घर के बुज़ुर्ग एक वरदान होते हैं
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घर के बुज़ुर्ग एक वरदान होते हैं

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घर के बुज़ुर्ग एक वरदान होते हैं

मैं सदा से यह मानती आयी हूँ कि जहाँ तक घर के बड़े बुज़ुर्गों का प्रेम और आशीर्वाद मिलने की बात आती है वहां मैं अभागी रही हूँ | जब तक मैंने 1 से 10 तक गिनती सीखी, उससे पहले ही मेरे दादा दादी और नाना नानी का निधन हो चुका था |

 

मैंने हमेशा अपने दोस्तों और चचेरे भाई बहनों के दादा दादी और नाना नानी को उन्हें लाड़ प्यार करते देखा है |

 

कुछ चीज़ों का महत्त्व हमें उनके खो जाने के बाद ही पता चलता है |

भगवान की बड़ी कृपा दृष्टि है हमारे छोटे आदि पर जो उसे अपने दादा दादी और नानू का अशर्त प्यार मिलता है | वो उनकी आँखों का तारा है, उनका दिन शुरू और समाप्त आदि की किलकारियां और हँसी सुनते हुए ही होता है | जब माँ पिता की उम्र अधिक हो जाती है तो यह प्रत्यक्ष रूप से पता चल जाता है कि उनका संसार सिमट सा गया है और सिर्फ नाती पोतों के इर्द गिर्द ही घूमता रहता है | अचानक से माँ बाप दादा दादी बन जाते हैं | मैं अक्सर स्वयं से यह प्रश्न करती हूँ कि क्या यह सिर्फ एक ज़िम्मेदारी है या फिर नाती पोते होते ही इस ज़िम्मेदारी का एहसास स्वतः ही होने लग जाता है |

 

मैं उन्हें उनकी दूर दृष्टि के लिए अवश्य ही श्रेय देना चाहती हूँ, खासकर जब हमारे बच्चों के पालन पोषण की बात होती है | मैं भले ही उनके हर एक सोच और निर्णय से सहमत हों पर मैं उनकी जीवन के प्रति बुद्धिमता का काफ़ी हद तक स्वागत करती हूँ |

 

आदि की दादी ने बहुत ही सोचने वाली कही थी कि 'आदि हमारे लिए बहुत ही हर्ष, प्रेम और खुशियां लेकर आया है पर बदले में हम उसे क्या दे सकते हैं ?' जी हाँ, हम भी उसे हर्ष, प्रेम और खुशियां ही देंगे | आदि की दादी ने विस्तार से बताया कि माँ बाप और अभिभावक होने के नाते सिर्फ यही हमारा कर्त्तव्य नहीं है कि हम उसे हमेशा खुशियों और प्रेम भरे वातावरण में रखें अपितु हमें इस बात का ख्याल भी रखना है कि उसका पालन पोषण ऐसे हो जिससे उसे बुद्धिमान और सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार व्यक्ति बनने के अनेक अवसर मिलें | जब मैंने इस बारे में सोचा तो मुझे माँ या पिता जैसे शब्दों की गहराई का पता चला |

 

माँ बनना फिर भी आसान है पर एक ज़िम्मेदार माता पिता अथवा बुज़ुर्ग होने के लिए हममें क्षमा भाव होना बहुत ही ज़रूरी है |

 

प्रिय माँ, मुझे मेरी ज़िम्मेदारी और दूरदर्शिता, जो माँ होने के साथ आनी चाहिए, के प्रति आगाह करने के लिए बहुत  धन्यवाद् |

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