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बच्चे के नाम से खोलें सेविंग अकाउंट, बचपन से डालें बचत की आदत
Oct 27, 2017, 06.36 PM IST
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प्रदीप यादव
नई दिल्ली. निवेश गुरू वॉरेन बफेट का कहना है कि उन्होंने पहला शेयर 11 साल की उम्र में खरीदा था. तो भी उनको इस बात का मलाल है कि उन्हें थोड़ा और पहले अपनी बचत शुरू करनी चाहिए थी. बच्चों में वित्तीय अनुशासन लाने के लिए जरूरी है कि उनमें बचपन से ही बचत की आदत डाली जाये. बचत खाता बच्चों के लिए बड़ी गुल्लक की तरह है. बस गुल्लक में पड़े पैसों पर ब्याज नहीं मिलता जबकि बचत खाते पर बैंक ब्याज देते हैं. आरबीआई के नियम के मुताबिक, अब 10 वर्ष से ज्यादा आयु वाले बच्चे भी बैंकों में बचत खाता खोल सकते हैं और चाहें तो अपने आप ही उसका संचालन भी कर सकते हैं.
एसबीआई का 'पहला कदम पहली उड़ान'
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने बच्चों के लिए 2 बचत खाते पेश किए है. ये स्कीमें हैं पहला कदम और पहली उड़ान. पहला कदम के तहत बैंक बचत खाता खुलवाने के लिए जरूरी है कि बच्चें की उम्र कुछ महीने से लेकर 18 साल के बीच होना चाहिए.
भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक (रिटेल बैकिंग) एसके भारती का कहना है कि ''पहला कदम' बचत खाता ज्वाइंट अकाउंट है, इसमें बच्चा प्राइमरी अकाउंट होल्डर होता है. माता-पिता या अभिवावक दूसरे अकाउंट होल्डर होते हैं. इसमें न्यूनतम बैलेंस रखने का भी झंझट नहीं है. इसमें बच्चे को चेकबुक और मोबाइल बैकिंग की भी सुविधा मिलती है. पहली उड़ान बचत खाता खोलने के लिए बच्चें की उम्र 15 साल से ऊपर और 18 साल के कम होनी जरूरी है. पहली उड़ान बचत खाता सिंगली ऑपरेटेड है.
निवेश से संबंधित टिप्स और जानकारियां
एचडीएफसी बैंक-किड्स एडवांटेज सेविंग अकाउंट
ऐसे व्यक्ति जिनका बैंक खाता एचडीएफसी बैंक में है वो अपने बच्चों का किड्स एडवांटेज अकाउंट खोल सकते हैं. इसे खोलने के लिए बच्चा नाबालिग होना जरूरी है. इसमें जरूरी निर्देश देना पड़ता है कि बैंक आपके खाते से हर महीने निश्चित रकम बच्चे के खाता में ट्रांसफर कर दी जाये.
इसके अलावा मिनिमम बैलेंस भी मेनटेन करना होता है. इस बचत खाते की खास बात यह है कि इसमें एक लाख रुपये फ्री एजुकेशन बीमा के तौर पर मिलता है. यह बीमा की राशि तब मिलती है जबकि आपके माता-पिता की मृत्यु सड़क, रेल, हवाई यात्रा के दौरान हो जाती है. बैंक एटीएम कार्ड मुहैया कराते हैं. यह एटीएम कार्ड 7 से 18 साल के बच्चों को दिया जाता है. लेकिन इसमें बैंक माता-पिता की परमीशन लेता है.
इसमें आपका बच्चा एटीएम से 2500 रुपये तक निकाल सकता है और 10 हजार तक मर्चेंट लोकेशन पर रोजाना खर्च कर सकता है. जैसे ही किड्स एडंवांटेज में बैलैंस 25 हजार के पार पहुंच जाता है तो स्वत: आपके बच्चे के नाम से 1 साल 1 दिन की एफडी में चला जाता है.
आईसीआईसीआई यंग स्टार्स
यह बचत खाता ऐसे बच्चों का खुलता है, जिन बच्चों की उम्र 1 दिन से 18 साल के बीच है. बच्चों का खाता खुलवाने के लिए जरूरी है कि माता-पिता और अभिवावक के लिए खाता भी इसी बैंक में हो.
आईसीआईसीआई स्मार्ट स्टार अकाउंट
स्मार्ट स्टार अकाउंट10 साल ज्यादा उम्र के बच्चों का खुलता है. इसमें बच्चे की खाते को ऑपरेट करते हैं. इसमें 2500 रुपये औसत मंथली बैलेंस रखना जरूरी होता है.
कोटक बैंक- माय जूनियर अकाउंट
कोटक बैंक देश का इकलौता बैंक है जो बच्चों के बचत खातों पर 6 फीसदी सालाना ब्याज ऑफर करता है. इसमें 10 साल की रिकरिंग डिपॉजिट का भी विकल्प मिलता है. बैंक जूनियर आईडी भी आफर करता है. बुक वाउचर, मूवी टिकट और डिस्काउंट वाउचर की सुविधा देता है. इसमें डेबिट कार्ड 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को दिया जाता है. इसमें कैश निकासी की सीमा महज 5000 रुपये हैं.
आईडीबीआई बैंक-पावर किड्स अकाउंट
इसमें 500 रुपये का न्यूनत बैलेंस जरूरी है. औसत तिमाही बैलेंस मेनेटेन न रखने पर कोई चार्ज नहीं लगता है, चेकबुक, पासबुक, एटीएम बिना पैसा चुकाए सुविधा मिलती है. हर महीने 2000 रुपये निकासी की सुविधा है. अगर बच्चे की उम्र 10 साल से 18 साल के बीच है तो वह खुद बैंक खाते को संचालित कर सकता है.
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बच्चों का बचत खाता खोलने के 5 फायदे
1-माता-पिता या अभिवावक की आकस्मिक मौत पर फ्री एजुकेशन बीमा
2-एटीएम माता-पिता के परमीशन पर ही जारी होते हैं
3-मुफ्त में नेटबैकिंग की सुविधा मिलती है
4-मोबाइल बैकिंग की सुविधा से घर बैठे आप अपने बच्चे का खाता ट्रैक कर सकते हैं
5- बच्चों में वितीय अनुशासन पैदा होता है
बच्चों के ट्रांजेक्शंस पर रखें नजर
पैरेंट्स को बच्चों की ट्रांजेक्शंस पर नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए, जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि वे पैसा सही तरीके से खर्च कर रहे हैं.


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