जानिए बच्चो को सुलाने के कुछ आसान तरीके

 

हम सभी जानते है ज्यादातर बच्चे रात को सोने के लिए माँ को परेशान करते है। उन्हें बेड पर सोने ने लिए रुकाये रखना बहोत मुश्किल होता है क्यों की वो सभी सोने के समय उछल कूद करना और खेलना चाहते है।   

 

जब बच्चे की नींद पूरी नहीं होती वह अपने भावनाओ को ठीक से पता नहीं पते और यह माँ के लिए बड़ी तकलीफदेह होता है। वो शोरे और उधम मचाते या चिड़चिड़े हो सकते हैं जो किसी के लिए सुखद नहीं है। बच्चा जिनके पास अनियमित नींद का पैटर्न हैं, भविष्य में वजन बढ़ने और स्वाभाव से जुड़े  समस्याओं को विकसित करने की अधिक संभावना है। निश्चित करें कि आपके बच्चे के एक पर्याप्त नींद ले रहा है। पूरक नींद बच्चे के सेहद के लिए भी अच्छी होती।

 

जानिए कुछ आसान तरीके जो बच्चो को सुलाने में मददगार होते है:

 

सभी घर के सदस्यों का रात के सोने का और सुबह उठाने का समय एकजैसा होना चाहिए। बच्चो को बहोत सी आदते उनके घर के सदस्यों से लगाती है। अगर वह जानने लगे की सभी सोने के लिए तैयार है तो इसी आदत के अनुसार वो भी सोने के लिए तैयार हो जाते है।

 

अगर आप बच्चे के लिए सोने का नया समय तय कर रहे है तो यह ध्यान में रखे की वही बाकि सभी सदस्यों का भी समय हो। बच्चो को कुछ आदते लगनी चाहिए जैसे की, नयी दिनचर्या सीखने में मदद करने के लिए पिक्चर चार्ट दिखाए, बच्चा खेलने के बाद कपडे बदलना सिखाये, सुबह उठाने के बाद और रात को सोने से पहले दांत मंजन करना सिखाये, बुक पढ़ना सिखाये।     

 

बच्चे को पोषक नाश्ता देते रहे

 

बच्चो को दिनचर्या में खाना, खेलना, सोना और यही तीन बाते दोहराना शामिल होना चाहिए। हर बच्चो को दिन पे उपयुक्त प्रमाण में तीन बार खाना दे जिससे उसकी ताकद बानी रहती है। रात का खाना पोषण से बारे हो ताकि उसे शांत नींद आने में मदद करता है।      

 

पोषक आहार में उन्हें गेहू के सीरयल दूध के साथ दे, फल वाली सब्जिया जैसे गाजर और फलो को काट के उन्हें दे। ज्यादा खाना देने पर भी बच्चो की नींद टूट ने की संभावना होती है इसका ध्यान रखे।  



उचित पर्याय दे के बातचीत करे



बच्चो को खुद की बाते कहने का और खुद की चीज़े चुनने का अवसर दे यदि अपने ऐसा नहीं किया तो वह अड़ियल होके अपनी बाते मनवाते है। उन्हें सोने से पहले कौन से कपडे डालने है, कौनसी कहानी सुननी है।   

यह  नुक्सा केवल दो पर्ययो को पेशकश करने के लिए है और निश्चित करें कि आप को पसंद भी संतुष्ट हैं।

 

उदाहरण के लिए, आपको यह नहीं पूछना चाहिए, "क्या आप अब बिस्तर पर जाना चाहते हैं?" वे बहुत अच्छी तरह से नहीं कह सकते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। इसके बजाय, पूछें, "क्या आप अभी या पांच मिनट में बिस्तर पर जाना चाहते हैं?" इस तरह यह उनके लिए एक जीत स्थिति होती है, चाहे कोई भी जवाब हो।



शांति से बच्चे को संभाले

 

आपको पूरे सोने की प्रक्रिया के दौरान शांत रहना होगा और याद रखे धैर्य रखने से चीज़े आसान होती है। समय के आने पर दृढ़ता और संयम से बात करे।



यदि आपका बच्चा भूत या राक्षसों से डरते हैं, तो उसको भरोसा दिलाने के लिए चारों ओर देखें और उन्हें  आश्वस्त करें कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

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