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गर्भावस्था में पीठ व कमर दर्द होना एक आम बात है। करीब आधी से ज्यादा महिलाओं को;गर्भावस्था;के दौरान किसी-न-किसी समय कमर और पीठ दर्द की शिकायत होती है। अच्छी बात यह है कि इस तकलीफ को दूर करने और इसे एक दीर्घकालिक तकलीफ में बदलने से रोकने के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है।;

अगर, आपको गर्भावस्था में पीठ व कमर दर्द है, तो भी शिशु के जन्म के समय इसके प्रभाव को लेकर आप चिंतित न हों। अगर, सही इलाज लिया जाए, तो;प्रसवके समय पीठ दर्द के कारण परेशानी पैदा होना दुर्लभ है।

गर्भवती होने से पहले पीठ दर्द की समस्या से परेशान कुछ महिलाओं ने यहां तक पाया कि उनकी गर्भावस्था बढ़ने के साथ-साथ उन्हें दर्द में भी आराम मिलता गया।

गर्भावस्था में किस कारण से पीठ और कमर दर्द होता है?

अगर, आपका वजन सामान्य से अधिक है या फिर आप पहले भी गर्भवती हो चुकी हैं, तो आपको पीठ दर्द होने की संभावना अधिक रहती है। ज्यादा मेहनत वाले काम करने, पहले से ही पीठ के निचले हिस्से या श्रोणि में दर्द होने या फिर श्रोणि में चोट के कारण भी;गर्भावस्था;में पीठ दर्द हो सकता है।

गर्भावस्था के दौरान होने वाले पीठ और कमर दर्द को दो वर्गों में बांटा जा सकता है:;

सच्चा पीठ दर्द:;यह दर्द तब होता है, जब अस्थिबंध (हड्डियों को जोड़ने वाले सख्त और लचीले उत्तक), मांसपेशियों, डिस्क और जोड़ों पर निम्न कारणों से दबाव पड़ता है, जैसे कि:

गलत मुद्रा

सामान उठाने की गलत तकनीक

कमजोर या कसी हुई मांसपेशियां

चोट

अगर, आपको इस तरह का दर्द रहता है, तो हो सकता है कि गर्भवती होने के पहले से ही आपको यह दर्द रहा हो।

पीठ दर्द अक्सर दिन के खत्म होते-होते और अधिक तेज हो जाता है। लंबे समय तक खड़े रहने के कारण भी यह दर्द बढ़ता है। ऐसा आपकी मांसपेशियों में थकान और अस्थिबंधों पर आपके शरीर एवं शिशु का वजन पड़ने से होने वाले हल्के खिंचाव के कारण होता है।;

गर्भावस्था में कुछेक महिलाओं (100 में से करीब एक) को कटिस्नायुशूल (साइटिका) की समस्या भी हो जाती है। पीठ से पड़ने वाले दबाव या सूजन के कारण नितंब-तंत्रिका (साइटिक नर्व, जो पीठ के निचले हिस्से से पैरों तक जाती है) दर्द करने लगती है। इसके बाद यह दर्द तंत्रिका से नीचे पैरों तक पहुंच सकता है और इसकी वजह से आपको कमजोरी या चुभन वाला दर्द महसूस हो सकता है।

आम राय के विपरीत, साइटिका शिशु द्वारा किसी तंत्रिका पर दबाव डाले जाने के कारण नहीं होता है। अगर, आपको साइटिका है, तो इस बात की पूरी संभावना है कि आपके गर्भवती न होने पर भी यह दर्द आपको होता ही।

श्रोणि करधनी दर्द (पीजीपी):;यह दर्द पीठ के निचले हिस्से में होता है और यह श्रोणि अस्थि से शुरु होता है। इस तरह का दर्द गर्भावस्था के कारण होता है और इसका इलाज भी सामान्य पीठ दर्द से काफी अलग तरीके से करने की जरुरत होती है। पीठ दर्द में किए जाने वाले मानक उपचार आमतौर पर इस तरह के दर्द में काम नहीं करते। यहां तक कि ये दर्द को और बढ़ा भी सकते हैं।

अगर, आप आगे की ओर अपनी पुरोनितम्ब अस्थि (प्यूबिक बोन) पर या उसके चारों ओर दर्द महसूस करती हैं, तो हो सकता है आप;श्रोणी क्षेत्र में दर्द (एसपीडी);से पीड़ित हों। इसे कई बार श्रोणि हड्डियों का अलग होना भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जो श्रोणि क्षेत्र में विशेष उत्तकों से जुड़ी होती है।

क्या गर्भावस्था में पीठ दर्द से बचाव संभव है?

गर्भवती होने से पहले अगर आप यथासंभव स्वस्थ और सेहतमंद हों, तो गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द से बचाव में मदद मिल सकती है। अगर, आप गर्भवती हो गई हैं, तो भी अपनी सेहत पर ध्यान देने में अभी ज्यादा देर नहीं हुई है। नियमित व्यायाम से आप पीठ दर्द होने की संभावना कम कर सकती हैं। अगर, आपको व्यायाम करने की आदत नहीं है, तो धीरे-धीरे इसकी शुरुआत करें।

साथ ही, आप अपनी मुद्राओं पर भी ध्यान दें। आपके आगे की ओर झुके हुए कंधों के साथ आपकी पीठ का ऊपरी हिस्सा झुका हुआ नहीं होना चाहिए। कोशिश करें कि अपने कंधों को हमेशा पीछे की तरफ रखें और पीठ का ऊपरी हिस्सा एकदम सीधा रखें। साथ ही, पीठ के निचले हिस्से को भी अत्याधिक न मोड़ें।

अगर, आपको कुछ;भारी सामान;जैसे कि अपने बड़े बच्चे को या फिर गीले कपड़ों की बाल्टी उठाने की जरुरत है, तो उन्हें अपने शरीर के पास थामकर रखें। पीठ की बजाय अपने घुटनों को मोड़ें और कोशिश करें कि उठाते समय आप घूमें नही।;;

मैं अपनी पीठ और कमर दर्द को कैसे कम कर सकती हूं?

