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सिजेरियन डिलीवरी के बाद कैसी होनी चाहिए डाइट, एक्सपर्ट्स से जानें

सिजेरियन डिलीवरी के बाद कैसी होनी चाहिए डाइट, एक्सपर्ट्स से जानें

8 Aug 2022 | 1 min Read

Mona Narang

Author | 175 Articles

सिजेरियन डिलीवरी के दौरान एक महिला फिजिकल, इमोश्नल और मेंटल स्ट्रेस से गुजरती है। सी-सेक्शन ऑपरेशन में चीरा लगता है, जिसके बाद महिला का शरीर काफी कमजोर हो जाता है और टांकों को भी हील होने में समय लगता है। ऐसे में न्यू मॉम्स को पूरा आराम और सही डाइट लेने पर जोर दिया जाता है। इस लेख में सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाएं, इसके बारे में एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं, इससे जुड़ी जानकारी लेकर हाजिर हुए हैं।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद डाइट का क्या रोल है?- Role of Diet after after C-section in Hindi

सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाएं और क्या न खाएं
सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाएं/चित्र स्रोत: फ्रीपिक

सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाना चाहिए, इसे लेकर कम्यूनिटी एक्सपर्ट, डॉक्टर पूजा मराठे बताती हैं, सी-सेक्शन के बाद जल्दी रिकवरी और बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने के लिए माँ को सही मात्रा में पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेना बहुत जरूरी होता है। माँ को पौष्टिक के साथ-साथ ऐसी चीजों को आहार में शामिल करना होगा जिससे उन्हें पाचन व मल त्याग में आसानी हो। न्यू मदर्स को शुरुआत के दो दिन उबली हुई दाल, सूप, ओट्स खिचड़ी आदि का सेवन करना चाहिए। इसके बाद वे साबुत अनाज को आहार का हिस्सा बना सकती हैं।

सर्जरी से जल्दी रिकवर करने के लिए माँ का बैलेंस डाइट लेनी चाहिए। ऐसी किसी भी चीज का सेवन न करें जो पाचन संबंधित परेशानी का कारण बने या रिकवरी में बाधा उत्पन्न करे। इसके अलावा, माँ जो खाती है उसका सीधा संबंध बच्चे से होता है। बच्चे को पोषण माँ के दूध से मिलता है, जिस वजह से बच्चे का विकास माँ के आहार से जुड़ा होता है। ऐसे में माँ का पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लेना उनके खुद के व बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाएं-What to eat after C-section in Hindi?

डिलीवरी नॉर्मल हो या सिजेरियन, दोनों के बाद ही माँ को डाइट का खास ख्याल रखने की हिदायत दी जाती है। लेकिन, सी-सेक्शन में इसकी ज्यादा जरूरत होती है। लेख में नीचे सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाएं, इसके बारे में जानेंगे। 

1. फाइबर है जरूरी

डिलीवरी के बाद न्यू मॉम्स में कब्ज की समस्या बहुत कॉमन है। सी-सेक्शन के बाद महिलाओं को कब्ज होने पर टांकों के टूटने व जख्मों के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए, फाइबर युक्त सब्जियों व फलों को सलाद के रूप में आहार में शामिल करें। इससे कब्ज को दूर रखने में मदद हो सकती है।

2. कैल्शियम है अहम

प्रेग्नेंसी व स्तनपान के दौरान कैल्शियम जरूरी मिनरल्स में से एक माना जाता है। न्यू मॉम्स में मिल्क प्रोडक्शन के लिए कैल्शियम जरूरी होता है। यह बच्चे के दांतों व हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ मांसपेशियों को आराम देता है। कैल्शियम के लिए बीन्स, योगर्ट, सोयाबीन, मटर, गेंहू, बाजरा, रागी, टोफू, नारियल, कीवी, बादाम, मुनक्का आदि को डाइट में शामिल करें।

3. प्रोटीन को बनाए हिस्सा

डिलीवरी के बाद हीलिंग, नए टिश्यू सेल्स की ग्रोथ और मसल्स को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं को प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन करने के सलाह दी जाती है। इसके लिए अंडा, चिकन, फिश, मिल्क, चीज, मटर, नट्स, टोफू, दलिया आदि का सेवन करें।

4. विटामिन से भरपूर

स्तनपान कराने वाली महिलाओं में विटामिन की जरूरत बढ़ जाती है। उनके लिए विटामिन-ए, बी1, बी2, बी3, सी, फोलिक एसिड और बी12 आवश्यक होते हैं। इसमें विटामिन-सी इसमें सबसे अहम होता है। यह माँ और बच्चे दोनों के इम्यून सिस्टम को बूस्ट कर बैक्टीरिया से लड़ने के साथ तेजी से रिकवरी में मदद करता है। न्यू मॉम्स को रोजाना 120 मिलीग्राम विटामिन-सी लेने के लिए कहा जाता है। विटामिन युक्त डाइट के लिए पपीता, अंगूर, संतरा, ब्रोकली, मेलन, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकली, तरबूज, चकोतरा, शकरकंद आदि का सेवन करें।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या न खाएं

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद महिलाओं को किन चीजों से खासा दूरी बनाकर रखनी चाहिए, एक नजर इस पर डालते हैं:

  • ऐसे खाद्य जो थकान, आलस और रिकवरी को धीमा करते हैं, उनका सेवन करने से बचना चाहिए। 
  • जो चीजें पचने में समय लेती हैं, उनका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, कॉफी, टी, सिट्रस जूस और स्पाइसी फूड की सख्त मनाही होती है। ये गैस और ब्लोटिंग का कारण बन सकते हैं।
  • फर्मेंटेड और फ्राइड फूड खाने से सीने में जलन और अपच की समस्या हो सकती है।
  • ऐसी चीजें जो दूध को प्रभावित कर बच्चे के विकास में बाधा डालें, उनका सेवन न करें।
  • प्रसव के बाद शुरुआती दो महीने तक उड़द दाल, चना दाल, बेसन, राजमा आदि से परहेज करना चाहिए। इनके सेवन से गैस संबंधित परेशानी हो सकती है।
  • इसी तरह 40 दिन तक आलू, पत्तागोभी, प्याज का सेवन बंद होता है।
  • मछली में मर्करी होता है, जो शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। 
  • रॉ मीट व अधपकी सब्जियों का सेवन न करें।
  • एल्कोहॉल की सख्त मनाही होती है। इससे ब्रेस्टफीडिंग में बाधा उत्पन्न होने के साथ शिशु में विकास संबंधित परेशानी हो सकती है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद न्यू मदर्स को नॉर्मल डाइट पर वापस आने में थोड़ा समय लग सकता है। छह महीने तक सिर्फ होममेड फूड का ही सेवन करें। डॉक्टर द्वारा जिन चीजों के सेवन से मनाही की गई है, उसका सख्ती से पालन करें। समय पर खाना खाएं व एक बार में ज्यादा पॉर्शन में न लें। खाने को अच्छी तरह चबाकर खाएं, इससे पाचन में मदद होती है।

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