Q:

Face pe bhut pimple hone lge hain.reason & rameady plz



Dekha jaye to pimple ka koi elaj nhi hai khana pan ki aadto ko badal kar enko roka ja sakta hai jayda teliy bhojan na kare pimple ko fode nhi jitna unko fodoge utna jayda honge parkrtik fasewaish ka upyog kare jese multani mitti gulab jal aadi

Dekha jaye to pimple ka koi elaj nhi hai khana pan ki aadto ko badal kar enko roka ja sakta hai jayda teliy bhojan na kare pimple kob fode nhi jitna unko fodoge utna jayda honge parkrtik fasewaish ka upyog kare jese multani mitti gulab jal aadi

गर्भावस्था में मुंहासे होने का कारण सिर्फ हार्मोंस परिवर्तन ही नहीं बल्कि खानपान भी हो सकता है।



गर्भावस्था में सही जीवनशैली न होने, अधिक पानी न पीने, समय से न सोने, त्वचा को पूर्ण पोषण न देने, व्यायाम-योगाभ्यास न करने, पौष्टिक आहार न लेने इत्यादि से भी मुंहासे की समस्या पनप सकती है।



मुंहासों से बचने के लिए गर्भावस्था में साफ-सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए।



मुंहासों से बचने के लिए आपको दिन में कई बार चेहरे को साफ पानी से धोना चाहिए। चेहरे पर उपयुक्त मॉश्चराइजिंग लोशन या क्रीम लगानी चाहिए।



खानपान में जंकफूड और तैलीय भोजन को कम से कम खाना चाहिए। तैलीय खाद्य पदार्थ भी गर्भावस्था में मुंहासों के लिए जिम्मेदार हो सकते है।



सुबह-सुबह दौड़ना और सैर करना भी त्वचा के लिए अच्छा रहता है।



मुंहासों को दूर करने के लिए समय-समय पर क्लींजिंग करवाते रहना चाहिए।



गर्भावस्था के दौरान मुंहासों से बचने के लिए बाहर निकलते समय चेहरे को कवर करना चाहिए और धूल-मिट्टी से बचाना चाहिए।



मुंहासे होने पर उपचार के समय चेहरे पर कोई दाग-धब्बे न पड़े इसके लिए मुंहासों की जगह बार-बार हाथ नहीं लगाना चाहिए। इससे त्वचा संक्रमण का खतरा भी हो सकता है।



मुंहासों को दूर करने के लिए घरेलू उपाय भी अपना सकती हैं। दूध, बेसन, हल्दी, चंदन, मुलतानी मिट्टी इत्यादि के लेप घर पर ही बनाकर मुंहासों का इलाज कर सकती है।



गर्भावस्था में मुंहासों से बचने के लिए मेकअप का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। अगर इस्तेमाल करें भी तो वाटरप्रूफ और हल्का मेकअप ही करें।



मुंहासे होने पर बहुत अधिक तनाव न पालें इससे आपकी सेहत पर भी असर पड़ेगा।



खाने में फल-सब्जियां, रेशेदार फाइबरयुक्त भोजन, विटामिन-प्रोटीन इत्यादि का खास ध्यान रखें और सलाद इत्यादि भी खाएं।



मुंहासों को दूर करने के लिए पानी पीने की मात्रा बढ़ा दें। दिन में कम से कम 12-13 गिलास पानी पीएं।

गर्भावस्था में मुंहासे होने का कारण सिर्फ हार्मोंस परिवर्तन ही नहीं बल्कि खानपान भी हो सकता है।



गर्भावस्था में सही जीवनशैली न होने, अधिक पानी न पीने, समय से न सोने, त्वचा को पूर्ण पोषण न देने, व्यायाम-योगाभ्यास न करने, पौष्टिक आहार न लेने इत्यादि से भी मुंहासे की समस्या पनप सकती है।



मुंहासों से बचने के लिए गर्भावस्था में साफ-सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए।



मुंहासों से बचने के लिए आपको दिन में कई बार चेहरे को साफ पानी से धोना चाहिए। चेहरे पर उपयुक्त मॉश्चराइजिंग लोशन या क्रीम लगानी चाहिए।



खानपान में जंकफूड और तैलीय भोजन को कम से कम खाना चाहिए। तैलीय खाद्य पदार्थ भी गर्भावस्था में मुंहासों के लिए जिम्मेदार हो सकते है।



सुबह-सुबह दौड़ना और सैर करना भी त्वचा के लिए अच्छा रहता है।



मुंहासों को दूर करने के लिए समय-समय पर क्लींजिंग करवाते रहना चाहिए।



गर्भावस्था के दौरान मुंहासों से बचने के लिए बाहर निकलते समय चेहरे को कवर करना चाहिए और धूल-मिट्टी से बचाना चाहिए।



मुंहासे होने पर उपचार के समय चेहरे पर कोई दाग-धब्बे न पड़े इसके लिए मुंहासों की जगह बार-बार हाथ नहीं लगाना चाहिए। इससे त्वचा संक्रमण का खतरा भी हो सकता है।



मुंहासों को दूर करने के लिए घरेलू उपाय भी अपना सकती हैं। दूध, बेसन, हल्दी, चंदन, मुलतानी मिट्टी इत्यादि के लेप घर पर ही बनाकर मुंहासों का इलाज कर सकती है।



गर्भावस्था में मुंहासों से बचने के लिए मेकअप का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। अगर इस्तेमाल करें भी तो वाटरप्रूफ और हल्का मेकअप ही करें।



