बच्चे की परवरिश में ग्रैंड पेरेंट्स की क्या भूमिका है

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बच्चे की परवरिश में ग्रैंड पेरेंट्स की क्या भूमिका है

बच्चों की परवरिश में एक माता-पिता की जितनी भूमिका होती है। उतनी ही ग्रैंड पेरेंट्स का सहयोग होना जरूरी है। ग्रैंड पैरेंट को अपने नाती पोतों से विशेष लगाव होता है। बच्चे अपने पेरेंट्स से ज्यादा दादी बाबा नानी नाना से भावनात्मक तौर से जुड़ाव महसूस करते है।

आज के समय में ज्यादातर पेरेंट्स वर्किंग है, ऐसे में बच्चों को जितने अच्छे से उनके ग्रैंड पेरेंट्स देख सकते है। दूसरा कोई और नहीं, डिजिटल समय में आजकल लोगों के पास टाइम नहीं है। बच्चे अपनी ऑनलाइन क्लास, पैरेंट अपने कामों में लगे रहते है। ऐसे में बच्चे स्वयं को अकेला महसूस करने लगते है। लेकिन अगर घर पर ग्रैंड पैरेंट साथ रहते हैं तो बच्चों का ध्यान टीवी फोन में कम रहता है।

  • ग्रैंड पेरेंट्स के साथ बच्चे सब से ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए संस्कार और सहयोग दोनों आवश्यक है। ग्रैंड पैरेंट बच्चों को यह सब सिखाने की पूरी कोशिश करती है।
  • नानी-नाना, दादी-दादा को भी अपने नातिन, नाती के साथ समय बिताना काफी अच्छा लगता है। क्योंकि उनमें वह अपने बच्चों का बचपन देखते हैं।
  • बच्चे अक्सर कभी-कभी बहुत जिद्दी हो जाते है। आप चाहे उनका कितना भी ध्यान रखे लेकिन वह नहीं सुनते उसकी वजह की बच्चे अकेलापन फील करते है।
  • क्योंकि हम पैरेंट भी अपने कम में इतना बिजी हो जाते है कि बच्चों की बातों को अनदेखा कर देता है। ऐसे में ग्रैंड पैरेट बच्चों को इस परेशानी से बाहर निकालने में मदद करते है।
  • बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है उनको समय देना और समझना। ऐसे में आज के समय में ग्रैंड पैरेंट्स बहुत अच्छी भूमिका निभाते हैं।
  • क्योंकि उनके लिए भी अपने बच्चों के बच्चों के साथ अलग तरह का लगाव महसूस करते है। आजकल के बच्चे भी अपने ग्रैंड पैरेंट्स को बहुत कुछ सिखाती है जैसे कि स्मार्टफोन चलाना, आज के समय के साथ चलना। अपना सोशल सर्किल बनाना, बहुत सारी ऐसी बातें बच्चों से सीखने को मिलती है। आज के टाइम में ग्रैंड पैरेट का साथ होना बहुत जरूरी है।
  • वर्किंग पेरेंट्स के लिए बच्चों की परवरिश करना आसान नहीं होता है। ऐसे में ग्रैंड पैरेंट का साथ होना सबसे ज्यादा आवश्यक होता है। क्योंकि बच्चों की अच्छी परवरिश और संस्कार के लिए उनके दादी नानी का सहयोग होना जरूरी है।

कभी बच्चों को सर्दी जुकाम यह पेट दर्द की परेशानी है तो हमेशा दादी नानी के नुस्खे ही काम आते है। बच्चों को अगर उनके पैरेंट डांटे तो उन्हें बहुत ज्यादा बुरा लगता है। लेकिन अगर उनके ग्रैंड पैरेंट डांटे तो बच्चे बुरा नहीं मानते। इसलिए बच्चों को अच्छी परवरिश के लिए ग्रैंड पैरेंट का साथ जरूरी है।

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