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अपने पूरे घर को रखें बैक्टीरिया-फ्री

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अपने पूरे घर को रखें बैक्टीरिया-फ्री

घर में नियमित रूप से साफ-सफाई होनी जरूरी है। धूल साफ करने के साथ-साथ दीवारों पर लगे जाले, पर्दे और कारपेट की सफाई भी होती रहनी चाहिए। घर के हर कमरे को अच्छी तरह साफ किया जाना जरूरी है। कई बार घर की पूरी सफाई के बाद भी बैक्टीरिया से मुक्ति नहीं मिलती। ये बैक्टीरिया घर में छुपे कीड़े-मकोड़ों, कॉक्रोचों, छिपकली, मक्खी-मच्छरों से पनपते हैं। ये कीड़े-मकोड़े घर के कोनों, नमी वाली जगहों में पैदा होते हैं। जब हम घर की सफाई करें तो हमें बैक्टीरिया को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 

 

बेडरूम और लिविंग रूम की सफाई

बेडशीट्स और तकियों में डस्ट माइट्स और एलर्जेंस पनपते हैं, जिस वजह से आपको सर्दी-ज़ुकाम, बदनदर्द और सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इससे बचने के लिए बेडरूम में ओढ़ने-बिछाने वाली चादर और तकियों के कवर हर सप्ताह या जब गंदे हो जोए तो धोने चाहिए। अगर घर में छोटा बेबी हो तो इन्हें गरम पानी से धोना अच्छा रहता है। तकिये के कवर को हर 15 दिन में गर्म पानी में धोएं और हर 2 साल में तकिया जरूर बदलें। लिविंग रूम के सोफों के कवर, कुशन कवर भी हर हफ्ते धोना चाहिए।

  • हर रूम के परदे, दरियां, कारपेट हर हफ्ते झटकार कर साफ करने चाहिए।  2-3 महीने में इन्हें धो देना चाहिए। 
  • कारपेट, दरी, परदे, सोफे की गद्दियां, सॉफ्ट टॉयस व कुशन आदि की नियमित सफाई करें। साथ ही, गद्दों को समय-समय पर धूप में डालें, ताकि इसमें डस्ट माइट्स ना हो।
  • सोफे-बेड, टेबल-कुर्सी की जगह बदलते रहें जिससे उनके नीचे की फर्श पर कचरे में बैक्टीरिया न जमा हो पाएं। कोनों में कीटनाशक भी छिड़कें। 
  • एअरकंडीशनर या कूलर की भी नियमित सफाई और सर्विसिंग कराएं। टीवी, फोन जैसे घर में  मौजूद इलेक्ट्रॉनिक चीजों को भी जरूर साफ और बैक्टीरिया-फ्री रखें। 
  • खिड़की-दरवाजों के हैंडल, टेबल-कुर्सी, सेंटर टेबल, आलमारी, बुक शेल्फ, कॉर्नर स्टैंड, पेंटिग्स, वॉल-क्लॉक, शो-पीस को ऐंटीसेप्टिक लोशन से साफ करें। 

 

बाथरूम और टॉयलेट को रखें सूखा और कीटाणु-मुक्त

बाथरूम और टॉयलेट, खासतौर पर बेसिन, टॉयलेट सीट व ऐसा कोई भी हिस्सा जो शरीर के संपर्क में आता है, वहां से रोग फैलाने वाले बैक्टीरिया के संपर्क में आने की आशंका अधिक होती है। काई, फफूंदी, नमी, दरारें रोग फैलाने वाले कीटाणुओं को तेजी से अपनी ओर आकर्षित करते हैं। बाथरूम या टॉयलेट में किसी छोटी-मोटी मरम्मत को लंबे समय से टाल रही हैं तो उसे ठीक कराने में ही समझदारी है।

  • बाथरूम को अनावश्यक सामान से भरकर न रखें। शैंपू की खाली बोतल, पैकेट, फेसवॉश व अन्य बोतलों को फेंक दें। 
  • गीले कपड़ों को खुला या बिखरा हुआ न छोड़ें। गीले कपडमें पर बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं।
  • कपड़े धोने के ब्रश और साबुनदानी की भी नियमित सफाई करें। किनारों पर जमने वाली साबुन पर गंदगी की परत जमने लगती है, जिस पर बैक्टीरिया पैदा होते हैं।
  • सबके इस्तेमाल के बाद बाथरूम को फिनायल से धोएं। सप्ताह में एक बार बाथरूम क्लीनर से साफ करें। पानी की निकासी को साफ रखें। संभव है तो हर छह माह बाद नया टॉयलेट ब्रश खरीदें।
  • वॉटर गीजर, एग्जॉज्स्ट फैन, नल, शॉवर, मिरर, कॉर्नर स्टैंड को भी साफ और सूखा रखें।
  • अपने टूथब्रश को भी हर तीन माह पर बदलें और ब्रश करने के बाद उसे अच्छी तरह से धोना न भूलें। 

