आफिस और प्रेगनेंसी कैसे बैलेंस करे

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आफिस और प्रेगनेंसी कैसे बैलेंस करे

एक औरत के लिए मां बनना बहुत ही खास होता है। क्योंकि मां बनने के बाद बहुत सारी चीजें बदलने लगती है। खासतौर से अगर आप वर्किंग हैं तो यह आपके लिए बहुत चुनौती पूर्ण हो सकता है। 9 से 6 का ऑफिस, प्रेगनेंसी की परेशानियां, मूड स्विंग इन सब का सामना आपको करना पडेगा। इन सारी परिस्थितियों में बहुत ज्यादा उतार चढाव आते है। आखिर कैसे आप अपनी प्रेगनेंसी और अपनी वर्किंग लाइफ को बैलेंस कर सकती है।

  • यह तो जाहिर सी बात है मां बनने के बाद के बदलाव बहुत ही अलग होते है। गर्भावस्था की पहली तिमाही में उल्टी होना, सिरदर्द जैसी परेशानी बनी रहती है। ऐसे में ऑफिस जाना किसी चैलेंज से कम नहीं है।
  • सुबह जल्दी उठना ऑफिस के लिए तैयार होना। यह अच्छा तो सभी को लगता है लेकिन जब आप प्रेग्नेंट होती है तो यह सब थोडा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में स्वयं को मानसिक रूप से तैयार करना पडता है। कि आखिर कैसे प्रेगनेंसी और वर्किंग लाइफ बैलेंस करे।
  • प्रेगनेंसी के शुरुआती हफ्ते में मॉर्निंग सिकनेस की समस्या बहुत रहती है। इसलिए आप कुछ समय मेडिटेशन के लिए निकाले। आफिस टिफिन में आप फल में संतरा, चीकू, सेब को अवश्य शामिल करे। एक रूटीन सेट करे कि आपको इतना ही काम करना है। क्योंकि आजकल आफिस में प्रेग्नेंट मॉम के लिए बहुत सहूलियत दी गई है।
  • आप चाहे तो वर्क फ्रॉम होम के लिए भी परमिशन ले सकती है। ऑफिस और प्रेगनेंसी साथ में घर के कामों को बैलेंस करने के लिए। आप अपने पति की मदद लीजिए, घर के कुछ काम की जिम्मेदारी बाकी फैमिली मेंबर्स ले।
  • ऑफिस में सारा दिन बैठने से आपको कमर दर्द की भी शिकायत हो सकती है। इसलिए आप एक टाइम फिक्स करें कि कुछ समय के लिए वॉक करे।
  • आपका ऑफिस लंच बैलेंस होना चाहिए। जंक, आयॅली फूड को कम ले, इसकी जगह आप एक हेल्दी डाइट को फॉलो करे। ऑफिस से घर आने के बाद खुद को समय दे। थोडी देर के लिए टहलने जाए, अच्छी तरह से डिनर करे, साथ ही कुछ अच्छी किताबे पढें।
  • प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही तक आपका पेट साफ दिखने लगता है। इसलिए आप वही कपड़े पहने जो आरामदायक हो।
  • ऑफिस के किसी काम का कोई स्ट्रेस नहीं ले। बल्कि आप उतना ही काम करे जो आपकी सेहत के लिए ठीक है। क्योंकि आफिस प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह का दबाव नहीं डालता है।
  • गर्भावस्था के दौरान आपको कई तरह की एलर्जी हो सकती है। जैसे किसी खाने की खुशबू से या फिर किसी तरह के शोरगुल से। आज कई कंपनियां प्रेगनेंट लेडी के लिए स्पेशल केबिन प्रोवाइड करवाती है। अगर आपके ऑफिस में भी ऐसी सुविधा है तो इसका पूरा लाभ उठाएं।
  • अक्सर ऑफिस के काम का प्रेशर ना चाहते हुए भी बढ जाता है। इसलिए आप अपने ऑफिस कलीग से इस बारे में बात करें कि किस तरह से काम को हैंडल करना है।
  • वीकेंड पर स्वयं को आराम दे, अपने लिए समय निकाले आप चाहे तो योगा क्लास ज्वाइन कर सकती है।
  • प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही काफी नाजुक होती है। डॉक्टर यही सलाह देती है कि आप आराम करे। तीसरी तिमाही से आप मैटरनिटी लीव ले सकती है।
  • मैटरनिटी लीव के दौरान आप हेल्दी डाइट लीजिए। खुश रहिए, ऑफिस का स्ट्रेस कुछ समय के लिए भूलकर अपने मातृत्व के सफर को एंजॉय करे।
  • वर्किंग मॉम या फिर नॉन वर्किंग जिम्मेदारी उतनी ही होती है। क्योंकि बहुत सी मांएं बच्चों के बाद अपनी जॉब छोडकर घर संभालने लगती है। यह उतना आसान नहीं है इसलिए एक पति को भी अपनी पत्नी का पूरा सहयोग करना चाहिए।

घर हो या ऑफिस प्रेगनेंसी के दौरान काफी कुछ चैलेंजिंग हो जाता है। इसलिए दोनों जगह बैलेंस बनाने की जरूरत होती है। लेकिन सब कुछ ठीक करने के चक्कर में आप किसी तरह का तनाव नहीं ले। बल्कि खुद पर भरोसा रखे और अपने इस सफर में आगे बढें।

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