गर्भावस्था में फिटनेस और एक्सरसाइज़ संबंधी धारणाएं

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गर्भावस्था में फिटनेस और एक्सरसाइज़ संबंधी धारणाएं

कौन कहता है कि गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज़ केवल हीरोइनें कर सकती हैं? हालांकि गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज़ से संबंधित मिथकों पर विश्वास करना अच्छा लगता है लेकिन सच यह है कि गर्भावस्था के दौरान नियंत्रित व्यायाम करने से और सक्रिय रहने से आपके और शिशु पर उसके सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इन भ्रांतिओं के कारण आप अपनी गर्भावस्था के नौ महीनों को बेवजह बैठे-बैठे न बिता दें। अपने जीवन में स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह और संतुलित आहार के साथ इन तथ्यों पर भी ध्यान दें।

 

भ्रांति # 1: एक्सरसाइज़ से केवल आपको अधिक थकान होगी। 

तथ्य: यह गलत लगता है लेकिन बहुत ज्यादा आराम करने से आप अधिक थका हुआ महसूस कर सकती हैं, जबकि थोड़ी-सी एक्सरसाइज़ लंबे समय तक आपकी ऊर्जा को बढ़ाता है। कहा जाता है कि यदि आप एक्सरसाइज़ के बाद एक झपकी ले सकती हैं तो इसका अर्थ यह है कि आपने बहुत मेहनत की है।

 

भ्रांति #2 : बेड रेस्ट में एक्सरसाइज़ नहीं करना चाहिए। 

तथ्य: बेड रेस्ट करते हुए भी अपनी ताकत और लचीलेपन को बनाए रखना जरूरी है। अपनी मांसपेशियों के लिए हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें। अपने डॉक्टर से डेली एक्सरसाइज़ के बारे में पूछें, जिसमें बांहों और स्ट्रेचिंग के सरल एक्सरसाइज़ हों। जिनके करने से आप दिनभर सक्रिय रहें।

 

भ्रांति #3: यदि मैं गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक एक्सरसाइज़ करती  हूं, तो मैं अपने शिशु को पोषक तत्व नहीं दे पाऊंगी जिससे उसका उचित विकास नहीं होगा। 

 

तथ्य: वास्तविकता यह है कि आपके शिशु को वही प्राप्त होता है जिसकी उसे आवश्यकता होती है। पोषक तत्वों के संग्रह में गिरावट स्त्री के शरीर में होती है अपितु शिशु के नहीं। आपके लिए किसी भी समस्या से बचने का तरीका यह है कि आप स्वस्थ, पौष्टिक और संतुलित आहार लेती रहें। प्रसव पूर्व विटामिन के साथ-साथ छोटे और नियमित आहार खाने से आपके शरीर को पोषक तत्वों की भरपाई होती रहती है।

 

भ्रांति  # 4: केवल प्रीनेटल क्लास ही गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं।

 

तथ्य:  हालांकि एक ऐसी क्लास लेना बहुत अच्छा है जो विशेष रूप से प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में गर्भावस्था के दौरान फिट बने रहने के लिए हैं, लेकिन  ज्यादातर महिलाओं को विशेष रूप से प्रीनेटल क्लास जाने की जरूरत नहीं होती। इसीलिए क्लास शुरू करने से पहले आप हमेशा अपने फिटनेस कोच को यह अवश्य बताएं कि आप गर्भवती हैं और कभी भी ऐसी कोई भी एक्सरसाइज़ न  करें जिससे आपको बेचैनी या तकलीफ हो भले ही वो आपके कोच ने बताए हों।



भ्रांति # 5: यदि आप पहले से एक्सरसाइज़ नहीं करती हैं, तो आपको गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज़ शुरू नहीं करना चाहिए।

 

