बच्चे के टीकाकरण की व्यापक सूचि

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बच्चे के टीकाकरण की व्यापक सूचि

हालाँकि आप अपने बच्चे को सूई  लेता देख अच्छा महसूस  नहीं करेंगे लेकिन ये गंभीर  स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।  

 

जन्म के वक़्त

आपके बच्चे के जन्म के तुरंत बाद, सुनिश्चित करें कि अस्पताल निम्नलिखित तीन टीके प्रदान करे।

 

 

बेसिलस कालमेटते- गुरियन (बी सी जी ):

बीसीजी टीका, छय  से सुरक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता  है, बच्चे के जन्म से जितना जल्दी हो सके ये टीका लगाने की सलाह दी जाती है।

 

हेपेटाइटिस बी :

हेपेटाइटिस बी टीके का तीन खुराक होता, पहला जन्म के बाद लगता है, दूसरा चार सप्ते के बाद और  तीसरा छः  महीने के बाद लगता है। ये टीका आपके बच्चे के जिगर को कैंसर से होने वाले छति से सुरक्षित कर सकता है।

 

मौखिक पोलियो टीका:

ये चार या दर्द रहित टीकाकरण की एक श्रृंखला है जो आपके बच्चे को जन्म से लेकर दो वर्ष की आयु तक दिया जाता है । एक नए माता-पिता को  अवगत होना चाहिए कि यदि टीकाकरण नहीं किया जाता है तो पोलियो पक्षाघात और स्थायी क्षति का कारण बन सकता है।

 

एक से दो महीने के बीच

यह समय है कि आप अपने बच्चे को चार टीकों के लिए डॉक्टर के पास ले कर जाए , जिसमें पहले उल्लेखित पोलियो  का अगला खुराक शामिल है। शेष तीन हैं:

 

डिप्थेरिआ,टेटनस, पर्टुसिस (डी टीए पी ):

जैसा कि नाम से पता चलता है, यह टीका डिप्थीरिया, टेटनस और काली  खांसी से बच्चों को सुरक्षा प्रदान करती है। डीटीएपी टीका इन घातक तीनों के खिलाफ प्रतिरक्षा का निर्माण करने में मदद करती है, जिससे आपके बच्चे की  कुशलतापूर्वक रक्षा होती है।

 

न्यूमोकॉकल कोंजूगेट वैक्सीन (पी सी वी १ ):

क्या  आपने कभी न्यूमोकोकल रोग के बारे में सुना है? यह तब होता है जब मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में कई संक्रमण होते हैं। लेकिन चिंता न करें, क्योंकि आप इसे पीसीवी १  टीकाकरण की मदद से रोक सकते हैं।

 

हेमोफिलस  इन्फ्लुएंजा बी (एच आई बी १):

शारीरिक संक्रमण, बहरापन, और अंग क्षति अविश्वसनीय रूप से घातक हैं, खासकर बच्चों के लिए। यदि एचआईबी बीमारी की देखभाल नहीं की जाती है तो इन सभी समस्याओं का कारण बन सकता है। तो, अपने बच्चे को छः से आठ सप्ताह की आयु के बीच  एचआईबी १ का टीका लगवाए।

 

२ से छः  माह के बीच

आपके बच्चे के विकास के इस चरण में  कोई नई टीका नही है। हालांकि, शिशुओं को अपनी पिछली टीकाकरण के अगले खुराक लेने की ज़रुरत है। इसमें मुख्य रूप से पोलियो, एच आई बी २ और पीसीवी २  शामिल हैं।

 

छः से नौ महीने के बिच

अब जब आपका बच्चा थोड़ा बड़ा है और प्रतिरक्षा प्राप्त करने लगा है, तो एक बड़ा टीका है जो आपकी सारी  चिंताओं को आराम देगी। ये है:

 

मीज़ल्स, मम्प्स और रूबेला (एम एम आर१):

एम एम आर१ खसरा, मम्प्स और रूबेला के लिए एक संयोजन टीकाकरण है जिसमें दो खुराक होते हैं। पहला खुराक  छह महीने की उम्र के आसपास दिया जाता है और दूसरा बच्चा चार साल की उम्र में दिया जाना चाहिए।

 

नौ  से बारह  महीने के बिच

जैसे ही आपका बच्चा अपने पहले जन्मदिन तक पहुंचता है, वहीं दो महत्वपूर्ण टीकाकरण होते हैं जिन्हें  बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए देना आवश्यक है। य़े हैं:

 

टाइफाइड कंजुगेट  टीका :

टायफाइड एक ऐसी बीमारी है जो दूषित परिवेश जैसे खाद्य, पानी और मानव अपशिष्ट के माध्यम से फैलती है। चूंकि आप बच्चे को  बाहरी वातावरण के संपर्क में आने से नहीं रोक सकते, इसलिए इस बीमारी के खिलाफ टीकाकरण करना सबसे सही उपाय है।

 

हेपेटाइटिस ए :

आपके बच्चे के जन्म के समय, आपने  हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण कराया होगा। हालांकि, तब से एक वर्ष हो चूका  है। तो,जिगर के किसी प्रकार के क्षति को खत्म करने के लिए, अब हेपेटाइटिस ए की सूई  का समय है।

 

अंतिम शब्द:

शिशुओं में  बीमारियों से लड़ने के लिए आवश्यक प्रतिरक्षा नहीं होती है। यही कारण है की टीका समय से दिलाना चाहिए ताकि बीमारियाँ  बच्चे के विकास और जीवनशैली में कोई बाधा ना डाल पाये । तो, बिना किसी इंतजार के , अपने फोन पर एक अनुस्मारक सेट करें और बच्चों के लिए टीकों की इस सूची को बुकमार्क करें ताकि आप समय पर अपने  बच्चे को टीका लगवाना न भूलें!

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