क्या एयर कंडीशनर की ठंडक नवजात शिशु के लिए सुरक्षित है ?

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क्या एयर कंडीशनर की ठंडक नवजात शिशु के लिए सुरक्षित है ?

शिशु के जन्म से माता-पिता का संपूर्ण दृष्टिकोण बदल जाता है। उनका पूरा जीवन उनके जीवन में होने वाले कई परिवर्तनों के कारण काफी हद्द तक उलझ जाता है । माता-पिता बच्चे को आराम देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते। हालांकि वर्तमान समय में, एयर कंडीशनर या कूलर का उपयोग बच्चे के लिए सुरक्षित है या नहीं , ये जानना आवश्यक है । आमतौर पर, डॉक्टरों का मानना ​​है कि नवजात शिशु अपने शरीर के तापमान को एयर कंडीशनर की ठंडक से समायोजित करने में सक्षम नहीं होते हैं। वयस्क कर सकते हैं। इससे उन्हें गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे कि निर्जलीकरण, हीट स्ट्रोक, चकत्ते आदि से संक्रमित होने का खतरा होता है।

 

इस प्रकार यह जानना महत्वपूर्ण है  कि एयर-कंडीशनर का उपयोग करते समय शिशु को सुरक्षित और आरामदायक कैसे रखा जा सकता है :

 

एक एयर-कंडीशनर की मदद से तापमान को विनियमित और बनाए रखने के लिए कर सकते हैं।

एयर कंडीशनर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है जबकि यह अधिक आर्द्र होता है विशेषकर मानसून के महीनों में।

आर्द्रता को एयर कंडीशनर द्वारा नियंत्रित या हटाया जा सकता है।

एयर कंडीशनिंग सिस्टम का वर्तमान सेट बच्चे के लिए स्वच्छ और शुद्ध हवा प्रदान करता है।

अपने बच्चे को एसी या कूलर से ठंडी हवा के सीधे प्रभाव से दूर रखें

अपने बच्चे को हल्की परतों में ड्रेस करें जो उसके हाथ और पैर को कवर करता है। ऐसा करने से आपके बच्चे को ठंडी हवा से बचाया जा सकेगा।

आप उसके सिर के लिए एक हल्की टोपी और कुछ हल्के सूती मोजे पहनना पसंद कर सकते हैं।

यदि आप एक हल्के कंबल का उपयोग करने की योजना बनाते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपने उसके चेहरे को ढंकने से बचने के लिए उसे अपनी कोहनी से नीचे टक दिया है।

आदर्श रूप से आपके बच्चे को आपकी तुलना में एक और परत पहननी चाहिए और बहुत ही हल्के ढंग से लिपटे रहना चाहिए।

 

शिशु की त्वचा पर अच्छी तरह मॉइस्चराइजर/लोशन लगाएं

 

शायद आपने कहीं सुना हो कि शिशु को जो तेल लगाया जाता है, उसमें ईयर बड को डुबोकर दोनों नथुनों के अंदर लगाना चाहिए। इससे रुखी नाक की वजह से खून आना रोका जा सकता है। हालांकि, शिशु के नथुनों में कोई भी तेल लगाने से पहले डॉक्टर से अवश्य पूछ लें।

 

कुछ माँएं कमरे में पानी का कटोरा रखने का भी सुझाव देती हैं। माना जाता है कि पानी कमरे की हवा को नम रखता है, जिससे शुष्कता घटती है।


कार में जब एसी चलाएं


एक ही जगह पर खड़ी हुई कार काफी गर्म हो जाती है, विशेषकर गर्मी के दिनों में। इसे ठंडा करने के लिए, कुछ मिनटों के लिए खिड़कियां खोल दें। इससे अंदर की गर्म हवा बाहर निकल सकेगी। कुछ समय बाद आप खिड़कियों के शीशे बंद करके एसी चला सकती हैं।

हर समय एसी या कूलर का इस्तेमाल जरुरी नहीं है। बहुत सी माँएं तो ज्यादा गर्मी या आर्द्रता न होने पर केवल पंखा चलाना ही पसंद करती हैं। ऐसे मौसम में पंखा भी शिशु को ठंडा और आरामदायक रखने में मदद करता है।

जैसे-जैसे गर्म हवा ऊपर बढ़ती है और नीचे की जमीन ठंडी होती है, तो आप शिशु को उसपर लिटा सकती हैं।

पर्दे लगा दें, ताकि धूप अंदर न आ सके। शिशु को हलके सूती कपडे पहनाएं। जब शिशु को गर्मी लगने लगे या वो बेचैन होने लगे, तो उसे कूलर या एसी वाले कमरे में ले जाएं। आप शिशु को ठंडे कमरे में आरामदायक रखने के लिए एक कपड़ा और पहना सकती हैं।

एसी या कूलर का तापमान ऐसा रखें, जो कि न ज्यादा ठंडा हो और न ज्यादा गर्म। हमारी शिशु रोग विशेषज्ञा डॉक्टर सरोजा बालन का सुझाव है कि एसी का तापमान 23 और 26 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखना सही रहता है।

अगर, आप एसी इस्तेमाल करती हैं, तो उतने समय का टाइमर लगा दें, जितने समय में आपका कमरा ठंडा हो जाता है। अगर, आपके एसी में टाइमर नहीं है, तो एसी बंद करना याद रखने के लिए आप अलार्म घड़ी का इस्तेमाल कर सकती हैं।

कूलर के उपयोग के दौरान एक दरवाजा या खिड़की थोड़ी खुली छोड़ दें, ताकि हवा की आवाजाही बनी रहे। विशेषकर आर्द्रता वाले मौसम जैसे कि मानसून आदि में ऐसा करना आवश्यक है। कूलर ठंडक देने के लिए पानी को वाष्पित करता है, जिससे हवा में आर्द्रता बढ़ जाती है।

 

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