क्या आपका पति आपका परमेश्वर है ?

आज मैंने कुछ गलत तार छेड़ दिए हैं| शायद मैं बिस्तर की गलत दिशा से उठी थी (काश मुझे पता होता की सही जगह कौन सी होती है) | ऐसा लगता है जैसे मैं कुछ भी कहती हूँ वो मेरी सास को अच्छा नहीं लगता है और जो भी वो कहती हैं उससे मुझे बहुत परेशानी होती है|

 

ऐसा ही एक विषय खड़ा हो गया | मैंने पूरे मन से प्रयास किया कि किसी बहस से बचूं क्यूंकि मैं अपना मुँह बंद नहीं रख पाती हूँ | पर इस बार बात मुझे थाली में परोस कर दी गयी थी और मेरे पास कोई चारा नहीं था सिवाय उसे खाने के | पर मुझे वह बात पसंद नहीं आयी और मैं चुप नहीं रह पायी | बात यह थी कि उसकी सहेली का पति घर के हर काम में रोज़ उसकी मदद करता है | इसलिए बाकी की औरतें उसकी बुराई कर रही थीं कि अच्छा नहीं लगता कि आदमी घर के काम करे | मैं यह सब सुन कर चुप रही | वो मुस्कुरायी और फिर बोलने लगी कि अब तो उसका 12 वर्ष का बेटा चिल्ला रहा था "डैड, आप अब यह सब नहीं करेंगे" | बाकी की औरतें बहुत खुश थीं इस बात पर | ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि कोई राजकुमार सफ़ेद घोड़े पर आया था कैद में पड़ी राजकुमारी को बचाने | बस फिर क्या, बवाल मच गया, बहस भी हुई पर कोई फ़ायदा नहीं हुआ | सदियों पुराना बीज लोगों के दिमाग में बोया गया था और आज वह एक विशाल बरगद का पेड़ बन चूका था | चाहे कितनी भी आंधी चले, उसकी जड़ें मज़बूत ही रहती हैं |

 

मेरा सीधा सा सवाल था कि पुरुषों ने ऐसा क्या किया है कि उन्हें ईश्वर की तरह पूजना चाहिए ? क्या यह उचित है कि 12 वर्ष का बालक इस तरह पुरुष को सम्मान दे और देवी का अपमान करे ? बच्चों के कोमल मन में हम किस तरह के मूल्य भर रहे हैं ? क्या वह भी हमारे रूढ़िवादी अतीत का बोझ ढोयेंगे ? क्या वह बच्चा ऐसी बात कहता यदि उसकी माँ घर का काम कर रही होती ? कदापि नहीं | क्यूंकि हमारे समाज ने लिंग के आधार पर धारणाएं बना रखी हैं | एक नर बच्चे की माँ पर बड़ी ज़िम्मेदारी है कि उसका बेटा नारियों के प्रति संवेदनशील बने | भगवान् का शुक्र है इस बार के अपवाद भी हैं अन्यथा कल्पना चावला कभी अंतरिक्ष में न जा पाती और न ही संजीव कपूर कभी कुछ बना पाते |

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स्वस्थ जीवन

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Comments (9)



Deepti Kush

I agree with it

Asha Milind

I also agree

yogesh bachchhav

Is ke liye aap hi jimedar ...
Aap hi apani value kam kar rakhi he or bhagvan ko khoste ho.....
Yaha bhagvan kuch nahi karega kuch ko karna hoga....

Priyanka Maheshwari@Momzjourne

Yogesh ji, ismein khud jimmedar hone wali baat kahan se aayi.. yaha ti ek vichar dhara, ek mansikta ki baat ho rahi hai jiski jade itni mazboot hai ki use badalne mein waqt lagega.. aur badlaav aa bhi raha hai ya yun Kahe laaya bhi jaa raha hai... par abhi bhi kuch log usse anchuye hain.. isme khudki value kam karne ki baat kahan se aayi...

Priyanka Maheshwari@Momzjourne

Thank u Deepti Kush; AMD @ashamilind

yogesh bachchhav

Me aap ki bat se puri tar se sahmat hu but ye jab kabhi aahi bat hoti hai to hame sat dene wale kam or dabane wale jada milte hai ....
Survat ghar se hi hoti hai....
Par jo iska virodh kar ke aage bhadega vo jarur jitega . muskile aayegi wakt ke sat sub kuch badlega....
Magar apani soch ko mat badalne do....

SWETA KUMARI

Aaj v hamare samaj me aisi soch wale log h jo pati ko parmeshwar or patni ko dasi mante h
Magar aise logo ki kami v nai h jo apni soch or vaihvar se patni ka na sirf dil jitte h balki use wo maan samman dete h jo unka haq h
Sath hi na sirf aise pati jiwan ke har mod par apni patni ke kandhe se kandha mila kar chalte h balki patni ko apni parchhai mante h
Tb aise pati ko agar koi patni parmeshwar ka darja dil or atma se de to kya harz h

Pooja Yadav

This is so well written.

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