आइऐ कुछ सीखें डांस दीवाने विजेता आलोक शॉ से

जब हुनर हो तो उम्र कोई मायने नहीं रखती। ऐसे ही हुनर और अपार मेहनत की बेहतरीन मिसाल है कोलकाता का एक सात साल का लड़का, आलोक शॉ जिसने कलर्स चैनल के डांस दीवाने शो को जीत कर डांस के चाहने वालों का मन मोह लिया है।


शनिवार, 15 सितम्बर को प्रसारित हुए ग्रैंड फिनाले में आलोक शॉ को विजेता का खिताब दिया गया। इस जीत से उन्हें डांस दीवाने के टाइटल के साथ ट्रॉफी और 10 लाख रुपए की राशि भी दी गई।
गौर फरमाने वाली बात ये है कि 7 साल के आलोक ने 4 साल कि उम्र से डांस सीखने में रूचि दिखायी थी और तभी से वह डांस से जुड़े हुए हैं। इस जीत ने सही मायने में उनकी और उनके माँ बाप की ज़िंदगी बदल दी है।
डांस दीवाने विनर आलोक शॉ के घर की स्तिथि


कहते हैं कि अगर मन में ठान लो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। शो के 2 जजों ने आलोक के हार न मानने के जज़्बे की काफी सराहना की। आलोक के परिवार की आर्थिक स्तिथि कुछ ठीक नहीं है और उनके पिता कोलकाता के गलियों में घूमकर बच्चों के कपड़े बेचते हैं। खुद का घर नहीं होने की वजह से वे किराये के घर में रहते हैं।


इन कठिन परिस्तिथियों के बावजूद आलोक के माता पिता ने उनके हुनर को बढ़ावा दिया और उन्हें डांस दीवाने के मंच तक पहुँचाया ताकि वह इतनी कम उम्र में डांस के दिग्गजों के सामने अपनी कला का प्रदर्शन कर सके।
जब बॉलीवुड अदाकारा माधुरी दीक्षित को यह पता चला कि आलोक के परिवार के पास खुद का मकान नहीं है और वे किराये के घर में रहते हैं तो उन्होंने दो और लोगों की सहायता से आलोक को एक घर खरीद कर भेंट मे दिया।
माँ के अधूरे सपने को पूरा करने की तरफ बढ़े कदम



शो के दौरान आलोक की माँ ने बताया की वह खुद भी डांस की बड़ी शौक़ीन हैं पर कभी इस कला को अपनाकर प्रोफेशनली कुछ करने का हौसला नही जुटा पाई। इसलिए उन्हे उम्मीद है कि आलोक उनके सपने को पूरा करेंगे।
अब ऐसा है की चाहे सलमान खान और माधुरी दीक्षित हो या कोई और बॉलीवुड सेलिब्रिटी, जो कोई भी आलोक का डांस देखते हैं, वे हैरान रह जाते हैं।


आलोक की इस उपलब्धि से हमें क्या सीख लेनी चाहिए?


• हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है। माता पिता को उस कला को उभारने में उनकी सहायता करनी चाहिए और उन्हें प्रोत्साहन देना चाहिए ताकि वे मन लगाकर मेहनत कर सकें।
• छोटे कदम ही आगे जाकर कुछ बड़ा कर के दिखाते हैं। अपने बच्चों का सही मार्गदर्शन करें और उनकी छोटी से छोटी उपलब्धि की भी तारीफ करना न भूलें। इससे आपके बच्चे का आत्मविश्वास और मज़बूत होगा और उन्हें नयी ऊँचाइयों को छूने की प्रेरणा मिलेगा।
• पारिवारिक परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, माता पिता का कर्तव्य है की वे अपने बच्चों का भविष्य संवारने में हमेशा तत्पर रहें। उन्हे मेहनत करने के लिए उत्साहित करते रहें ताकि वे अपने लक्ष्य को पाने में हमेशा डटे रहें।
• अगर आपके बच्चे मे हुनर है और वह जी तोड़ मेहनत कर रहा है तो इस दुनिया में हुनर से प्रभावित होने वालों की कमी नहीं है। आपके बच्चे को कोई न कोई असली जोहरी मिल ही जाएगा जो उनके हुनर को नयी बुलन्दियों तक पहुँचाने में उनकी सहायता करेगा।

 

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Comments (9)



Mukeshkumar Sirohi

सर मेरी बेटी 3साल के लग भग है ओर वह अभी चलना बैठना बोलना भी नहीं आता है मुझे इसके बारे में जानकारी दीजी ये

Madhvi

kamar me 2 dino se dard ho rha hai

gajendra singh

Meri gharwali ke sar mein dard Kyu hota hai

pooja Goswami

Bolna to Sikh Lo.
.yahi Uska sar dard hoga

priya rajawat

Goog and nicy

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