल, घी, आलू, पके  हुए सफेद चावल बच्चे के पहले  पूरक आहार में शामिल किया है। भोजन को नरम रखा जाता है जिससे पचने में आसानी हो।  चूंकि लौह और खनिज, विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व हैं, पालक और गाजर जैसी सब्जियां, अंडे की जर्दी जैसे प्रोटीन को भी आहार में  शामिल किया जा सकता है, जो  आपके बच्चे के विकास की दिशा में काम करेंगे।

 

अगर आपका  शिशु बचपन से सही  तरीके से खाता  है तो भविष्य में बीमारियों से बच सकता है  क्योंकि सही आहार एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के निर्माण में मदद करता है। इसके अलावा, आपके बच्चे के लिए क्या सही है ये जानने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।