अब आसान हो गया है बच्चे से मां का दूध छुड़ाना!

 

मां का दूध छुड़ाना यानी वीनिंग, बच्चे के विकास का सबसे महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। छह महीने के बाद बच्चे को मां के दूध (कुछ मामलों में फॉर्मूला दूध) के अलावा ठोस आहार भी दिया जाने लगता है। एक मां हमेशा
चाहती है कि बच्चे को स्वस्थ, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन खिलाया जाए।

 

बच्चे को ठोस आहार देते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:


● आप पारंपारिक रूप से बच्चे को चम्मच-कटोरी में खाने के लिए दे सकती हैं या बच्चे को अपने हाथों से खाने के लिए फिंगर फूड दे सकती हैं या दोनों भी।
● आप के साथ शुरू कर सकते हैं, और जब आपको लगे कि कि बच्चा नरम ठोस आहार खाने के लिए तैयार है तो आप उसे प्यूरी दे सकती हैं। बच्चे के सामने कुछ फिंगर फूड रखें और उसके स्वाद और टेक्शचर का खुद पता लगाने दें।
● तरह-तरह के स्वाद और टेक्शचर को मिला कर खाने की नई चीजें भी बना सकती हैं।
● भोजन के तापमान पर भी ध्यान दें। कुछ बच्चे सामान्य तापमान का भोजन तो कुछ हल्का गर्म खाना पसंद करते हैं।
● बच्चे को ताजा और जैविक भोजन दें।
● स्वच्छ और रंगीन कटलरी का उपयोग करें।
● अलग-अलग बनावट के भोजन आज़माएं।

 


आसानी से मां का दूध छुड़ाने का सबसे अच्छा तरीका

 

सबसे महत्वपूर्ण बात है कि बच्चे के एक साल का होने तक उसे नमक और शक्कर मिला खाना देने से बचें।

 

कारण: अगर बच्चा खाना नहीं खाता है, तो लोग सोचते हैं कि बच्चे को खाने का स्वाद अच्छा नहीं लगा है। लेकिन कारण नहीं है। मां के दूध के अलावा बच्चा जब दूसरी चीजें खाता है तो कुछ समय तक दूसरी चीजें अच्छी नहीं लगती हैं। शक्कर से बचना चाहिए क्योंकि इसमें कई रसायन होते हैं, जो मुंह की समस्याओं का कारण बनता है। इससे बच्चे को मीठे की लत लगने के कारण आगे चल कर उसे मोटापे या डायबिटीज़ की बीमारी पकड़ सकती है।
शक्कर में कोई पोषण नहीं होता है। नमक में सोडियम होता है जिससे भंगुर हड्डियां की समस्या या फिर डीहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। एक शिशु की किडनी में इतनी क्षमता नहीं होती है कि जो इसे शरीर से निकाल सके। इसलिए स्वाद बढ़ाने वाले इन पदार्थों से बचना चाहिए।

 

जब तक बच्चा एक साल का न हो जाए तब तक नमक और शक्कर से बचना चाहिए।


आजकल ऐसी कंपनियां हैं जो पैरेंट की इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए बच्चों के खाने के ऐसे बेबी गुड्स बनाती हैं जो यात्रा के दौरान बच्चे को खिलाने में आसान रहती हैं। ये स्वादिष्ट और रुचिकर तत्वों को मिलाकर बनाए गए हैं जो प्राकृतिक हैं और इनमें शक्कर, नमक (एक वर्ष से ऊपर के बच्चों के लिए कम चीनी और नमक) और कोई भी संरक्षक नहीं मिलाए गए हैं। बच्चे इसे पसंद करते हैं और मां का दूध छुड़ाने के लिए एक बार जब बच्चों को ये फिंगर फूड खिलाए जाते हैं तो इनका कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। बच्चों को देने से पहले इन प्रोडक्ट्स का सावधानी से चुनाव करें। लेबल को ध्यान से देखें और घटक सूची को पहले ठीक से जांचें। बच्चों के लिए
ऐसा ही एक ब्रांड है जो अधिकांश मानकों को पूरा करता है। इसमें विभिन्न प्रकार के बिस्कुट, जिन्हें ज़ूकर्स कहा जाता है और उनके प्यूरीस बाजार में जल्द ही आ रहे हैं।

 

यह महत्वपूर्ण है कि पैकेट भोजन में अच्छे पोषक गुण हैं और इसे सही उम्र के हिसाब से दिया जाना चाहिए।


जैसे-जैसे शिशुओं की उम्र बढ़ती है उन्हें विभिन्न पोषण गुण और टेक्सचर की जरूरत होती है। इसमें प्राकृतिक तत्व होने चाहिए जिन्हें उगाते समय रासायनिक रूप से उपचारित नहीं किया गया है। वे भोजन नहीं खाने चाहिए जिनमें
नकली जायके, रंग, संरक्षक या मिठास हो और प्रसंस्करण न्यूनतम रखा गया हो।।


टिमियोस में बच्चों की आयु के अनुसार प्रोडक्ट्स (0-2, 2-5 और 5+ वर्ष) की एक विस्तृत श्रृंखला है। ये सभी प्रोडक्ट्स सभी प्रमुख ऑनलाइन साइट्स और सुपरमार्केट में उपलब्ध है।

 


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