प्रीनेटल क्लासेज़: प्रेगनेंसी से पहले और उसके बाद के लिए क्यों ज़रूरी हैं ये क्लासेज़

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प्रीनेटल क्लासेज़: प्रेगनेंसी से पहले और उसके बाद के लिए क्यों ज़रूरी हैं ये क्लासेज़

प्रेगनेंसी के समय हर माँ को सभी लोग जानकारी, हिदायत देने की कोशिश करते हैं, उसके पास अपनी प्रेगनेंसी से जुड़ी कई जानकारी, तौर-तरीकों का भंडार हो जाता है. इस जानकारी को सही तरह से इस्तेमाल करने में मदद करती हैं इस दौरान ली गयी क्लासेज़ (प्रीनेटल क्लासेज़). ये एक तरह से आपको डिलीवरी के लिए तैयार करते हैं.


गर्भावस्था के दौरान Classes लेना क्यों ज़रूरी है?


प्रेगनेंसी के समय हर माँ को सभी लोग जानकारी, हिदायत देने की कोशिश करते हैं, उसके पास अपनी प्रेगनेंसी से जुड़ी कई जानकारी, तौर-तरीकों का भंडार हो जाता है. इस जानकारी को सही तरह से इस्तेमाल करने में मदद करती हैं इस दौरान ली गयी क्लासेज़ (प्रीनेटल क्लासेज़). ये एक तरह से आपको डिलीवरी के लिए तैयार करते हैं. जब आप ये जान लेंगी कि आगे के महीनों में डिलीवरी के दौरान क्या होने वाला है, तो माँ बनने के अनुभव आपके लिए ज़्यादा आरामदायक होगा। इन क्लासेज़ में आप लेबर की जानकारी, ब्रीथिंग प्रक्रिया, बच्चे को फ़ीड कराने का सही तरीका, ये सभी चीज़ें जान सकती हैं.

 

एक अच्छा और अनुभवी प्रीनेटल एक्सपर्ट आपको ये बातें सिखाएगा/ सिखाएगी:

 

1. प्रीनेटल और पोस्ट-नेटल एक्सरसाइज़ (गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद की एक्सरसाइज़)

ये माँ को सही खाना और ख़ुराक चुनने के लिए ज़रूरी होता है. सही एक्सरसाइज़ और किस समय पर कौन सी एक्सरसाइज़ करनी है, ये जानना भी ज़रूरी है.

 

2. लेबर और जन्म के बारे में पूरी जानकारी

लेबर की प्रक्रिया, लेबर पेन में कब हॉस्पिटल जाना है, ये कैसा होता है, हॉस्पिटल जाते वक़्त अपने बैग में क्या सामान रखना है, इसे कैसे हैंडल करना है, ये सभी जानकरी एक माँ के लिए ज़रूरी है. साँस लेना, रिलैक्स करना भी उतना ही ज़रूरी है. इस दौरान आप ऐसी कई एक्सरसाइज़ सीखेंगी, जो आपको लेबर की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेंगी।

 

3. मेडिकल तौर-तरीके

नॉर्मल डिलीवरी और सीज़ेरियन डिलीवरी के फ़र्क को भी आप समझेंगी। लेबर न होने पर दर्द को आर्टिफिशल तरीके से Induce करना, किस वक़्त दर्द निवारक दवा लेना और कौन सी दवा लेना भी आप सीखेंगी।

 

4. स्तनपान

ये बच्चे के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है. जन्म से पहले ही आपको ये पता होना चाहिए कि डिलीवरी के फ़ौरन बाद आपको बच्चे को फ़ीड कैसे करना है. उसे किस अवस्था में दूध पिलाना है. फ़ीड कराते समय रिलैक्स करने की तकनीक।

 

5. नवजात की देखभाल
जन्म के बाद बच्चे की देखभाल में उसके लिए ज़रूरी खुराक और टीकों की जानकारी, उसके लिए किस तरह के कपड़े लेने हैं और उसकी ज़रूरतों को समझना है.

 

6. जन्म के बाद माँ की देखभाल

माँ को देखभाल की ज़रूरत सिर्फ़ बच्चे के जन्म तक ही नहीं, आगे भी होती है. इसमें जन्म के बाद सही-ग़लत को समझना, पोस्टपार्टम डिप्रेशन से जूझना, आगे फ़ैमिली प्लैन करना, एक्सरसाइज़ करना और बाकी ज़रूरी चीज़ें बताना भी है.

 

इन क्लासेज़ के और फ़ायदे:

1. ये गर्भावस्था से जुड़े हर डर को और शंकाओं को दूर करने में मदद करती हैं.
2. आप अपने जैसे बाक़ी कपल्स से मिलते हैं और एक रिश्ता बनता है.
3. आप अपने डर, शंकाओं को इंस्ट्रक्टर की मदद से दूर कर सकती हैं और इस बारे में ख़ुल कर बात कर सकती हैं.
4. सबसे ज़रूरी चीज़, इस वजह से आप प्रेगनेंसी से जुडी हर जानकारी लेती हैं, जो इस अनुभव को आपके लिए बेहतर बनाता है.

इस खूबसूरत सफ़र को अच्छे से  अनुभव करें और याद रखें कि चाहे आप कितनी ही तैयार क्यों न हों, माँ बनने का अनुभव कोई न कोई सरप्राइज़ लेकर ज़रूर आता है.

 

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