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Mujhe kya kahna chaiye kaise dhayn rakhna chaiye kya chize nhi karni chaiye in all because this is my 1st baby so
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MISSES CHIRANIA
14 Nov 2018
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Durga salvi
<u>Ok</u>
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14 Nov 2018
MISSES CHIRANIA
Agar aapse personal chat karna ho tho
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14 Nov 2018
Durga salvi
इनका रखें सबसे ज्यादा ख्याल;<br> डॉक्टरों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में ज्यादा भीड़भाड़, प्रदूषण और रेडिएशन वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर ट्रैवलिंग करने से भी बचें। मॉर्निंग सिकनेस से बचने के लिए नींबू-पानी या अदरक की चाय पी जा सकती हैं। दिनभर में चार या पांच बार तरल चीजें, जैसे छाछ, नींबू-पानी, नारियल पानी, फलों का जूस या शेक पीएं। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। इन तीन महीनों में बच्चे के अंग बनने शुरू होते हैं। ऐसे में खाने की मात्रा से ज्यादा उसकी क्वॉलिटी पर ध्यान देना जरूरी है।; तैयार करें डाइट चार्ट;<br> शुरुआती तीन महीनों में प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर चीजें ज्यादा खानी चाहिए। अपने खाने में दाल, पनीर, अंडा, नॉनवेज, सोयाबीन, दूध, दही, पालक, गुड़, अनार, चना, पोहा, मुरमुरे को शामिल करें। फल और हरी पत्तेदार सब्जियां भी खूब खाएं। शरीर में पानी की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, क्योंकि डिलिवरी के वक्त काफी खून की जरूरत पड़ती है। बच्चा भी फ्लूइड में ही रहता है। हर 2 से 3 घंटों में नियमित मात्रा में कुछ ना कुछ जरूर खाते रहें। बच्चे के सही विकास के लिए आपको अपना वजन भी पहले तीन महीनों में आधा से लेकर 2 किलो तक बढ़ाना चाहिए।; ओमेगा होना चाहिए आहार में;<br> बच्चे के मस्तिष्क, तंत्रिका प्रणाली और आंखों के विकास के लिए अपने आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड के सेवन को भी बढाएं। बच्चे के दिमाग के विकास के लिए ओमेगा-3 और ओमेगा-6 बहुत जरूरी है। फिश लिवर ऑयल, ड्राइफ्रूट्स, हरी पत्तेदार सब्जियों और सरसों के तेल में यह अच्छी मात्रा में मिलते हैं। आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां खाना भी शुरू कर दें। इससे शरीर में खून की कमी नहीं होती है।; शुरुआती 3 महीनों में इनसे बचें;<br> - कई बार महिलाएं;डॉक्टर की सलाह;लिए बिना कुछ दवाइयां खाना भी शुरू कर देती हैं। लेकिन दवा के गर्भनाल के माध्यम से बच्चे के खून में प्रवेश करने की आशंका रहती है। इसलिए पहले तीन महीनों में डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा ना खाएं।; - इस दौरान कच्चे मांस, कच्चे अंडे और पनीर के सेवन से भी पहरेज करें, क्योंकि इनमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया आपके शिशु की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।; - बड़े शहरों में प्रदूषण की समस्या बेहद गंभीर है। हवा में फैले हानिकारक कणों के चलते गर्भपात की आशंका भी बनी रहती है।; - शराब और सिगरेट का सेवन न करें। सिगरेट पीने वालों से भी दूर रहें। शराब गर्भनाल के माध्यम से बच्चे के खून में प्रवेश करके उसके शारीरिक और मानसिक विकास में कई तरह की बाधाएं पैदा कर सकती है।; - तनाव भी आपके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। गर्भावस्था की शुरुआत में कई कारणों के चलते कई महिलाएं तनाव में रहने लगती हैं, जिसका बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसके चलते कई बार गर्भपात भी हो जाता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान जितना
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14 Nov 2018
Durga salvi
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14 Nov 2018