सामान्यत: दो बच्चों के बीच कितना अन्तर होना चाहिए

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सामान्यत: दो बच्चों के बीच कितना अन्तर होना चाहिए

 

सामान्यत: दो बच्चों के बीच कितना अन्तर होना चाहिए

 

क्या आप दूसरे बच्चे की प्लानिंग कर रहे है। तो ध्यान में रखिये की दो बच्चों के बीच उचित अन्तर होना बहोत जरुरी है, यह माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ के लिए महत्वपूर्ण है।

 

 

बच्चों के बीच सामान्य अन्तर न होने से क्या हो सकता है?

 

बच्चों में उचित अन्तर यह बहोत सारे कारणों पर निर्भर करता है। इसमें आपके निजी जीवन में क्या पसंद करते है, ऐसे बहोत सी बाते शामिल होती है। अगर दो बच्चों के बीच अन्तर ६ महीने से कम हो तो होने वाली गर्भवस्था में मुस्किले आणि की सम्भावना है, जैसे की समय से पहले बच्चे का जन्म लेना, कम वजन वाला बच्चा होना, स्किज़ोफ्रेनिआ और बहोत सारी ऐसे तकलीफे हो सकती है।



कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि 2 साल से कम की गर्भधारण के कारण दूसरे बच्चे में ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है। पहली गर्भावस्था के अंत और अगले एक की शुरुआत के बीच कम से कम 2 साल को सामान्य माना जाता है।

 

गर्भधारण के बीच उपयुक्त अन्तर के क्या लाभ हैं?

 

जब बच्चों के बीच एक आदर्श उम्र का फासला होता है, तो बच्चे और मां दोनों ही लाभ शेयर करते हैं। गर्भावस्था के दौरान उपयुक्त पोषण के कारण बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है, जब कि माँ का स्वास्थ्य दो गर्भधारण के बीच एक उचित अंतर के कारण अच्छा होता है, जिससे उनका शरीर स्वास्थ्य में वापस पोषण कर पाता है। बच्चे एक साथ बड़े होते हैं, एक-दूसरे के लिए प्लेमेट बन जाते हैं और एक करीबी बंधन शेयर करते हैं।

 

नियोजन की छुट्टियां आसान हो जाती हैं क्योंकि वे सामान्य हित साझा करते हैं। हालांकि, कोई भी दो परिवार समान नहीं हैं और जो एक के लिए आदर्श हो सकता है वह दूसरे के लिए उचित नहीं हो सकता है।
अपने बच्चों के बीच अंतर की योजना बनाएं जैसे कि आप और आपके बच्चे दोनों बड़े हो रहे  सुनहरे साल का आनंद लें।

 

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