स्ट्रेच मार्क्स की टेंशन है? ये घरेलू तरीके अपनाओ और फ़्री हो जाओ

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स्ट्रेच मार्क्स की टेंशन है? ये घरेलू तरीके अपनाओ और फ़्री हो जाओ

माँ बनने से बड़ी ख़ुशी दुनिया में कई होंगी, लेकिन एक माँ के लिए उस पल से बढ़ कर कुछ नहीं, जब वो पहली बार अपने गर्भ में कुछ साँसें सुनती है. जब उसे पहली बार किसी जान के होने का एहसास होता है. कहा था न, माँ बनने का पल बड़ा ख़ास होता है.

 

ये पल एक नयी ज़िन्दगी की शुरुआत, ढेर सारी ख़ुशियों के साथ लेकर आता है बढ़ा हुआ वज़न, सूजे हुए पैर और जगह-जगह पर स्ट्रेच मार्क्स।

 

जी मचलाना/ मितली

शरीर में गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोन का स्टार काफ़ी बढ़ जाता है, जिस वजह से जी मचलाने लगता है. ज़्यादातर केस में 14 से 16 हफ़्तों के बीच में मॉर्निंग सिकनेस ठीक हो जाएगी। लेकिन कुछ महिलाओं में ये ज़्यादा समय तक रहती है.

 

इन घरेलू नुस्खों की मदद से इसे ठीक कर सकती हैं:

खाली पेट न रहें। जब भी मौका मिले, कम मात्रा में खाएँ। आपको उल्टी, उसके बाद भी क्योंकि ये शरीर को ताकत देगा।

दिन की शुरुआत किसी मीठी चीज़ से करें, इससे जी नहीं मचलाएगा। आप सुबह उठते ही बिस्कुट ले सकती हैं या फिर गुलकंद।

ज़्यादा ख़ुश्बू और फ्लेवर वाले पेस्ट का इस्तेमाल न करें, इनसे उबकाई ज़्यादा आती है. हलके फ्लेवर वाले पेस्ट बेहतर हैं.

नाश्ते में केला लेने से भी उल्टी नहीं आती. ये विटामिन बी से भरपूर होते हैं.

खट्टी-मीठी गोलियाँ अपने पास रखें। जब भी जी मचलाये, इन्हें चूस सकती हैं.

 

पैरों में सूजन

ये इसलिए होती है, क्योंकि गर्भावस्था की वजह से आपकी बॉडी ज़रूरत से ज़्यादा पानी स्टोर कर के रखती है. पैरों में सूजन गर्भावस्था में कॉमन है. हर महिला को ये आखरी तीन महीनों में होती है.

 

फ़ुटबाथ: गुनगुने पानी में नमक डाल तक अपने पैर थोड़ी देर ऐसे ही रखें। एप्सम सॉल्ट को भी पानी में मिला सकती हैं, इससे थकान उतरती है.

फ़ुट मसाज: फ़ुट मसाज भी आरामदायक होती है. आप जिससे भी फ़ुट मसाज करवाएं, ध्यान रखें कि वो ज़्यादा ज़ोर से प्रेस न करे. आपको रिलैक्स होने के लिए हल्की मसाज की ज़रूरत है.

 

अपने खाने में पोटासियम से भरपूर चीज़ों का इस्तेमाल करें। कीवी, अवोकेडो, केला इसमें रिच होते हैं और लंच से पहले वाली भूख के लिए बेस्ट हैं. पोटासियम शरीर में सॉल्ट-वॉटर रेश्यो बना कर रखता है.

 

ज़्यादा सूजन में अपने तलवों पर टेनिस बॉल या पानी की बोतल रोल करें। ये करते हुए बैठे रहें।  

 

ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं, ताकि शरीर में इसकी कमी न हो.

 

स्ट्रेच मार्क्स:

वज़न बढ़ने के कारण शरीर में स्ट्रेच मार्क्स होते हैं, ये ज़्यादातर पिंक, बैंगनी, लाल या सफ़ेद रंग के होते हैं. गर्भावस्था के दौरान ये सबसे पहले पेट, ब्रेस्ट और जाँघों के पास होते हैं.

 

तेल से मसाज: विटामिन ई से युक्त किसी भी तेल में थोड़ा मॉइस्चराइजर मिला कर मसाज करें। इससे स्किन स्मूथ होगी और स्ट्रेच मार्क्स हलके पड़ेंगे।

 

एलो वेरा जेल: एलो वेरा जेल को घुमावदार तरीके से लगाने से स्किन बेहतर होती है. बाजार में मिलने वाले जेल के बजाये, फ्रेश जेल का इस्तेमाल करें।

 

दूध,चीनी, नींबू: चीनी, नींबू और दूध से एक होममेड स्क्रब बनाएँ। इसके गोलाकार में घुमाते हुए स्क्रब करें और गुनगुने पानी से धो दें. बाद में मॉइस्चराइजर लगा दें.

 

आलू जूस: या तो आलू को थोड़ा कद्दूकस कर उसका जूस निकल लें या फिर दो टुकड़े कर एक-एक से स्ट्रेच मार्क्स वाली जगह पर मसाज करें। इसे सूखने दें और धो दें.  बाद में मॉइस्चराइजर लगा लें.

 

हर किसी की प्रेगनेंसी एक जैसी नहीं होती। लेकिन ये तय है कि आपको इन तीन में से एक प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है. घबराएँ नहीं, माँ बनने का इतना बड़ा रोल निभाने जा रही हो, ये तो छोटी-मोटी चीज़ें हैं.

 

हैप्पी प्रेगनेंसी!


डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गयी सूचना किसी भी तरह से डॉक्टरी सलाह, जाँच, ट्रीटमेंट से बढ़ कर नहीं है. हमेशा अपने डॉक्टर की  एडवाइस लें.   

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