शिशुओ मे डेंगू के लक्षण

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शिशुओ मे डेंगू के लक्षण

डेंगू एडीज मच्छरो से इंसानो मे फैलने वाली एक आम बिमारी है. मच्छर इस बिमारी का वाहक है, और बुखार एक वायरस के कारण होता है. डेंगू बुखार मे ,शरीर मे तेज दर्द और तेज बुखार होता है. यह बिमारी ट्रोपिकल (उष्णकटीबंधीय जलवायु) क्षेत्रो मे पाया जाता है. क्योकी यह जलवायु मच्छरो के प्रजनन के लिये आदर्श माना जाता है. यह बिमारी बडो मे आम है, लेकीन यह शिशुओ को भी नही छोडती है. यह लेख आपकी यह जान ने मे मदद करेगा कि शिशुओ मे डेंगू के कौन कौन से लक्षण होते है.


डेंगू के बारेमें कुछ तथ्य जो आपको जानना  जरुरी है:


डेंगू( स्पष्ट डेन –डी) यह संक्रमण मानव संपर्क से नही फैलता है, और ना ही संक्रामक संक्रमण है.यह केवल एडीज मच्छर के माध्यम से फैलता है. जो डेंगू वायरस को वहन करता है.


एडीज मच्छर रुके हुए पानी मे प्रजनन करते है. वे दिन के समय काटते है, सुबह होने से कुछ घंटे पहले और शाम होने के कुछ घंटे बाद, और यह गर्म और नमी वाली जगहो मे पाए जाते है.


मानसून के समय डेंगू की घटनाये बढ जाती है, क्योंकी बारिश का इकटठा पानी इन मच्छरो के लिये प्रजनन क्षेत्र के रूप मे काम करता है. अपने बच्चे को डेंगू से बचाने के लिए अपने आस पास की जगह को सूखा रखे. ध्यान दे कि आपके बगीचे मे कोई पानी रुका हुआ नही हो. यदि आप वाटरकूलर इस्तेमाल करते है तो उसे समय समय पर साफ करते रहे.


शिशुओ मे डेंगू के लक्षण


यदि एडीज मच्छर ने आपके बच्चे को काट लिया है तो आपको शिशुओ मे निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते है:


• तेज बुखार(101 डिग्री फारेनहाइट या इससे ज्यादा)
• नींद ज्यादा आना
• भूख कम लगना
• आंखो मे दर्द, शरीर मे दर्द , जोडो मे दर्द ,या सिरदर्द के कारण सामान्य से अधिक बुखार
• उल्टी होना
• मसूडो से खून निकलना

इन लक्षणो के पाए जाने पर तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करे और जांच करवाये. कभी कभी ये लक्षण एकदम से नही दिखाई देते और इसलिये वायरल बुखार के लक्षणो के लिये भ्रमित हो जाते है. और जरा भी देरी बिमारी को जटिलताओ मे बदल देती है.


कुछ मामलो मे, डेंगू बुखार गंभीर रूप मे आ सकता है जिसे डेंगू शॉक सिंड्रोम कहा जाता है. अगर यह डेंगू शॉक सिंड्रोम किसी बच्चे को हो जाये तो शुरूआत मे डेंगू के नियमित लक्षण दिखाई देते है. और जैसे ही बुखार दूर होने लगता है अन्य लक्षण बढ जाते है, और निम्नलिखित लक्षण हो सकते है:


• खून का बहना ‘
• अत्याधिक पेटदर्द
• उल्टी का होना
• सांस लेने मे तकलीफ हीना
• निर्जलीकरण


अगर चिकित्सक देखभाल मे भी लक्षण तुरंत उपस्थित नही होते तो यह बिमारी बहुत गंभीरता का रूप ले सकती है, और अंग विफलता हो सकती है.


शिशु मे डेंगू लक्षण दिखने पर क्या करे?


• अगर बच्चा तेज बुखार या शारीरिक चक्कते के साथ दर्द का सामना कर रहा है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह ले. ध्यान रहे अपने बच्चे को एस्पिरीन जैसी किसी भी गैर विरोधी भडकाऊ दवाई ना दे. क्योकी यह बच्चे के प्लेटलेट्स को कम कर सकता है .
• आपको यह ध्यान रखना होगा कि निर्जलीकरण को रोकने के लिये बच्चे को समय समय पर स्तनपान कराये या बहुत सारे तरल चीजे दे.
• बुखार को कम करने के लिये माथे पर गीला कपडा रखे और बार बार इसे बदलते रहे. इससे बच्चे को काफी आराम मिलेगा.


शिशुओ मे डेंगू का इलाज कैसे किया जाता है?


डेंगू के इलाज के लिये कोई निश्चित दवा नही है लेकिन डॉक्टर शिशु के लक्षणो का इलाज और आराम की सलाह देते है. यदि बच्चे को लूज मोशन होजाये तो निर्जलीकरण रोकने के लिये बच्चे को इलेकट्रोलाइटस और नमक के पूरक के लिये IV तरल सामग्री दे सकते है. यदि मामला गंभीर हो तो अस्पताल मे तुरंत भर्ती करने की आवश्यकता होती है.


डेंगू जैसी गंभीर बिमारी मे सबसे बढीया इलाज उसकी रोकथाम है जैसा कि शुरुआत मे बताया गया था कि परिवेश से सावधान रहना ज्यादा सही है. अपने घर के वातावरण को स्वच्छ बनाये रखे, आस पास पानी इकत्रित ना होने दे, अपने शिशु को मच्छरदानी मे सुलाये या मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल कर सकते है.

 

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