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प्रेगनेंसी ही नहीं, इन 5 कारणों से भी टल सकती है आपके पीरियड्स की डेट



QUICK BITES:

प्रेगनेंसी के अलावा कई कारणों से लेट हो सकता है पीरियड।



ज्यादा एंटीबायोटिक्स का सेवन हो सकता है पीरियड मिस होने की वजह।

आपका वजन भी हो सकता है पीरियड मिस होने की वजह।

पीरियड मिस हो जाए या लेट हो जाए, तो हर महिला का पहला ध्यान प्रेगनेंसी पर जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि केवल प्रेगनेंट होने पर ही पीरियड्स मिस हो सकते हैं, बल्कि ऐसी कई वजहें हैं, जिनके कारण आपके पीरियड्स लेट हो सकते हैं या मिस हो सकते हैं। इनमें से ज्यादातर कारणों के पीछे हार्मोनल बदलाव या कोई बीमारी होती है। महिलाओं में पीरियड्स यानी मासिक धर्म का एक चक्र होता है, तो तय समय के बाद पुनः आता है। मगर कई बार पीरियड्स मिस के प्रेगनेंसी के अलावा ये कारण भी हो सकते हैं-

थायरॉइड के कारण हार्मोनल असंतुलन

थायरॉइड एक ऐसी बीमारी है, जिसके कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो जाता है। आमतौर पर कम सक्रिय या ज्यादा सक्रिय होने के कारण शरीर में थायरॉक्सिन और अन्य हार्मोन्स का असंतुलन हो जाता है। हार्मोन्स का ये असंतुलन पीरियड्स मिस होने का कारण बन सकता है। कई बार इसके कारण आपके पीरियड्स की तारीख भी अनियमित हो सकती है। ऐसे में ब्‍लड टेस्‍ट करवाना ठीक रहता है, जिससे अनियमित माहवारी के कारणों का सही पता चल सके।

ज्यादा एंटीबायोटिक्स का सेवन

लंबी बीमारी और अधिक क्षमता वाली एंटीबायोटिक दवाएं भी माहवारी में चूक का कारण बन सकती है। यह एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्‍तर पर असर कर ऑव्युलेशन की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। अगर आपकी कोई बीमारी अनियमित माहवारी का कारण बनती है, तो आपको चिकित्‍सक की सलाह लेनी चाहिए।

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण

इस स्थिति मे महिलाओं के अंडाशय या ओवरी में छोटे सिस्ट्स यानी गांठ पैदा हो जाते हैं और ये सामान्य अण्डोत्सर्ग की प्रक्रिया को जटिल बना देते हैं। आमतौर पर जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है या जिनकी जीवनशैली अनियमित होती है। इसलिए अगर आपको ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपने डाक्‍टर से संपर्क करें।

वजन घटने-बढ़ने के कारण

वजन में उतार-चढ़ाव का असर भी माहवारी पर पड़ता है। वजन के अत्यधिक बढ़ने या वजन घटने से माहवारी चक्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और माहवारी अनियमित हो जाती है। सामान्य से अधिक वजन वाली महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन अधिक होने लगता है। एस्ट्रोजन हार्मोन के स्‍तर पर बदलाव आने से माहवारी अनियमित हो जाती है। यकीन मानिए आप वजन घटाकर इस समस्‍या पर काबू पा सकती हैं।

क्षमता से अधिक मेहनत करना

वजन घटाने के लिए अत्‍यधिक व्‍यायाम करने से माहवारी चक्र प्रभावित होता है। इसलिए वजन कम करने का कार्यक्रम धीरे-धीरे सही आहार और व्‍यायाम से शुरू करना चाहिए। बहुत अधिक एक्‍सरसाइज करने से हार्मोंन असंतुलित हो जाते है। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन आपकी मासिक धर्म प्रक्रिया को सामान्य रखने में मदद करते हैं लेकिन जरूरत से ज्यादा एक्‍सरसाइज करने से पीरियड्स में बदलाव आने लगता है।

Source:-google



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