मुंहासे होने पर बहुत अधिक तनाव न पालें इससे आपकी सेहत पर भी असर पड़ेगा।



खाने में फल-सब्जियां, रेशेदार फाइबरयुक्त भोजन, विटामिन-प्रोटीन इत्यादि का खास ध्यान रखें और सलाद इत्यादि भी खाएं।



मुंहासों को दूर करने के लिए पानी पीने की मात्रा बढ़ा दें। दिन में कम से कम 12-13 गिलास पानी पीएं।

गर्भावस्था में मुंहासे होने का कारण सिर्फ हार्मोंस परिवर्तन ही नहीं बल्कि खानपान भी हो सकता है।



गर्भावस्था में सही जीवनशैली न होने, अधिक पानी न पीने, समय से न सोने, त्वचा को पूर्ण पोषण न देने, व्यायाम-योगाभ्यास न करने, पौष्टिक आहार न लेने इत्यादि से भी मुंहासे की समस्या पनप सकती है।



मुंहासों से बचने के लिए गर्भावस्था में साफ-सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए।



मुंहासों से बचने के लिए आपको दिन में कई बार चेहरे को साफ पानी से धोना चाहिए। चेहरे पर उपयुक्त मॉश्चराइजिंग लोशन या क्रीम लगानी चाहिए।



खानपान में जंकफूड और तैलीय भोजन को कम से कम खाना चाहिए। तैलीय खाद्य पदार्थ भी गर्भावस्था में मुंहासों के लिए जिम्मेदार हो सकते है।



सुबह-सुबह दौड़ना और सैर करना भी त्वचा के लिए अच्छा रहता है।



मुंहासों को दूर करने के लिए समय-समय पर क्लींजिंग करवाते रहना चाहिए।



गर्भावस्था के दौरान मुंहासों से बचने के लिए बाहर निकलते समय चेहरे को कवर करना चाहिए और धूल-मिट्टी से बचाना चाहिए।



मुंहासे होने पर उपचार के समय चेहरे पर कोई दाग-धब्बे न पड़े इसके लिए मुंहासों की जगह बार-बार हाथ नहीं लगाना चाहिए। इससे त्वचा संक्रमण का खतरा भी हो सकता है।



मुंहासों को दूर करने के लिए घरेलू उपाय भी अपना सकती हैं। दूध, बेसन, हल्दी, चंदन, मुलतानी मिट्टी इत्यादि के लेप घर पर ही बनाकर मुंहासों का इलाज कर सकती है।



गर्भावस्था में मुंहासों से बचने के लिए मेकअप का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। अगर इस्तेमाल करें भी तो वाटरप्रूफ और हल्का मेकअप ही करें।



मुंहासे होने पर बहुत अधिक तनाव न पालें इससे आपकी सेहत पर भी असर पड़ेगा।



खाने में फल-सब्जियां, रेशेदार फाइबरयुक्त भोजन, विटामिन-प्रोटीन इत्यादि का खास ध्यान रखें और सलाद इत्यादि भी खाएं।



मुंहासों को दूर करने के लिए पानी पीने की मात्रा बढ़ा दें। दिन में कम से कम 12-13 गिलास पानी पीएं।

गर्भावस्था में मुंहासे होने का कारण सिर्फ हार्मोंस परिवर्तन ही नहीं बल्कि खानपान भी हो सकता है।
गर्भावस्था में सही जीवनशैली न होने, अधिक पानी न पीने, समय से न सोने, त्वचा को पूर्ण पोषण न देने, व्यायाम-योगाभ्यास न करने, पौष्टिक आहार न लेने इत्यादि से भी मुंहासे की समस्या पनप सकती है।
मुंहासों से बचने के लिए गर्भावस्था में साफ-सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए।
मुंहासों से बचने के लिए आपको दिन में कई बार चेहरे को साफ पानी से धोना चाहिए। चेहरे पर उपयुक्त मॉश्चराइजिंग लोशन या क्रीम लगानी चाहिए।
खानपान में जंकफूड और तैलीय भोजन को कम से कम खाना चाहिए। तैलीय खाद्य पदार्थ भी गर्भावस्था में मुंहासों के लिए जिम्मेदार हो सकते है।
सुबह-सुबह दौड़ना और सैर करना भी त्वचा के लिए अच्छा रहता है।
मुंहासों को दूर करने के लिए समय-समय पर क्लींजिंग करवाते रहना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान मुंहासों से बचने के लिए बाहर निकलते समय चेहरे को कवर करना चाहिए और धूल-मिट्टी से बचाना चाहिए।
मुंहासे होने पर उपचार के समय चेहरे पर कोई दाग-धब्बे न पड़े इसके लिए मुंहासों की जगह बार-बार हाथ नहीं लगाना चाहिए। इससे त्वचा संक्रमण का खतरा भी हो सकता है।
मुंहासों को दूर करने के लिए घरेलू उपाय भी अपना सकती हैं। दूध, बेसन, हल्दी, चंदन, मुलतानी मिट्टी इत्यादि के लेप घर पर ही बनाकर मुंहासों का इलाज कर सकती है।
गर्भावस्था में मुंहासों से बचने के लिए मेकअप का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। अगर इस्तेमाल करें भी तो वाटरप्रूफ और हल्का मेकअप ही करें।
मुंहासे होने पर बहुत अधिक तनाव न पालें इससे आपकी सेहत पर भी असर पड़ेगा।
खाने में फल-सब्जियां, रेशेदार फाइबरयुक्त भोजन, विटामिन-प्रोटीन इत्यादि का खास ध्यान रखें और सलाद इत्यादि भी खाएं।
मुंहासों को दूर करने के लिए पानी पीने की मात्रा बढ़ा दें। दिन में कम से कम 12-13 गिलास पानी पीएं।


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