Q:

दो तीन दिन से हामारी बेबी तोराह है



hello... baccha tab jada rota h jab uske pet me gas ho....गैस हो सकता है अमित जी। आप हर फीड के बाद बच्चे कोअच्छे से डकार कराओ और थोड़े देर कंधे पर रखो। तुरंत बेड पर मत लेटाओ। अभी बेबी छोटा है बहुत। कल आप उसको एक बार डॉक्टर से दिखा दो और दवा ले लो। अभी आप उसके पेट पर नाभि के पास गोलाकार बनाते हुए मालिश करो। दोनों पैरों से साइकिलिंग करो उसके। देखो आराम मिलता है तोह। एक बार में अधिक मात्रा में भोजन न करें। इसकी बजाय पूरे दिन में कई छोटे-छोटे आहार लेती रहें। आराम से खाना खाएं, भोजन (और हवा) को गटके नहीं, बल्कि अच्छी तरह चबाकर खाएं। इससे आपके शरीर को भोजन को पचाने में मदद मिलेगी। सीधे बैठकर खाएं या पीएं, फिर चाहे आप थोड़ा सा स्नैक ही क्यों न खा रही हैं। ऐसा इसलिए ताकि भोजन को पचाते समय आपका पेट दब न रहा हो। सोडायुक्त पेयों का सेवन न करें। ढीले और आरामदेह कपड़े पहनें, ताकि आपकी कमर और पेट के आसपास से कपड़े तंग न हों। व्यायाम, यहां तक कि तेजी से टहलना (ब्रिस्क वॉक) भी आपके मंद पाचन तंत्र में सुधार ला सकता है। आराम और अच्छी श्वास तकनीकों के लिए;योगासन;करने के बारे में सोचें। कुछ लोगों को यदि हाइपरवेंटिलेशन का खतरा हो, तो वे अत्याधिक रोमांचित या परेशान होने पर अधिक हवा गटकने लगते हैं।; धूम्रमान न करें और चूइंग गम भी न खाएं। दोनों से ही अधिक सैलाइवा निकलता है, जिसका मतलब है और अधिक गटकना। वैसे भी बेहतर यही है कि गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान का सेवन न किया जाए, यह आपके शिशु के लिए नुकसानदेह है। जई (ओट्स) में सोल्यूबल फाइबर उच्च मात्रा में होता है, जो कि आसानी से पचा लिया जाता है। और इन्हें काफी फायदेमंद माना जाता है। जई और अल्सी के बीज गैस और फुलावट कम करने में मदद कर सकते हैं। परंपरागत रूप से, हींग, सौंफ और जीरा को गैस से राहत देने के लिए जाना जाता है और इनका इस्तेमाल भारतीय भोजनों में काफी किया जाता है।;इसके साथ ही आप डॉक्टर से सलाह लें