2 से 5 साल के बच्चों के लिए सोशल स्किल डेवलपमेंट

cover-image
2 से 5 साल के बच्चों के लिए सोशल स्किल डेवलपमेंट

2 से 5 साल के बच्चे बहुत जल्दी ही सीखने की शुरुआत करते है। बच्चे ज्यादातर अपने पेरेंट्स को देखकर सीखना शुरु कर देते है। बच्चों का चिल्लाना, गलत शब्दों का प्रयोग करना यह कही ना कहीं बच्चे अपने घर में भी सीखते है।

लेकिन कुछ ही ऐसी बातें होती है जो बच्चे किसी के सामने भी बोल देते है। चाहे वह बात किसी को अच्छी लगे और ना लगे। इसलिए बच्चों में सोशल स्किल को डेवलप करना बेहद आवश्यक है। बच्चों के लिए सोशल स्किल हमेशा काम आती है।

 

  • भाषा का सही प्रयोग बच्चों के लिए बहुत जरूरी है। बच्चों को बचपन से ही यह सीखने की आदत डाली जाए कि कब किससे आप और तुम का प्रयोग करना है। अपने से बडो की बात बीच में नहीं काटनी है। लेकिन अगर कोई बड़ा गलत बात बोलता है तो हमेशा उस बात को अपने पैरेट्स अवश्य बोले।
  • हमारे बात करने का तरीका बहुत मायने रखता है। बच्चे अक्सर चिल्ला कर बात करते है, अगर आपका बच्चा ऐसा कुछ करता है तो तुरंत बच्चों को टोके।
  • बच्चे जब भी कहीं बाहर जाते है तो किसी ना किसी बात पर जिद करना शुरू करते हैं। हम पेरेंट्स बच्चों की जिद्द मान भी लेते है। लेकिन उसी समय अगर बच्चों को टोक दिया जाए तो बच्चों का जिद्दी स्वभाव बदल सकता है।
  • लंच या डिनर के लिए बच्चों को बाहर ले जाना आसान बात नहीं है। क्योंकि अक्सर 2 साल के बच्चे ठीक से बैठ कर खाना नहीं खाते है। उनकी यह आदत मुश्किल से बदलती है। इसलिए बच्चों की इस आदत को ठीक करने के लिए शुरुआत से ही टोके कि खाना गिरा कर मत खाओ। हमेशा चम्मच का यूज करो, टेबल और चेयर पर बैठकर खाना खाओ। हो सकता है कि बच्चों को यह रोक टोक ना अच्छी लगे, लेकिन सामाजिक विकास के लिए बच्चों को यह सब सिखाना होगा।
  • घर में जब भी गेस्ट आते है तो बहुत से बच्चे बात नहीं करते है। अपने बच्चों को यह हमेशा सिखाए कि घर पर कोई भी आए उसे नमस्ते और हेलो अवश्य बोले।
  • थैंक यू और वेलकम यह दो शब्द बच्चों को हमेशा सीखने चाहिए। आपके घर पर कोई हाउस हेल्पर हो या सोसायटी के गार्ड बच्चों को यह पता होना चाहिए कि हमे उनसे आदर से बात करनी है।
  • बच्चे अजनबी लोगों से बहुत बात करना पसंद करते है। क्योंकि उन्हे लगता है कि अनजान उन पर कोई रोक टोक नहीं करेगा। लेकिन बच्चों की इस आदत को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। इसलिए क्योंकि इसका फायदा हमेशा अनजान लोग उठा सकते है।
  • अपने पेरेंट्स और ग्रैंड पेरेंट्स की रिस्पेक्ट करना बच्चों की सोशल सिकल के लिए बहुत जरूरी है।
  • अच्छी सोशल सिकल के लिए शब्दों को सही तरीके से बोलना भी काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए बच्चों को हिंदी और इंग्लिश भाषा का सही उच्चारण करना सिखाए।

 

बहुत से बच्चे स्टेज या फिर किसी के सामने बोलने में घबराते है। इसे स्टेज फियर भी कहते है बच्चों का यह डर दूर करने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करे। बच्चों को सिखाइए कि किसी को कैसे प्रोत्साहित किया जाता है। बच्चों में सोशल स्किल को डेवलप करना आवश्यक है। क्योंकि बच्चों के अच्छे मानसिक विकास के साथ-साथ सामाजिक विकास भी होना चाहिए।

#balvikas #boostingchildevelopment
logo

Select Language

down - arrow
Personalizing BabyChakra just for you!
This may take a moment!