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Q:

Meri patni ka 8 mahina chal rha h

Or uske Kamar or pith me dard h

To my ye oil use kr skta hu



हैलो
आप चिंता मत करिए आप हल्के हाथों से मालिश कर सकते हैं।
आमतौर पर गर्भावस्था में स्त्रियों के शरीर का वजन बढ़ता चला जाता है जिसका प्रभाव स्त्री की मांसपेशियों और मुख्य रूप से कमर की हडि्डयों पर पड़ता है। स्त्री के शरीर में;कमर दर्द;होने का कारण कैल्शियम और प्रोटीन का कम मात्रा में होना है। इस कारण गर्भावस्था के दौरान स्त्री के भोजन में;कैल्शियम;तथा;प्रोटीन;की मात्रा अधिक होनी चाहिए और समय के अनुसार उसे हल्का व्यायाम करना चाहिए। शरीर का वजन सन्तुलित रखना चाहिए। स्त्री को गर्भावस्था के दौरान झुककर कार्य नहीं करना चाहिए। यह भी कमर दर्द का एक प्रमुख कारण होता है। शरीर का वजन दोनों पैरों पर एक समान मात्रा में रखना चाहिए तथा मांसपेशियों को खींचकर हल्का व्यायाम करना चाहिए। सोते या लेटते समय एक छोटा तकिया कमर के नीचे कुछ समय के लिए लगाया जा सकता है। इससे स्त्री को आराम और राहत मिलती है। स्त्री को सोते समय ढीले और सूती कपड़े पहनने चाहिए।

प्रेगनेंसी में इन वजहों से होता है कमर दर्द और इसे ऐसे कम किया जा सकता है
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