इस 'मदर्स डे' को मातृत्व और स्तनपान के रूप में मनाएं

cover-image
इस 'मदर्स डे' को मातृत्व और स्तनपान के रूप में मनाएं

'स्तनपान एक मां और उसके बच्चे के लिए एक उपहार है, इस धरती के लिए भी।' - पामेला वीगिन्स

 

बेबीचक्रा ने हमेशा स्तनपान कराने की जरूरत को स्वीकार किया है। मांओं को इसके लिए लगातार प्रोत्साहित भी किया है जिससे कि स्तनपान से मां और बच्चे का मजबूत रिश्ता बन सके। स्तनपान को हमेशा माँ और बच्चे दोनों के लिए वरदान माना गया है। जो माएं स्तनपान में विश्वास करती हैं, जिन्होंने बच्चे को स्तनपान कराने के अपने संघर्षों के बारे में बताया है और जिन्होंने अपने बच्चों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को बेहद सावधानी, प्रेम और खुशी के साथ निभाया है। ने चुना है। बेबीचक्रा को गर्व है कि 'मदर्स डे' के इस रोमांचक अवसर पर ऐसी ही चुनी हुई कुछ ख़ास मम्मियों के लिए झंडू के सहयोग से हमने एक कार्यक्रम का आयोजन किया है। 12 मई को सूर्या अस्पताल, सांताक्रूज, मुंबई में सुबह 11:00 से 12:00 बजे तक 'स्तनपान और मातृत्व' पर कार्यक्रम रखा गया है।

 

स्तनपान क्यों?


भारत में किए गए एक शोध के अनुसार स्तनपान का दर शहरी क्षेत्रों में केवल 34% और ग्रामीण क्षेत्रों में 55% है। भारत के ब्रेस्ट फीडिंग प्रमोशन नेटवर्क के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि स्तनपान के दर में गिरावट का मुख्य कारण परिवार, समाज या चिकित्सकों के सहयोग की कमी है और बच्चे को दूध पिलाने के अन्य उपाय भी इसके कारण हैं। समय की मांग है कि इस समस्या पर विचार किया जाए और एक मजबूत सहायक समुदाय का निर्माण किया जाए।

 

आयोजन के बारे में -


इस आयोजन को चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञ होस्ट करेंगे। इस कार्यक्रम में मौजूद मांएं इन चिकित्सकों से 'स्तनपान और मातृत्व' से संबंधित मुद्दों पर सवाल-जवाब कर सकती हैं। और कुछ मजेदार गतिविधियां भी की जाएंगीं।

 

चिकित्सा विशेषज्ञों के पैनल में सूर्या अस्पताल के अत्यधिक अनुभवी डॉक्टर शामिल होंगे, जैसे- डॉ. ध्रुपति ढेडिया ( प्रसूति और स्त्री-रोग चिकित्सक), डॉ. मुकुंद शिरलोका (शिशु-चिकित्सक, इन्टेंसिव केयर), सुश्री परिना जोशी (न्यूट्रिशनिस्ट कंसल्टेंट) और साथ में होंगीं बेबीचक्रा की फाउंडर और सीईओ नैय्या सागी।

 

हमारे सहयोगी झंडू


झंडू की आयुर्वेद और औषधीय उत्पादों की दुनिया में अपनी अलग ही पहचान है। झंडू नवीनतम उत्पाद स्त्रीवेदा, जो सतावरी लैक्टेशन सप्लीमेंट के साथ, वे भारतीय माताओं और उनके परिवारों में स्तनपान के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। आयुर्वेद में सतावरी को प्रोलैक्टिन के स्तर को बढ़ाने के लिए जाना जाता है, जो स्तनों में दूध की आपूर्ति बढ़ाने वाला हार्मोन है।


आइए, इस 'मदर्स डे' पर हम स्तनपान के महत्व को पहचाननें और दूध पिलाने के विभिन्न तरीकों को जानें। जिससे हम मातृत्व का जश्न मनाने के लिए माताओं को स्वयं और उनके बच्चे को यह अनमोल उपहार देने में मदद कर सकें।

 

यह भी पढ़ें: स्तनपान ज़रूरी है, लेकिन कब और कितना... ये जानना और भी ज़्यादा ज़रूरी है

 

#babychakrahindi
logo

Select Language

down - arrow
Personalizing BabyChakra just for you!
This may take a moment!