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क्या आपका बच्चा सार्वजनिक जगहों पर टैंट्रम्स (ज़िद) दिखता है ?

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क्या आपका बच्चा सार्वजनिक जगहों पर टैंट्रम्स (ज़िद) दिखता है ?

 

मेरा बच्चा हर किसी को आकर्षित करता  है, जो सुंदर आंखों से मुझे इतना प्यार के साथ  देखता है। उसकी किलकारियां और प्यार से मुझे गले लगाना और मुझे प्यार से चूमना , ये सब मेरा मन मोह लेता है । जैसा ही  आपको लगता है कि आप एकदम सही पेरेंटिंग कर रहे हैं, वहां एक उम्र आती है "विषम दो" (टेर्रिबल टू) । आइए इसका सामना करें- टैंट्रम के दौरान अपने आप को शांत  रखने के लिए बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है- और जब बच्चा टेंट्रम घर से बाहर दिखता है है तो यह और भी चुनौतीपूर्ण होता है।

 

इस विषय पर विस्तार से बताने से पहले मुझे एक घटना साझा करने दें । मेरे पति, लिटिल डी और मैं पास के चिड़ियाघर में गए थे और उन्होंने स्ट्रोलर में न बैठने के लिए ज़िद की । वह फुटपाथ पर बैठी और बहुत ज़ोर से  रोना शुरू कर दिया। हमने देखा कुछ लोग देख रहे हैं लेकिन यह ठीक है। मैं वहीँ खड़ी रही और उसे कुछ समय दिया और उससे पूछा कि वह क्या करना चाहती है। वह संवाद करने में असमर्थ थी लेकिन उसने तुरंत रोना बंद कर दिया और चलना शुरू कर दिया। यही वह समय था जब हमें एहसास हुआ कि वह चलना चाहती थी और स्ट्रोलर  में वापस बैठना नहीं चाहती थी। जब मैं यह कहती हूं तो मेरा विश्वास करें , वह लगभग 2 मील के लिए हमारे साथ चली !! क्या होता यदि मैंने उसे मजबूर कर स्ट्रोलर में बिठा दिया होता?

 

टोडलर वाली उम्र  किसी भी माता-पिता के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण हो सकती  है, और शायद बच्चे के लिए भी। वे अपने आसपास की दुनिया को समझने में मुश्किल समय से गुजर रहे होते  हैं। बच्चे के टैंट्रम्स उसके बचपन का एक हिस्सा और तथ्य हैं।

 

1 और ४ साल  के बीच के बच्चों के लिए टैंट्रम आम है क्योंकि उन्होंने अभी तक खुद को शांत करने का  कौशल विकसित नहीं किया है। इसके के पीछे कारण यह है कि वे जो भी चाहते हैं उसे संवाद में बता नहीं सकते हैं। भले ही वे संचार करने का प्रयास करें, हम समझने में असफल हो सकते हैं और यही उनको चीड़चिड़ा बनाता है ।

 

 जब बच्चा 1-2 वर्ष का होता है तो यह अनियंत्रित हो जाता है। वे डायपर बदलने, दूध, भोजन, खिलौने जैसी कई जरूरतों के लिए बात करने और ध्यान आकर्षित करने  की कोशिश करते या ऐसी वास्तु जिन्हें वे पसंद करते हैं या चाहते हैं की आप उस पर ध्यान दें लेकिन उनके पास पास होने के लिए भाषा कौशल नहीं है। यह निराशा पैदा करता है और वे चिड़चिड़ाहट में ज़िद कर बैठते हैं ।

 

 जब कोई बच्चा ध्यान देने के लिए कहता है, तो हमें हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम उन्हें बताएं कि आप उन्हें सुन चुके हैं। अगर वे आप उन्हें अनसुना करते  हैं तो यह टैंट्रम की शुरुआत है जिसे आप बाद में नियंत्रित नहीं कर सकते हैं।

 

 निम्नलिखित कुछ सुझाव हैं जो इस तरह के टैंट्रम्स  में आपकी मदद कर सकते हैं:

 

१) आपका उन्हें गले लगाना चमत्कार कर सकता  हैं। एक भी शब्द बोलने के बिना एक बार प्यार से गले लगाकर उन्हें शांत किया जा सकता है ।

२) सुनिश्चित करें कि आप उन्हें "नहीं" या "रोकें" शब्द समझाएं , ताकि जब कुछ सही न हो तो वे इन शब्दों से रुक जाएं ।

३)  हमेशा  "नहीं" शब्द का उपयोग न करें क्योंकि इससे इसका महत्व कम हो जाएगा।

४) जब आप उनके सामने खड़े हों या अपने बच्चे को पेन / पेंसिल दें और उन्हें एक ड्राइंग द्वारा अपना गुस्सा दिखाने के लिए कहें तो उन्हें अपनी निराशा दूर करने दें। जब वे लिखते हैं तो वे अपनी निराशा को दूर और आराम महसूस कर सकते हैं।

५) सार्वजनिक जगह पर टैंट्रम्स को  नियंत्रित करने का एक और सबसे अच्छा तरीका उनका ध्यान भटकाना है।

६) अनुशासन के लिए बच्चों को पिटाई से बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा । दंड टाइम आउट  के रूप में या सख्त और दृढ़ आवाज के रूप में हो सकता है।

७) जब आपका बच्चा आपको किसी और के साथ बातचीत करने नहीं देता है और लगातार आपको बाधित करता है, तो बस अपना हाथ धीरे से उसपर रखें ताकि वे जान सकें, आप सुन रहे हैं।

८) जब वे कुछ मांगते हैं तो आप उन्हें  दे सकते हैं, तो नीचे बैठकर ,आंखों से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें बता सकते हैं कि वे इसे क्यों नहीं प्राप्त कर सकते हैं।

९) यह  हो सकता  है कि वे आपकी बात नहीं समझ पा रहे हैं लेकिन उन्हें पता चलेगा कि उन्हें फिर से नहीं पूछना चाहिए।

१०) कभी रोते हुए बच्चे से दूर न जाएं क्योंकि यह केवल टैंट्रम को और बुरा  कर देगा।

११) बस उनकी आंखों में देखें  और उन्हें बताएं कि आप जानते हैं कि उन्हें आपकी आवश्यकता है।

 

 जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, वे अपनी जरूरतों और इच्छाओं के बारे में बेहद जागरूक होते हैं। माता-पिता के रूप में, दृढ़ रहें और अपने विचार व्यक्त करें। जब बच्चे  सार्वजनिक रूप से रोते हैं तो कभी शर्मिंदा महसूस न करें क्योंकि इससे उनकी भावनाओं जैसे तर्क और न्यायिक क्षमताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । उन्हें बताएं कि कि आप उनकी बात सुन रहे हैं और समझ रहे हैं ।

 

जब आपके बच्चे सार्वजनिक रूप से रोते हैं तो आप कैसे प्रतिक्रिया करते हैं? नीचे टिप्पणी अनुभाग में  अपने विचारों और कहानियों को साझा करें।

 

अगली बार तक। सैयोनारा!

 

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