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Q:

Mere wife ke kamar me kafi taklif hai iski kya wajah ho sakti hai



गर्भावस्था में स्त्रियों के शरीर का वजन बढ़ता चला जाता है जिसका प्रभाव स्त्री की मांसपेशियों और मुख्य रूप से कमर की हडि्डयों पर पड़ता है। स्त्री के शरीर में;कमर दर्द;होने का कारण कैल्शियम और प्रोटीन का कम मात्रा में होना है। इस कारण गर्भावस्था के दौरान स्त्री के भोजन में;कैल्शियम;तथा;प्रोटीन;की मात्रा अधिक होनी चाहिए और समय के अनुसार उसे हल्का व्यायाम करना चाहिए। शरीर का वजन सन्तुलित रखना चाहिए। स्त्री को गर्भावस्था के दौरान झुककर कार्य नहीं करना चाहिए। यह भी कमर दर्द का एक प्रमुख कारण होता है। शरीर का वजन दोनों पैरों पर एक समान मात्रा में रखना चाहिए तथा मांसपेशियों को खींचकर हल्का व्यायाम करना चाहिए। सोते या लेटते समय एक छोटा तकिया कमर के नीचे कुछ समय के लिए लगाया जा सकता है। इससे स्त्री को आराम और राहत मिलती है। स्त्री को सोते समय ढीले और सूती कपड़े पहनने चाहिए।

प्रेगनेंसी में इन वजहों से होता है कमर दर्द और इसे ऐसे कम किया जा सकता है
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