शिशु प्रतिगमन संकेत

क्या आपका शिशु बहुत ज्यादा उल्टी करता है? क्या आपका शिशु बहुत सारा दूध फेंकता है? शिशु का दूध मुह से फेंकना पुकिंग की तरह लग सकता है लेकीन यह पेट की चीजो को बाहर निकालना है. मुह से होके जाने वाली ट्यूब से पेट के खाने के पीछे कि प्रतिक्रिया को उल्टी करना कहते है या इसे थूक अप भी कहते है.


क्या यह चिंताजनक बात है?


शिशु मे मुह से थोडा दूध फेंकना आम है लेकिन यह शिशु की अन्न को पचाने की क्षमता है जो कि अभी कम है ,जो शिशु लेते हुए स्तनपान करते है वे भी इस समस्या का शिकार हो सकते है. किसी भी बिमारी के प्रभावित ना होकर शिशु की एक अवस्था होती है जिसे क्रियात्मक शिशु प्रतीगमन कहा जाता है. यह बताता है कि लक्षणो के बव्जूड कोई बीमारी नही है.


इस स्तिथी को ठीक करने के लिए दवाइयो का सुझाव दिया जाता है.और यह जरुरी नही है कि वह काम करती है. लक्षन आमतौर पर एक साल के अंत तक दिख जाते है.


आईये देखते है कौन से लक्षण चिंताजनक है:

 

  • रक्तस्त्राव होना
  • भूख कम लगना
  • पीछे हटना
  • वजन बढने मे परेशानी
  • अत्याधिक रोना
  • सांस संबंधी समस्या
  • पित्त का गिरना


यदि इनमे से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो अपने बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह ले.


शिशु रोग के कारण:


पहले वर्ष मे शिशु को अपने जन्म के वजन से तीन गुना वजन हासिल कर लेना चाहिए. और इसके लिए सही मायने मे भोजन की जरुरत होती है. आपकी कितनी मात्रा मे अपने शिशु को भोजन कराते है यह एक प्रमुख कारण है शिशु पुनर्जनन का.


जब बडा व्यक्ती बहुत ज्यादा खाना खाता है तो उसके पास गेस्टोओसोफेगल रीप्ल्क्स होता है तो उन्हे ज्यादा तकलीफ नही होती वे छोटी मोटी असुविधा महसूस करते है क्योकी रेफ्ल्क्स की गयी चीज इतनी बडी नही होती कि मुह उसे पकड ना सके. शिशु घेघा ,इस्की कम मात्र की क्षमता के कारण तुरंत फैलता है.


छीकने ,खांसने,आदि के लिए दबाव लगने से पेट मे दबाव ज्यादा होता है जिस वजह से ओसोफेगल स्फ्लींकटर की तुलना मे कमी आ सकती है.


शिशु रोग निवारण के उपाय:


नींद कि स्तिथी:

 

ज्यादातर बाल रोग विशेषज्ञ बच्चे को इस तरह से रखने की सलाह देते है जिसमे कि बच्चे का सिर शरीर के बाकी हिस्सो की तुलना मे उपर की ओर हो. इससे दूध बेहतर तरीके से पेट मे जाता है और यह बच्चे को थूक गिराने से रोकता है. आप बच्चे के सिर के नीचे के लिये एक नर्म और मुडा हुआ तौलिया उपयोग कर सकते है.बच्चे के लिये नींद की बगिया बनाये अन्यथा कम नींद की वजह से बच्चो मे SIDS का खतरा बढ जाता है.


समय देना:

 

बच्चे को अकेला ना छोडे इससे वह अकेला घुट घुट के रहने लगता है, आपको सतर्क रहना चाहिये. क्योंकी यह समय के साथ खतम हो जाता है क्योंकी शिशु ज्यादा मांसपेशियो की टोन हासिल कर लेता है.लाल झंडी के लिये नजर रखे और स्तिथी को ठीक करने के लिए समय का इंतेजार करे.


असामान्य रूप से शिशुओ के लिये कोई भी घरेलू उपचार ना करे इससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड सकता है. उपर दिये गये जानकारी और रेफल्क्स एक सामान्य समस्या नही है इसके लिये विशेष ध्यान दे और बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह ले.

 

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