अपूर्ण गर्भपात क्या है?

अपूर्ण गर्भपात क्या है?

16 Aug 2022 | 1 min Read

Mona Narang

Author | 175 Articles

यदि हाल ही में आपका गर्भपात हुआ है या फिर आप इसका प्लान कर रही हैं, तो आपको कुछ परिस्थितियों से अवगत होना जरूरी है। वैसे तो इनकंप्लीट एबॉर्शन यानी अपूर्ण गर्भपात का जोखिम बहुत कम होता है, लेकिन इसके बारे में जानकारी होना आपके लिए जरूरी है।

अपूर्ण गर्भपात उसे कहते हैं जब गर्भपात पूरी तरह से नहीं होता है। आसान शब्दों में इसे इस तरह समझ सकते हैं कि गर्भपात के बाद भी गर्भाशय में गर्भ का कोई अंश का बच जाना। यह सर्जिकल एबॉर्शन व मेडिकेशन एबॉर्शन दोनों में हो सकता है। लेख में इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यहां अपूर्ण गर्भपात के लक्षण (अधूरा गर्भपात के लक्षण), कारण व इलाज से संबंधित पूरी जानकारी दी गई है। 

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कैसे पता करें कि गर्भपात पूरा हुआ या अधूरा?। Signs of Incomplete Abortion in Hindi

अपूर्ण गर्भपात/चित्र स्रोत-फ्रीपिक

अपूर्ण गर्भपात (अधूरा गर्भपात) की संभावना एबॉर्शन पिल लेने से अधिक होती है। हालांकि, कई बार सर्जिकल एबॉर्शन में भी अपूर्ण गर्भपात की स्थिति हो सकती है। लेख में आगे अपूर्ण गर्भपात के लक्षण (अधूरा गर्भपात के लक्षण) बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:

  • अत्यधिक ब्लीडिंग होना (हर घंटे पैड का भर जाना)
  • लगातार तेज दर्द महसूस होना
  • कमर, नितंब और जननांगों में दर्द
  • बुखार होना
  • कई दिनों से हल्का बुखार बने रहना
  • पेट के नीचले हिस्से में दर्द होना
  • शरीर में जकड़न

पूर्ण गर्भपात के लक्षण । Symptoms of Abortion in Hindi

गर्भपात पूरी तरह से हुआ है, नीचे इससे जुड़े लक्षण दे रहे हैं:

  • सामान्य ब्लीडिंग होना
  • पेट में ऐंठन
  • गर्भाशय से भ्रूण का पूरी तरह बाहर आ जाना

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अपूर्ण गर्भपात के कारण । Causes of Incomplete Abortion in Hindi)

अपूर्ण गर्भपात (अधूरा गर्भपात) के लक्षण तो आप जान ही चुके हैं। लेख में आगे जानते हैं कि अपूर्ण गर्भपात होने का क्या कारण है। इससे संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसकी असल वजह अज्ञात है। लेकिन ज्यादातर मामलों में क्रोमोसोमल एब्नार्मेलिटिज को जिम्मेदार माना जाता है। इसके इलाज के लिए मेडिकल व सर्जिकल ट्रीटमेंट उपलब्ध है। इसमें कॉम्प्लिकेशंस की संभावना बहुत कम है, लेकिन कई बार सेप्सिस से लेकर हेमोग्रापिक शोक, यूट्रीन रपचर से गंभीर स्थिति हो सकती है।

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अधूरा गर्भपात का  निदान । Diagnosis of Incomplete Abortion

लेख में ऊपर अधूरे गर्भपात के लक्षण बताए हैं। यदि आपको एबॉर्शन के बाद ये लक्षण नजर आते हैं, तो इसे गंभीरता से लें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। डॉक्टर इसके लिए अल्ट्रासाउंड कराते हैं, जिसमें गर्भपात पूरा हुआ है या नहीं, यह साफ हो जाता है।