 

किचन की सफाई सबसे जरूरी

किचन में खाना बनता है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए किचन की सफाई बहुत जरूरी है। एक सर्वे में भारतीय रसोइयों में इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़े सौ प्रतिशत संक्रमित पाए गए है। रोग फैलाने वाले बैक्टीरिया का यह संक्रमण किचन सिंक, किचन काउंटर, स्टोव, चाकू और चॉपिंग बोर्ड पर भी देखने को मिला है। बैक्टीरिया को विकसित होने के लिए भोजन, नमी और अधिक तापमान की जरूरत होती है, ऐसे में रसाई से बेहतर जगह क्या हो सकती है। इसलिए किचन को साफ-सुथरा और सूखा रखना जरूरी है।

  • किचन में रखे अनाज, मसाले, पापड़, अचार को अच्छी तरह स्टोर करें।
  • किचन के कोनों को खुला रखें जिससे सफाई में आसानी रहे। मॉड्यूलर किचन को नियमित साफ करें। 
  • मक्खी-मच्छरों को दूर रखने के लिए लाइट फिटिंग्स, नल, स्विच, दरार आदि को कैस्टर ऑयल से पोछें। कैस्टर ऑयल मक्खी-मच्छर को पैदा होने से रोकता है।
  • कॉकरोच को दूर रखने के लिए एक जग में गर्म पानी में एक कप केरोसिन तेल मिला कर सप्ताह में एक बार रात में नालियों में डालें। गर्मियों में फर्श को फिनायल या नमक के पानी से साफ करें।
  • नियमित रूप से घर की चीजों की उन सतहों को अवश्य साफ करें जिन्हें आप अक्सर हाथों से छूती हैं, जैसे फ्रिज व अलमारी के दरवाजे का हैंडल, नल, डस्टबिन, बर्तनों का स्टैंड, लाइट स्विच व टेलीफोन आदि।
  • किचन में इस्तेमाल करने वाले कपड़े जैसे- फ्रिज, मिक्सर के कवर, नैपकीन, एप्रेन, रोटी रखने के कपड़े, किचन पोंछने के कपड़े, डस्टर आदि की नियमित सफाई करें।
  • गीले कपड़ों को रसोई या फिर बाथरूम में लंबे समय तक न छोड़ें। रात में सोने से पहले गीले कपड़ों को अच्छी तरह निचोड़कर सुखाना नमी से पैदा होने वाले बैक्टीरिया को पैदा होने से रोकता है।
  • खाने-पीने की चीजों के बिखरे हुए टुकड़ों को यूं ही न छोड़ें. तुरंत सफाई कर दें।
  • रात में किचल प्लेटफॉर्म, फर्श, चूल्हा और सिंक जरूर साफ करें।
  • किचन में रखी टेबल और कुर्सी को भी साफ और सूखा रखें।
  • किचन में यदि पेड़-पौधे व गमले हैं तो उसके आसपास के हिस्से की भी नियमित सफाई करें।

 

घर के बाहर भी करें सफाई

घर के अंदर तो आपने सफाई कर दी। अब बारी है कि घर को बाहर से भी चकाचक साफ-सुथरा रखें। बाहर से आने पर घर के बाहरी हिस्से के ही सबसे पहले दर्शन होते हैं। 

  • घर के मुख्य दरवाजे, ताले, हैंडल, डोर बेल, लाइट्स-फिटिंग्स और नेमप्लेट को साफ रखें।
  • डोरमैट को भी नियमित रूप से धोकर रखें।
  • घर के बाहर डस्टबिन, झाड़ू-पोंछा न रखें।
  • सेफ्टी डोर या ग्रिल के दरवाजे की भी डस्टिंग करें।
  • मेन डोर के आस पास मकड़ी के जाले को साफ करती रहें।
  • दरवाजे के सामने शू रैक, साइड टेबल या गमले न रखें। इन सबसे गंदगी बढ़ती है।
  • घर के बाहर भी झाड़ू और फिनायल का पोंछा लगाएं। कीटनाशक छिड़काव भी करें।

इस तरह आप घर के अंदर से लेकर घर के बाहर तक आपका पूरा घर चमचमता हुआ साफ-सुथरा दिखेगा। नियमित सफाई से कीड़े-मकोड़ों से दूर और बैक्टीरिया फ्री रहेगा। अच्छी सेहत की पहली सीढ़ी साफ-सफाई ही होती है।

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