प्रेगनेंसी की पुष्टि के साथ कई सवाल भी जन्म लेते हैं. अपनी पहली प्रीनेटल विज़िट से पहले ये सब जानना ज़रूरी है

cover-image
प्रेगनेंसी की पुष्टि के साथ कई सवाल भी जन्म लेते हैं. अपनी पहली प्रीनेटल विज़िट से पहले ये सब जानना ज़रूरी है

तो आपका प्रेगनेंसी टेस्ट पॉज़िटिव निकला है. मुबारक हो! बेशक, आपके उत्साह की कोई सीमा नहीं होगी लेकिन अपनी पहली प्रीनेटल विज़िट को ले कर आप  चिंतित हैं. ये एक आम बात है क्योंकि किन चीज़ों की उम्मीद करनी चाहिए, इसके बारें में आपको कोई जानकारी नहीं.

 

प्रेगनेंसी की पुष्टि होते ही, डॉक्टर से मिलने से पहले आपके सभी सवालों का जवाब यहां है:

 

मैं पहली बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलने कब जाऊं?

अधिकांश महिलाओं को ये नहीं पता होता कि स्त्री रोग विशेषज्ञ से पहली बार कब मिला जाए. वैसे घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट पॉज़िटिव निकलने के बाद आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए. ये टेस्ट अक्सर तब करा जाता है जब पीरियड्स कम से कम एक हफ़्ते के समय से मिस हो जाते हैं. इस समय तक आप पहले ही 4-6 सप्ताह गर्भवती हो चुकी होती हैं!    

 

मैं एक स्त्री रोग विशेषज्ञ कैसे चुनूं?

यदि आप पहले एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिल मिल चुकी हैं, तो अपनी आसानी और आराम को देखते हुए उनसे फिर मिल सकती हैं. अगर आप अभी तक किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से नहीं मिली हैं, तो अपने परिवार या दोस्तों से पूछ सकते हैं. या आप Baby Chakra पर मां बनीं अनुभवी महिलाओं से भी अपने इलाक़े के स्त्री रोग विशेषज्ञों के बारे में रिव्यूज़ पढ़ सकती हैं.   



पहले प्रीनेटल दौरे में क्या होता है?

सबसे पहले तो आपका डॉक्टर फिर से प्रेगनेंसी टेस्ट दोहराएगा. और फिर...

  • आपके और आपके परिवार का मेडिकल इतिहास जानेगा.
  • पिछली प्रेगनेंसी और जन्म के बारे में पता करेगा.
  • आपके पार्टनर के स्वास्थ की जानकारी लेगा.
  • जांच करेगा कि क्या आपको प्रेगनेंसी के कोई लक्षण हैं जैसे मतली, योनि रक्तस्राव, ऐंठन जैसी असुविधाएं



डॉक्टर आपकी आख़री माहवारी की पहली तरीक़ से नियत तरीक़ का अंदाज़ा लगाते हैं.

 

ये ज़रूरी है कि आप कौनसी दवा खा रही हैं, किस चीज़ से एलर्जिक हैं और अपनी स्वास्थ से जुड़ी सारी बातें अपने डॉक्टर को बताएं.

 

इस समय पर, डॉक्टर सिर्फ़ आपको एक ही सप्लिमेंट खाने को कहेगा जो फ़ॉलिक एसिड है जिसे आपको नियमित तौर से लेना होगा ताकि आप अपने बच्चे को न्युरल ट्युब जैसी समस्याओं से बचा पाएं.

 

आपने सुना होगा कि आप पहली प्रीनेटल दौरे पर अपने बच्चे की दिल की धड़कन सुन सकते हैं. अगर आप ये धड़कनें नहीं सुन पाए तो चिंता न करें, क्योंकि ये  थोड़ा जल्दी हो सकता है.

 

कुछ डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करा सकते हैं और आप अपने बच्चे की एक झलक देख सकते हैं.

 

आप अपने डॉक्टर से अपनी सभी चिंताओं की चर्चा करें और उनसे प्रीनेटल केर के बारे में ज़रूर पूछें. साथ ही ये भी पता कर लें कि आने वाले महीनों में क्या होने की उम्मीदें हैं? हमारा सूचित रहना ही फ़ायदेमंद है.

 

डॉक्टर से संपर्क करने के लिए आपके पास एक आपातकालीन नंबर होना चाहिए. आपका डॉक्टर आपको कुछ बुनियादी देखभाल और सावधानी बरतने को भी कहेंगे.

 

पहले दो तिमाही में, अपने डॉक्टर से हर महीने ज़रूर मिलें. प्रत्येक मीटिंग से पहले अपने सभी संदेहों और प्रश्नों को नोट कर लें.

 

जैसे ही 28 सप्ताह पूरे हो जाएंगे, आपको अपने डॉक्टर से हर पंद्रह दिन पर और पैंतिस्वे सप्ताह से डेलिवरी तक हर सात दिन में एक बार अपने डॉक्टर से मिलना होगा.  

 

तो अगर आप भी मां बनने वाली हैं,  कैलेंडर पर निशान लगा लीजिये ताकि आपसे कोई भी अपॉइंटमेंट छूट न जाए. आख़िर, ये आपके बच्चे के स्वास्थ आउट तंदुरुस्ती के लिए है!

#garbhavastha #hindi
logo

Select Language

down - arrow
Personalizing BabyChakra just for you!
This may take a moment!