अधूरा गर्भपात के उपचार । Treatment of Incomplete Abortion

अधूरे गर्भपात का तुरंत इलाज (अधूरा गर्भपात का इलाज) होना बहुत जरूरी है, नहीं तो यह जटिलताओं का कारण बन सकता है। कुछ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे समय में खुद से या मेडिकल स्टोर से दवा लेने की गलती न करें। इनकंप्लीट एबॉर्शन से इंफेक्शन, इंटरनल डैमेज और सीरियस प्रॉब्ल्म्स होने की संभावना अधिक होती है।

अपूर्ण गर्भपात के उपचार (अधूरा गर्भपात का इलाज) के लिए डॉक्टर शुरुआत में हार्मोनल दवाओं का सेवन करने के लिए कह सकते हैं। कई बार डॉक्टर को महिला के गर्भाशय से गर्भ का बचा हुआ अंश निकालने के लिए सर्जरी करनी पड़ती है। इसके लिए गर्भाशय से वैक्यूम एस्पिरेशन (vacuum aspiration) की मदद से गर्भ के बचे हुए हिस्से को बाहर निकाला जाता है। इसके साथ ही इंफेक्शन बढ़े नहीं, इसके लिए एंटीबायोटिक्स लिखकर दे सकते हैं।

अपूर्ण गर्भपात की दवा । Medicines for Incomplete Abortion

अपूर्ण गर्भपात की दवा की बात करें तो डॉक्टर कुछ हार्मोनल व एंटीबायोटिक्स लेने के लिए कहेंगे।कई महिलाएं इंटरनेट से जानकारी जुटा कर डॉक्टर की सलाह के बिना अपूर्ण गर्भपात की दवा का सेवन करने लगती हैं। ऐसा करना उनकी जान को खतरे में डाल सकता है। हमेशा डॉक्टर की देखरेख में ही दवा का सेवन करें। 

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अगर हमेशा गर्भपात हो जाता है, कंसीव करने के लिए क्या करें 

यदि आप कंसीव करने के बाद बार-बार अपना बच्चा खो देती हैं, तो अगली बार कंसीव करने से पहले आपको पूर्ण इलाज कराने की जरूरत है। इसके लिए एक अच्छे फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलें। वे आपका जरूरी टेस्ट कर बार-बार मिसकैरेज के पीछे की असल परेशानी क्या है, यह पता लगाएंगे। इसके लिए डॉक्टर हार्मोन व पोषक तत्वों की जांच करेंगे। महिला जब कंसीव करती है, तो उसके शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होनी चाहिए। निदान के लिए डॉक्टर द्वारा लिखे गए टेस्ट के बाद वे आपको जो परेशानी है उसके लिए दवा देंगे। 

एक्सपर्टस की मानें तो यदि कोई महिला बार-बार मिसकैरेज से जूझ रही है, तो वह दोबारा बच्चे के लिए कोशिश करने से पहले डॉक्टर से पूरा इलाज करवा लें। पहले परेशानी को दूर करें और फिर कंसीव करने का प्लान करें।

कई दफा पुरुष के शुक्राणुओं की गुणवत्ता की कमी के कारण महिला में बार-बार गर्भ के न ठहरने की दिक्कत होती है। ऐसे में डॉक्टर आपके पार्टनर का सीमन एनालिसिस करेंगे। कई बार महिला की ओवरी कमजोर होने के कारण महिला कंसीव तो कर लेती है, लेकिन बच्चा ठहर नहीं पाता। ऐसी परिस्थिति में डॉक्टर आईवीएफ करने की सलाह देते हैं। 

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निष्कर्ष। Conclusion

लेख में आपने अपूर्ण गर्भपात के बारे में हर एक छोटी से बड़ी बात के बारे में जाना। हम उम्मीद करते हैं इस मुद्दे को लेकर आपके मन में अब कोई संशय नहीं होगा। लेख में दिए गए लक्षण के नजर आने पर देरी न करें। साथ ही अपूर्ण गर्भपात की दवा का सेवन डॉक्टर की देखरेख में ही करें। यदि इससे संबंधित अभी भी आपका कोई सवाल है, तो आप इसे नीचे कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। इस तरह की अन्य जानकारी के लिए देश की नंबर वन पेरेंटिग एप बेबीचक्रा के साथ जुड़े रहें।

मूल चित्र स्रोत: पिक्सेल

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