सेकंड प्रेगनेंसी और आपका टॉडलर बच्चा

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सेकंड प्रेगनेंसी और आपका टॉडलर बच्चा

पहली बार मां बनने के एहसास बहुत खास होता है। लेकिन दूसरी बार मां बनने की खुशी अलग होती है। साथ ही जिम्मेदारियों भी बढ़ने लगती है। एक बच्चा तो आपका टॉडलर और दूसरा नवजात ऐसे में दोनों को संभालना आसान काम नहीं है। क्योंकि पहले बच्चे में कहीं ना कहीं असुरक्षा की भावना पनपने लगते है।

 

तो कैसे आप बैलेंस करे आप अपनी सेकंड प्रेगनेंसी और अपने टॉडलर बच्चे के बीच में

  • जब आप पहली बार मां बनती है तो मन में बहुत सारी उम्मीदें होती है। एक अलग ही तरह का उत्साह होता है, साथ ही आप पूरा ध्यान अपने बच्चे पर ही देते है। आप हर तरह से समझौता करने को तैयार रहती है। लेकिन क्या ऐसा सेकेंड प्रेगनेंसी में होता है शायद नहीं। क्योंकि पहले से ज्यादा अब आपकी जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ चुकी है। आपको एक साथ दो बच्चों को संभालना है।
  • अपनी दूसरी प्रेगनेंसी के बारे में पहले बच्चे को कैसे बताया यह हर मां एक बार जरूर सोचती है। इसलिए अगर आप दूसरी बार मां बनने की सोच रही है तो पहले स्वयं मानसिक रूप से तैयार रहे। कि आपको कैसे सारी चीजें मैनेज करनी है।
  • सबसे पहले आप इसमें अपने पति का सपोर्ट ले, घर के कामों में पति को भी बराबर से मदद करनी है। अपने बच्चे को बोलने का सबसे आसान तरीका है उसे यह एहसास दिलाने कि अब ऐसा कोई आयेगा जिस पर तुम अपनी मर्जी चला सकते है।
  • लेकिन अपनी मर्जी चलाने का तरीका मेरे जैसा हो जिसमें प्यार, केयर, शेयर करना। जैसे कि मम्मा करती है, कुछ इस तरह से अपने बच्चे को समझाएं कि अब वह बड़ी बहन या बडा भाई बन रहा है या रही है। क्योंकि बच्चों में बड़े होने की फीलिंग उनको समझदार बनाती है।
  • बेटी हो या बेटा दोनों बच्चे जब बड़ी बहन या बड़े भाई बनते हैं तो उनके स्वभाव में भी कई तरह के परिवर्तन आते है। उनको यह फील होता है कि हम किसी पर रुल कर सकते है।
  • अक्सर बच्चों के मन में एक डर सा भी बैठ जाता है कि अब मेरे मम्मी पापा मुझे पहले जैसा प्यार नहीं करेगे। इसलिए बच्चे अक्सर अपनी बहन-भाई से बढ़ने लगते है। लेकिन इस डर को सिर्फ पेरेंट्स ही दूर कर सकते है।
  • अपने बच्चे को टाइम दे, हो सकता है कि आपका बच्चा खुद को अकेला फील करने लगे। ऐसे में आप बच्चे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बितायें।
  • बच्चे को बातों बातों में ही समझाएं कि उसके कपडे, बेड, खिलौने और भी कोई शेयर करेगा।
  • प्रेगनेंसी की पहली और दूसरी तिमाही में आपके मूड स्विंग होना सामान्य लक्षण है। ऐसे में आपको कभी भी गुस्सा आ सकता है। तो इस गुस्से को अपने बच्चे के लिए कंट्रोल करना होगा। क्योंकि आपके टॉडलर बच्चे पर इसका गलत असर होगा।
  • टॉडलर बच्चे जितनी जल्दी चीजें सीखते हैं उतनी जल्दी समझते भी हैं। इसलिए बच्चों को प्यार से समझा क्योंकि थोडी बहुत असुविधा तो बच्चे को होगी।
  • शायद आप पहले की तरह बच्चे पर ध्यान ना दे सके ऐसे में अपने पति का सहयोग अवश्य ले। क्योंकि एक मां की जितनी जिम्मेदारी होती है। एक पिता को भी बच्चों की परवरिश में बराबर का सपोर्ट देना पड़ता है।



इसलिए सबसे ज्यादा जरूरत है बच्चे को समय देने को समझने की। क्योंकि दूसरे बच्चे के बाद आपको एक अलग ही फीलिंग आयेगी। कहीं ना कहीं जब दोनों बच्चे साथ में खेलेंगे उसे अच्छे कुछ नहीं है।

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