बच्चों को दूसरी लैंग्वेज सिखाने के ये 5 आसान तरीके

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बच्चों को दूसरी लैंग्वेज सिखाने के ये 5 आसान तरीके

आजकल के समय में बच्चे बहुत कुछ सीखना चाहते है। चाहे वह कोई नया ट्रेंड हो, या फिर कोई लैंग्वेज कोर्स बच्चों में कुछ ना कुछ नया सीखने की काफी इच्छा होती है। वैसे देखा जाए तो बच्चों की पहली भाषा हिंदी होती है। लेकिन हम सब कोई ना कोई दूसरी भाषा बोलते हैं जैसे कि इंग्लिश, पंजाबी, मराठी, बंगाली। या फिर फॅारेने लैंग्वेज। इसी दूसरी भाषा को बच्चों को कैसे सिखाया जाए आइये जानते है।

बच्चों के लिए दूसरी भाषा कोई भी हो सकती है। अगर बच्चों को विदेशी भाषा सीखनी है तो उस भाषा के लिए बच्चों को पहले उसका बेसिक पता होना चाहिए। आज के समय में बच्चे एक साथ दो भाषा सीख रहे है। यह बच्चों के मानसिक विकास के लिए भी आवश्यक है।

आप बच्चों को जो भी दूसरी लैंग्वेज सीखना चाहते हैं उसमें बच्चों का इंटरेस्ट भी देखिए कि बच्चा क्या सीखना चाहता है।

भाषा को शुरुआती स्तर पर सीखना- भाषा कोई भी हो चाहे, फ्रेंच, जर्मन या इटालियन बच्चे की उसमें रुचि होनी चाहिए। पहले भाषा का बेसिक सिखाने की कोशिश करे। जैसे कि हमारी बोलचाल की भाषा में होता है। क्योंकि किसी भी भाषा की अच्छी पकड़ के लिए इसके बारे में शुरुआत से पता होना चाहिए। जैसे हम हिंदी सीखने की शुरुआत क, ख, ग से करते है। वैसे ही दूसरी भाषा को सीखने के लिए भी ऐसे ही शुरु करना होगा।

खेल-खेल में सीखना- दूसरी लैंग्वेज को खेल-खेल में सीखना बहुत ही आसान है। अगर बच्चा हिंदी अच्छी से जानता है तो जो भाषा सीखना चाहता हो उसमें से कुछ शब्दों को ढूंढे जो हिंदी और दूसरी भाषा से मेल खाते हो। यह सीखने का तरीका बच्चे को स्क्रीन टाइम से भी दूर रखेगा।

लैग्वेंज एप- आजकल ऐसे बहुत से लैग्वेंज ऐप है जो 2 साल से 5 साल के बच्चों के लिए भी बनाए गए है। इसलिए इन लैग्वेंज एप के जरिए भी आप बहुत कुछ सिखा सकती है।

किताबों को पढ़ना- अगर आप कोई दूसरी लैंग्वेज सीखना चाहती है तो उस लैग्वेंज की वो किताबें लीजिए जो बच्चों को पिक्चर के माध्यम से सिखाती है। ऐसे बच्चे तस्वीरें देखकर काफी कुछ सीखिंगे। क्योंकि चित्रों के माध्यम से बच्चे भाषा को समझना शुरु करते है।

बच्चों के लिए तीसरी भाषा सीखना जरूरी है। लेकिन जो भी भाषा सिखाएं उसमें बच्चे की भी रुचि हो। आज के समय में बच्चों के अच्छे करियर के लिए दो से तीन भाषाओं की जानकारी होना जरुरी हो गया है। स्कूलों की बात करे तो बहुत से स्कूलों में कई सारी भाषा कक्षा 3 या 4 के बाद सिखाई जाती है। संस्कृत भाषा ऐसी भाषा है जिसमें विदेशी छात्र भी बहुत रुचि लेते है। क्योंकि यह भाषा आज से नहीं सदियों से चली आ रही है। इसलिए बच्चों को हमेशा कुछ ना कुछ नया सीखने के लिए अवश्य प्रेरित और प्रोत्साहित करे।

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