पीठ और कमर दर्द कम करने के लिए आप निम्नलिखित उपाय अपना सकती हैं, जैसे कि:

व्यायाम: श्रोणि मांसपेशियों और पेट के;व्यायामआपकी पीठ पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकते हैं। अपने हाथों और घुटनों के बल आ जाएं और अपनी पीठ को यथासंभव सपाट रखें। सांस अंदर लें और सांस बाहर छोड़ते समय अपनी श्रोणि मांसपेशियों को अंदर की तरफ भींचे। अपनी नाभि को भी अंदर और ऊपर की ओर खींचे। पांच से 10 सैकंड तक बिना अपनी सांस रोके और बिना अपनी कमर ऐसा करती रहें। व्यायाम के अंत में अपनी मांसपेशियों को थोड़ा आराम दें।;बिड़ालासन;(कैट स्ट्रेच पोज) भी इसमें फायदेमंद हो सकता है।

मालिश: मालिश करने से थकी और पीड़ाग्रस्त मांसपेशियों को आराम मिलता है। एक कुर्सी की पीठ के ऊपर से आगे की ओर झुकें या फिर करवट लेकर लेटें। अपने पति या माँ से पीठ के निचले हिस्से और रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ चलने वाली मांसपेशियों पर कोमलतापूर्वक मालिश करने के लिए कहें। एक प्रशिक्षित मालिश थैरेपिस्ट या फिजियोथेरेपिस्ट इसके आगे आपकी मदद कर सकते हैं।

सही मुद्रा:;अगर आपकी पूँछ-अस्थि (टेलबोन) पर दर्द है, तो सुनिश्चित कीजिए कि आप बैठते समय पसरने से बचें। अपनी पीठ को आगे की ओर उतना झुकाकर बैठें, जितना कि आरामदायक हो। एक कोमल गद्दी या गद्देदार घेर पर बैठने की कोशिश कीजिए।

तैराकी:;आपके यहां स्थानीय पूल या क्लब में विशेष एक्वानेटल कक्षाओं के आयोजन के बारे में पता करें। ये भी गर्भावस्था के दौरान पीठ व कमर दर्द को कम करने में कारगर हैं।

एक्यूपंक्चर:;सुनिश्चित करें कि आप किसी ऐसे प्रशिक्षक से एक्यूपंक्चर थैरेपी कराएं, जिन्हें गर्भावस्था में एक्यूपंक्चर के इस्तेमाल का प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त हो।

मां के लिए विशेष तकिया:;अपने पेट के नीचे पच्चर के आकार का तकिया लगाकर करवट लेकर लेटने से पीठ दर्द कम करने में मदद मिलती है।

ताप और पानी:;एक गर्म स्नान, एक गर्म पैक या फिर शावर से गर्म पानी का तेज प्रवाह, ये सभी पीठ दर्द कम करने में मदद कर सकते हैं।

सहारा देने वाली पट्टी:;ये पट्टी पेट की मांसपेशियों और पीठ पर पड़ने वाले आपके शिशु के कुछ वजन को अपने ऊपर ले लेती हैं। अपने लिए सही नाप की पट्टी के बारे में डॉक्टर से पूछें।

उचित जूते या सैंडल पहनें:;उचित सहारा देने वाले कम ऊंचे और आरामदायक जूते या सैंडल, आपकी पीठ के लिए हितकर हो सकते हैं। ऊंची ऐड़ी के सैंडल या जूते आपकी कमर के निचले हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव डालते हैं। इसकी वजह से वजन बढ़ने पर आपको पीठ दर्द शुरु हो सकता है। आपके शरीर में होने वाले परिवर्तन के कारण आपका गुरुत्वाकर्षण केंद्र भी बदलता है। इसलिए आपको ऊंची ऐड़ी के जूतों में सही तरह से संतुलन बनाने में मुश्किल हो सकती है।

टेन्स:;पीठ और कमर दर्द में राहत का यह एक सुरक्षित तरीका है। इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह और व्यायाम जैसे अन्य उपचारों के साथ ही करना बेहतर रहता है। टेन्स मशीन के इस्तेमाल के बारे में अपनी डॉक्टर से सलाह लें।

मुझे कब डॉक्टर से मदद मांगनी चाहिए?

अगर आपको लगता है कि आप पीजीपी या साइटिका से पीडि़त हैं, या अगर आपको पीठ दर्द है और उपर्युक्त उपाय सफल साबित नहीं हुए हैं, तो डॉक्टर से मुलाकात करना जरूरी है। वह आपको फिजियोथेरेपिस्ट से मिलने की सलाह दे सकती हैं।


neha Maheshwari

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बहुत अच्छा

Nice information

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helpful muje pith dard ki problem rehti he

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