Q:

Meri baby sham ko bhut jyada roti hai kya kru ki vo jyada na roye
Vo Abhi 5 mhine ķi hai



बच्चे के रोने का पहला कारण भूख हो सकती है। नवजात शिशु का पाचन तंत्र इतना छोटा होता है कि हर दो तीन घंटे में उसे आहार की ज़रूरत होती है। भूख लगने पर कुछ बच्चे बेहद परेशान हो जाते हैं। जब तक आप उनके इशारे को समझ कर दूध देने का प्रयास करती हैं तब तक वे रोते रोते दूध के साथ हवा भी ले लेते है जिसके कारण उन्हें उल्टी और गैस आदि की तकलीफ़ हो सकती है।


इसलिए जब तक आप उनके इशारों को समझ नहीं पाती तब तक उनके रोते ही तुरन्त दूध पिलाएँ। भले ही आपने कुछ देर पहले ही क्यों न दूध पिलाया हो। अगर वह थोड़ा दूध पीते ही छोड़ दे तो समझ जाएँ कि उसके रोने का कारण कुछ और है। दूध पिलाने / स्तनपान के तुरन्त बाद बच्चे को बिस्तर पर न लिटाएँ। उसे कंधे पर लेकर थपकी देकर डकार दिलाने की कोशिश करे। ऐसा न करने पर दूध शिशु की श्वास नली से होता हुआ फेफड़ो में प्रवेश करता है।


बच्चा अपने माँ के स्पर्श को अच्छे से महसूस कर सकता है। हो सकता है जब आपका बच्चा रो रहा हो तो वो आप से यह चाहता हो कि आप उसे गोद में उठा लें, उसे दुलारे पुचकारें। इसलिए आप अपने सारे काम को कुछ देर के लिए टाल दीजिए और बच्चे को बाँहों में उठाकर झूला झुलाएँ और लोरी सुनाए। जब आप अपने बच्चे को गोदी में उठाती हैं तो आपके शरीर की गर्माहट और आपकी धड़कन उसे बेहद सुकून देती;

अगर बच्चे की नैपी गीली हो गयी हो तो उसे फ़ौरन बदल दें। गीली नैपी से पड़ने वाले रैसेज़ भी बच्चे के रोने का कारण बन सकते हैं।


बहुत अधिक गर्मी या ठंडी होने पर भी बच्चा रोकर अपनी परेशानी जताता है बच्चे के पेट को छूकर इस बात का अंदाज़ा लगाने का प्रयास करें कि उसे ठण्ड या गर्मी तो नहीं लग रही है। फिर उसी के अनुरूप उसके कपड़े कम या ज़्यादा करे दें।

यदि आपके कमरे में एअर कंडीश्नर लगा है तो रूप टेम्परेचर से अधिक या कम तापमान न होने दें। तापमान में उतार चढ़ाव से बच्चा रोने लगता है और बीमार भी पड़ सकता है।