जानिए कब से बंद करे शिशु के लिए ब्रेस्टफीडिंग

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जानिए कब से बंद करे शिशु के लिए ब्रेस्टफीडिंग

नवजात शिशु के लिए माॅं का दूध ही संपूर्ण आहार होता है। लेकिन 6 महीने बाद शिशु को ठोस आहार देने की शुरुआत की जाती है। जैसे कि दाल का पानी, मैश किया हुआ केला, राइस, सूप। इस डाइट के साथ बहुत से शिशु ब्रेस्टफीड भी करते रहते है। लेकिन कुछ बच्चे 1 साल की उम्र तक भी ब्रेस्टफीडिंग पर निर्भर रहते है। लेकिन यह आदत छुड़ाना इतना आसान नहीं है। आइये जानते हैं कब से और कैसे ब्रेस्टफीडिंग की आदत छुड़ाएं।

  • 6 महीने बाद जब शिशु माॅं के दूध के अलावा ठोस आहार लेना शुरु करता है। तभी से आप धीरे-धीरे इस आदत को बदले। अगर शिशु रात में ब्रेस्टफीड करता है, तो आप सोने से पहले फॅार्मूला मिल्क दे सकती है। अगर बच्चे का पेट भरा रहेगा तो वह आसानी से सो जाएगा।
  • जब भी शिशु ब्रेस्टफीड के लिए संकेत दे तो आप कुछ नया खिलाने की कोशिश करे। जैसे कि सूजी की खीर आप शिशु को बहला कर खीर खिलाने की आदत डाले। क्योंकि 6 से 8 महीने बाद शिशुओं को ऊपरी आहार दिया जाना आवश्यक होता है।
  • जब भी बच्चा ब्रेस्टफीडिंग के लिए परेशान हो तो आप बच्चे का ध्यान दूसरी चीजों में लगाए।
  • शिशु को दिन में सिर्फ एक बार फीड करवाए। इसके अलावा आप थोड़ी- थोड़ी-देर में खिलाती रहे। सुबह उठते ही खीर, कुछ समय बाद मैश किया हुआ केला, लंच में दाल या दाल का पानी। ऐसा करने शिशु को नए स्वाद का अनुभव होगा।
  • आप चाहे तो शिशु का फीडिंग समय कम कर सकती है। यानी कि जब बहुत ज्यादा जरुरी हो तभी फीड करवाए।
  • शिशुओं के लिए ब्रेस्टफीडिंग से बेहतर कुछ नहीं होता है। लेकिन सही समय पर ब्रेस्टफीड करवाना बंद कर देना चाहिए।

6 महीने बाद बच्चे के लिए ठोस आहार से भी काफी पोषण मिलता है। आप मैश करके दाल-चावाल, पनीर, उबला हुआ आलू भी देना शुरु कर सकते है। क्योंकि बच्चों की अच्छी ग्रोथ के लिए फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सभी का डाइट में होना आव

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