क्या आप अपने १ साल के बच्चे के टैंट्रम्स सँभालने में सफल हैं?

 

1 साल की उम्र में टैंट्रम्स को संभालना मुश्किल हो सकता है।

 

एक साल के  बच्चा के साथ रहने का मतलब एक कभी न रुकने वाली वेलिंग मशीन के साथ रहने जैसा है। वे किसी  भी चीज़ पर गुस्से में टैंट्रम्स दिखा सकते है। एक वर्षीय बच्चा अपने खिलौने अपने पापा को दिए जाने पर  भी गुस्से में टैंट्रम्स दिखा सकता है । कई माता-पिता ने इस तरह के परिदृश्य का अनुभव किया है, और हर बच्चे का  असंतोष व्यक्त करने का अपना तरीका है।

 

क्या बच्चा में टैंट्रम्स आम बात हैं?

 

 

 बच्चों में टेंपर टैंट्रम बहुत आम हैं, खासकर 1 से 4 वर्ष की आयु तक। वे सबसे आम हैं जब बच्चे "टेरीबल टू" की उम्र में होते हैं ,जहां वे संवाद करना सीख ही रहे होते हैं  हैं। इस तरह के कई बच्चे हर हफ्ते कम से कम 2 से 3 बार टैंट्रम दिखाते हैं क्योंकि वे बस अपना असंतोष, आक्रामकता और भावनाओं को दूर करने की कोशिश करते हैं। हालाँकि ये बहुत ही सामान्य बात है , लेकिन माता-पिता के लिए यह टैंट्रम्स परेशानी का सबब बन सकते हैं । कभी-कभी, वे बहुत महत्वहीन हो सकते हैं और उन्हें अनदेखा किया जा सकता है, लेकिन जब वे नियंत्रण से बाहर होते हैं, तब माता-पिता को उनके पीछे के  कारणों और उनसे निपटने के उपायों के रूप में बारीकी से देखने की आवश्यकता होती है।

 

१ वर्ष की आयु में  टैंट्रम्स के कारण क्या हैं?

 यह कहना बहुत मुश्किल है कि टैंट्रम दिखाते  समय 1 साल की उम्र के बच्चे के मन में वास्तव में क्या चल रहा है। अध्ययनों के अनुसार इसमें  मस्तिष्क के भावनात्मक हिस्से के कुछ क्षेत्रों को ट्रिगर मिलता है। जब बच्चा तनाव का अनुभव करता है, मस्तिष्क का एक हिस्सा  जिसे अंग प्रणाली( लिम्बिक सिस्टम ) के रूप में जाना जाता है, सक्रिय हो जाता है। यह एक प्रकार का अलार्म सिस्टम है जो संकट संकेतों को समझ सकता है और बच्चे रो कर माता-पिता के साथ इसे साझा करने की कोशिश करते हैं । बच्चों  का प्रांतस्था ( कोर्टेक्स) इस अलार्म सिस्टम को समझने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं होता है। तनाव के दौरान, बच्चों के कुछ ऐसे हार्मोन निकलते हैं जो बच्चों की भावनाओं को बढ़ाते है। यह चिड़चिड़ेपन और दर्द का कारण बन सकता है, जिसके परिणामस्वरूप टैंट्रम्स होते हैं ,जो अनियंत्रित होने पर समय के साथ हिंसक हो सकते हैं।

 

1 साल की उम्र में टैंट्रम कैसे संभालें ?

 

 

1 साल की उम्र में एक गुस्से से भरे  टेंट्रम को नियंत्रित करने का सबसे आसान तरीका है कि बच्चा जो चाहता है, वह उसे दे दिया जाए । यह रणनीति लंबी अवधि में परेशानी पैदा कर सकती है  क्योंकि बच्चा अपनी मांग पूरी नहीं होने पर टेंट्रम और क्रोध का प्रदर्शन करना सीखेगा । एक बच्चे को शांत करने में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम अपने क्रोध को शांत करना है। यदि आप और आपका बच्चा एक-दूसरे पर चिल्ला रहे हैं , तो आप दोनों इस स्थिति में कोई प्रगति नहीं कर पाएंगे। पिटाई और शारीरिक दुर्व्यवहार का कोई भी रूप किसी भी बात  का समाधान नहीं है। अपने बच्चे को नियंत्रित करने से पहले अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें।

 

भले ही आपको सड़कों पर एक रोता हुआ बच्चा लेकर  चलना पड़े, टैंट्रम के वक़्त हार न मानें ।

  1. टैंट्रम को अनदेखा करें। ऐसा कहना आसान है ,लेकिन करना मुश्किल है  । इस काम के लिए बहुत अधिक आत्म नियंत्रण की आवश्यकता है और समय के साथ टैंट्रम्स कम हो जाते  है और बच्चा अंततः चीखना बंद कर देगा, क्योंकि वह महसूस करता है कि क्रोध दिखाकर उसे कुछ भी नहीं मिलेगा। समय के साथ  यह आदत में कम हो जाएगा।

 

  1. यदि बच्चे का क्रोध नियंत्रण से बाहर हो जाए, तो उसे शांत करने के लिए उसे कस कर गले लगा लें ।

 

  1. सुनिश्चित करें कि बच्चा अच्छी तरह से सोया है और उसने अच्छी तरह से खाना खाया है ताकि वह छोटी छोटी चीज़ों पर टैंट्रम मोड में न जाए।

 

  1. उसे टैंट्रम पैदा करने वाली स्थिति से हटाने के लिए, उसका ध्यान भटकाएं । उसे कुछ मज़ेदार चेहरे बनाकर दिखाएं या कोई मज़ाकिया आवाज़ निकालें।

 

यदि किसी भी समय, लगातार रोने के कारण आपका बच्चा पीला या नीला होना शुरू कर देता है, तो तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले जाएं । यह टैंट्रम के दौरान सांस रोकने (ब्रेथ होल्डिंग स्पासंस ) के कारण होने वाली एक गंभीर आपातकालीन स्थिति है ।

 

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Comments (6)



Varsha Rao

👌👌👍

Shikha anuj

Wow kya type hai

Isha Pal

😃😃

Kanchan negi

बिलकुल सही समय पर आया यह लेख!

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