• Home  /  
  • Learn  /  
  • माँ और शिशु के लिए एक चमत्कारी सप्लीमेंट/पूरक
माँ और शिशु के लिए एक चमत्कारी सप्लीमेंट/पूरक

माँ और शिशु के लिए एक चमत्कारी सप्लीमेंट/पूरक

30 Jan 2020 | 1 min Read

Gunjan Sachdeva

Author | 6 Articles

मैं डॉ अमृता मल्लिक, पेशे से चिकित्सा अधिकारी हूं। जब मैं एक जोड़े या दंपत्ति को उनके जीवन में आने वाली खुशखबरी की बधाई देती हूँ तो मुझे अलग अलग प्रतिक्रियाएं  मिलती है। बनने वाले कुछ माता पिता यह खुशखबरी जानके अत्यधिक प्रसन होते है, जबकि कुछ खुश होते है फिर भी चिंतित रहते हैं। यह चिंता और व्याकुलता आमतौर पर माँ के स्वास्थ, बच्चे के स्वास्थ और कुछ भी अनुचित होने के डर के कारण होती है। एक सकारात्मक आश्वासन और कुछ आवश्यक सलाह उनकी चिंताएँ शांत करती है।

मेरी पहली सलाह माँ के पोषण पर ध्यान देना है। दो गुलाबी रेखाओ के आते ही आप पहले से ही एक माँ है, जो उदारतापूर्ण और शक्ति से भरपूर है जिसमे दो दिल धड़क रहे है। दूसरा मैं इस भ्रान्ति को दूर करने की सलाह देती हूं जो की हमारे समाज में अत्यधिक सुनी सुनाई अफवाहों के कारण फैली हुई है की एक माँ बनने वाली स्त्री को दो लोग के सामान भोजन ग्रहण करना चाहिए। महिला क्या और कितना खाना चाहती है इसका फैसला उसकी पसंद से होना चाहिए। गर्भावस्था का आहार आदर्श रूप से हल्का, पौष्टिक, आसानी से पचने वाला और प्रोटीन, खनिज और विटामिन से भरपूर होना चाहिए। हां, गर्भावस्था में पोषण संबंधी आवश्यकताएं बढ़ जाती हैं, लेकिन हमें यह जानना होगा कि क्या और कितनी अधिक जरूरत है।

यहां पोषक तत्वों की एक सरल मार्गदर्शक सूची दी गयी है, जिनकी आवश्यकता गर्भवती और स्तनपान कराने वाली मां के लिए बढ़ जाती है उन महिलाओ की तुलना में जो गर्भवती नहीं है।

माँ बनने वाली स्त्री पहली तिमाही के अंत तक सामान्य रूप से भोजन खा सकती है। लेकिन गर्भवस्था के बाकि समय में उसे ३०० किलो कैलोरीज की आवश्कयता होती है और स्तनपान के समय ४०० किलो कैलोरीज की आवश्कयता होती है पहली तिमाही में शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के उचित विकास के लिए  विटामिन बी, फोलिक एसिड, कोलीन और डीएचए आवश्यक हैं। दूसरी तिमाही से, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक, आयोडीन, विटामिन ए और डी भी बढ़ने लगते है, क्योंकि अब भ्रूण के विकास में मांसपेशियों का निर्माण, हड्डियों का निर्माण और अंगो का उत्पादन और विकास की  प्रक्रिया शुरू हो जाती है। 

गर्भावस्था के कारण हमारे शरीर में आयरन की संतुलन अवस्था बिगड़ जाती है, जो केवल आहार सेवन से पूरी नहीं हो पाती। इसीलिए आयरन, फोलिक एसिड और हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के लिए सप्लीमेंट्स/पूरक आवश्यक होते हैं। विटामिन ए और डी की उच्च खुराक की आवश्यकताओं को पशु स्रोत से ही पूरा किया जा सकता है। अन्य विटामिन और खनिजों के लिए, हरी सब्जियों, फलों और नट्स का अधिक सेवन करना चाहिए। भोजन के अधिकांश पोषक तत्व पकने पर नष्ट हो जाते हैं या अवशोषित अवस्था में नहीं होते हैं। गर्भावस्था में कैल्शियम की आवश्यकता दोगुनी हो जाती है और स्तनपान कराने में तीन गुना हो जाती है। कैल्शियम और विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत गाय का दूध है। अच्छी गुणवत्ता वाले गाय के १ लीटर दूध में  १ ग्राम कैल्शियम होता है। अधिकतर महिलाएं दूध की गंध और स्वाद, यहाँ तक की डेयरी उत्पादों को नापसंद करने लगती है। इसके अलावा ऊपर से , गर्भावस्था के हार्मोन द्वारा मतली और उल्टी की वजह से, अधिकांश महिलाएं अपने गर्भावस्था आहार में डेयरी उत्पादों को बिल्कुल भी शामिल नहीं करती हैं।

यही सब के कारण मैं माँ बनने वाली स्त्रीओ को मदर्स हॉर्लिक्स लेने की सलाह देती हूँ। २०० मिलीलीटर दूध के गिलास में डेढ़ चम्मच मदर्स हॉर्लिक्स मिलाने से उसका स्वाद और उसकी महक बेहतर हो जाती है और साथ ही दूध में पहले से मौजूद लगभग ८ ग्राम कैल्शियम में मदर्स हॉर्लिक्स और ५ ग्राम कैल्शियम की मात्रा जोड़ कर उसे और शक्तिपूर्ण बनाता है। कैल्शियम के अलावा, यह भ्रूण के उचित विकास और सफल स्तनपान के लिए 100% एमिनो एसिड स्कोर (एएएस) और अन्य २५ आवश्यक महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के साथ प्रोटीन की आदर्श गुणवत्ता भी प्रदान करता है। आपकी नियमित दिनचर्या के अनुसार यह आसानी से एक दिन के नाश्ते के रूप में लिया जा सकता है या तो सुबह के समय या रात को सोते समय। 

गर्भावस्था में बढ़ते वजन की जाँच होती रेहनी चाहिए। एक स्वस्थ महिला जिसका  बीएमआई सामान्य है उसका गर्भावस्था की पूरी अवधि में आदर्श रूप से 11 किग्रा तक वजन बढ़ना चाहिए। अधिक वजन वाली महिलाए जिनका बीएमआई 26-29 के भीतर है उनका ७ किलोग्राम से अधिक वजन नहीं बढ़ना चाहिए। मोटापे से ग्रस्त महिलाए जिनका  बीएमआई २९ से अधिक है उनको खुद को प्रतिबंधित करना चाहिए के जितना संभव हो उनका कम से कम से वजन बढे।

स्वस्थ गर्भावस्था के लिए रोजाना कई छोटे पोषक तत्वों से भरपूर भोजन, पर्याप्त आराम और हल्की गतिविधि की सलाह दी जाती है। अंत में, मैं गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली माँ के लिए सप्लीमेंट्स टेबलेट की खुराक के स्थान पर मदर्स हॉर्लिक्स लेने की सलाह देती हूँ।

अस्वीकरण: भोजन में पोषक तत्वों और उसकी खुराक लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

इस लेख में सभी व्यक्त विचार केवल लेखक के हैं और यह जानकारी के रूप में व्यक्त किए गए हैं।

A

gallery
send-btn

Suggestions offered by doctors on BabyChakra are of advisory nature i.e., for educational and informational purposes only. Content posted on, created for, or compiled by BabyChakra is not intended or designed to replace your doctor's independent judgment about any symptom, condition, or the appropriateness or risks of a procedure or treatment for a given person.