Rewards
अपनी दुनिया खुद सजाओ अच्छा लगेगा

इक नया सपना तो जगाओ अच्छा लगेगा

गर गमला पत्थर का है तो भर मिटटी उसमें

बीज बोकर हरा पौधा उगाओ अच्छा लगेगा

माना ये तेज़ आंधियां बुझा देती है दीयों को

तुम नई बाती फिर से तो बनाओ अच्छा लगेगा

पंछियों की ऊंची उड़ान देख न घबरा जाना

भीतर सोती चाहों के पंख फैलाओ अच्छा लगेगा

सौ झूठ के सहारे बढ़ते जाते है लोग आगे

राज़ छुपाकर झूठे भी कहलाओ अच्छा लगेगा

©सुनीता पवार


👌👌👌

बहुत प्यारी पंक्तियां हैं

Thankyou Komal ji

बहुत ही सुंदर है..

Varsha Rao Roop Tara Isha Pal Sonam Patel durga salvi Kajal Kumari Swati upadhyay

Thankyou Isha, Komal & durga for your motivation

Nice line dear beautiful

Thankyou dear Roop

Thankyou Sarita ji

Thankyou Varsha ji

Thankyou Sonali ji

Bahut sundar

Vary nice line

Very beautiful lines and inspring......

Thankyou all of you


Scan QR Code
to open in App
Image
http://app.babychakra.com/feedpost/97336