तथ्य: यह गर्भावस्था से संबंधित सबसे बड़ी भ्रांति लोगों में है। गर्भावस्था वास्तव में एक्सरसाइज़ शुरू करने का एक अच्छा और आदर्श समय है, भले ही आपने पहले कभी एक्सरसाइज़ नहीं की हो।  गर्भवती महिलाओं को सप्ताह में 5 दिन एक्सरसाइज़ करने की सलाह दी जाती है। गर्भावस्था के दौरान संतुलन में चलना, तैरना या योग करना ऐसे एक्सरसाइज़ की सलाह दी जाती है।

 

भ्रांति # 6: गर्भावस्था के दौरान चोट लगने की संभावना अधिक होती है।

 

तथ्य: गर्भावस्था के दौरान, आपका शरीर रिलैक्सिन नामक हार्मोन का उत्पादन करता है। यह जोड़ों को चिकना करने में मदद करता है ताकि प्रसव की क्रिया आसान हो सके। जब आप अत्यधिक सक्रिय होती हैं, तो आपको चोट लगने का खतरा अधिक होता है। जोड़ों की सक्रियता और मांसपेशियों पर तनाव डालने वाले एक्सरसाइज़ जैसे कि स्क्वाट्स आदि नहीं करने चाहिए।

 

भ्रांति # 7: एक्सरसाइज़ करते समय अपने दिल की धड़कन को 130 से कम रखें।

 

तथ्य: हर महिला के लिए कोई विशेष ह्रदय की गति नहीं होती है। यदि आप व्यायाम करते समय बात कर सकती हैं, तो आपकी हृदय गति ठीक है।

 

भ्रांति # 8: एक्सरसाइज़ से जरूरत से ज्यादा गर्मी और निर्जलीकरण होता है।

 

तथ्य: हालांकि यह सत्य है कि जरूरत से ज्यादा गर्मी शिशु के विकास के लिए हानिकारक हो सकती है, विशेष रूप से पहली तिमाही में क्योंकि अधिक गर्मी नसों के दोष से संबंधित होती हैइसलिए एक्सरसाइज़ करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जिससे आप सुरक्षित रहें। एक्सरसाइज़ करने से पहले और बाद में खूब सारा पानी पीयें जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। ऐसे कपडे पहनें जो ढीले हों, जो ज्यादा तने हुए न हों, जिसमें आप ठीक से सांस ले सकें और जिससे आपका शरीर ठंडा रहे।

 

भ्रांति # 9: गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज़ का एकमात्र लाभ यह है कि यह आपको शिशु के जन्म के बाद अपने वजन को आसानी से कम करने में मदद करता है।

 

तथ्य: हालांकि एक्सरसाइज़ प्रसव के बाद वजन घटाने में बहुत बड़ा योगदान देता हैगर्भावस्था के दौरान और बाद में एक्सरसाइज़ करने के कमाल के फायदे होते हैं जैसे कि एक्सरसाइज़ आपके चयापचय को बेहतर करता है और हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है। यहां तक कि यदि  गर्भावस्था के बाद तत्काल आपका वजन कम नहीं होता है, तो भी आपको हमेशा एक्सरसाइज़ जारी रखना चाहिए क्योंकि एक्सरसाइज़ से आपके शरीर को आंतरिक रूप से लाभ अवश्य होता है।

 

 

एक्सरसाइज़ करने से आप फिट महसूस करती हैं, बेहतर दिखती हैं और अच्छी नींद ले सकती हैं। एक्सरसाइज़ आपके शरीर को प्रसव के लिए तैयार करने का अच्छा जरिया भी होता है और एक्सरसाइज़ आपके शरीर को गर्भावस्था से पहले वाले शेप में जल्दी से वापस लाने में भी मददगार होता है। अपने डॉक्टर की इजाज़त से नियमित एक्सरसाइज़, गर्भवस्था में अक्सर होने वाली तकलीफों को कम करने और डिलीवरी के बाद आपकी सेहत को जल्दी ठीक करने में मदद करता है।

 

सूचना: यह महत्वपूर्ण है कि पोषण की सामग्री और उसकी खुराक निर्धारित करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। 

 

इस लेख में बताए गए सभी विचार केवल लेखक के हैं और यह शैक्षिक सहायता के रूप में व्यक्त किए गए हैं।

 

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