कुछ बातें जो बच्चों से भी सीखने को मिलती है

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कुछ बातें जो बच्चों से भी सीखने को मिलती है

बच्चे अपने माता-पिता से बहुत कुछ सीखते है। लेकिन हम पेरेंट्स भी अपने बच्चों से बहुत कुछ सीखते है। क्योंकि बच्चे कभी-कभी ऐसी बातें करते है जो बड़ों को भी नहीं पता होती है।

 

आइये जानते है ऐसी कौन सी बातें है जो बच्चों से सीखने को मिलती है।

  • समय निकालना अगर आप अपने बच्चे से बोले कि मेरे लिए कुछ समय निकालो तो बच्चा कभी नहीं मना करेगा। लेकिन हम पेरेंट्स कहीं ना कहीं एक बात से चूक जाते हैं।
  • बच्चा आपकी हर बात सुनेगा, लेकिन जब हमारी बारी आती है तो हम बच्चों की बातों को अनदेखा करते है।
  • एक माता-पिता में जब भी लडाई होता है तो बच्चे यह सिखाने का प्रयास करते है कि ऐसा मत करो यह ठीक नहीं है।
  • अक्सर हम शब्दों का प्रयोग सही तरीके से नहीं कर पातें है लेकिन बच्चा हमे यह भी सिखा देता है।
  • कहीं पब्लिक प्लेस पर हम बच्चों पर बिना वजह चिल्ला देते हैं। लेकिन आपने अगर ध्यान दिया हो बच्चे ऐसा बहुत कम करते है।
  • अक्सर जब भी पेरेंट्स तनाव में रहते हैं तो सारा गुस्सा बच्चों पर निकाल देते है। लेकिन क्या बच्चे अपने स्कूल के स्ट्रेस को अपने माता- पिता के ऊपर निकालते हैं। नहीं बल्कि बच्चे तनाव में होने पर एकदम शांत रहते है।
  • अक्सर हमें काम करने का मन नहीं होता है। तो हमारे बच्चे यह नहीं कहते कि जाओ ये काम करो तुम्हें करना ही है। ऐसे में बच्चों का भी तो स्कूल जाने का मन नहीं होता है। लेकिन हम पेरेंट्स उस समय यह भूल जाते है कि जिस बात का हमारा मन नहीं होता और हमसे जबरदस्ती वह काम करवाया जाए तो कैसे लगता है।
  • ऑफिस से घर आने के बाद आप टीवी देखना आराम से बैठना पसंद करेगें। लेकिन बच्चा जब स्कूल से आता है तो हम यही सोचते है कि जल्दी से खाना खाए, फिर होमवर्क करे।
  • ऐसा नहीं कि यह सब पेरेंट्स सख्ती से करते है। लेकिन बच्चे कभी-कभी हमें बहुत कुछ सिखाते है। क्योंकि आजकल के बच्चे वह सारी चीजें देख रहे है जो हमने शायद ही कभी देखी हो।
  • सोशल मीडिया हो या टेक्नोलॉजी हो सकता है जो चीजें हमें नहीं पता होगी वह हमारा बच्चा अच्छे से जानता होगा।
  • अगर हम कभी अलार्म लगाना भूल जाए तो एक बार आप अपने बच्चे से बोलकर देखें वह कभी नहीं भूलगा।

ऐसी बहुत से बातें है जो हमें बच्चों से हर पल सीखने को मिलती है। एक पैरेट्स के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है अपने बच्चे को टाइम देना। बच्चों की बातों को अनदेखा नहीं करना, किसी के सामने गुस्सा और चिल्लाना नहीं। बच्चों के साथ उनके दोस्त जैसा बनकर रहना। बच्चों को प्रोत्साहन देना अगर बच्चे ने कोई गलती कर दी है तो चिल्लाकर नहीं बल्कि आराम से समझाए। क्योंकि गलतियां तो हम बड़ों से भी होती है। बच्चों के अंदर आत्मविश्वास लाने के लिए बच्चों पर भरोसा करना। कभी किसी दूसरे बच्चों की तुलना अपने बच्चे से नहीं करना। अगर देखा जाए तो सही पैरेंटिंग का यही मतलब है कि अपने बच्चों हर तरह से समझना।

#mindfulparenting
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