नवरात्रि महानवमी कंजक पूजा का महत्व

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नवरात्रि महानवमी कंजक पूजा का महत्व

शारदीय नवरात्रि में महानवमी का विशेष महत्व है। क्योंकि देश में उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक नवमी को अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। विदेशों में भी नवमी की काफी धूम होती है, अगर उत्तर भारत की बात करे तो यहां पर नवमी पर कंजक पूजन और माता की चौकी की रौनक होती है। बंगाल और कोलकाता में सिंदूर खेला और दुर्गा पूजा की अलग ही बात है। दक्षिण भारत में सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है। उत्तर प्रदेश में रामलीला से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस बार महानवमी 14 अक्टूबर को है और इस दिन महानवमी के दिन मां का विशेष पूजन करके व्रत की समाप्ति की जाती है। व्रत तोड़ने के लिए कंजकों की पूजा की जाती है।

 

कंजक की पूजा करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें

  • कंजकों के भोग के लिए हलवा पूरी चना नारियल कलावा रोली जल को रखे।
  • नवमी के दिन कंजक पूजन में केला, नारियल अवश्य चढ़ाए।
  • मां को भोग लगाने के बाद कंजकों को भोग लगाए, कंजकों के हाथ में कलावा, रोली से टीका लगाए साथ हलवा पूरी चना को प्रसाद के तौर पर दे इसके अलावा आप कन्याओं को रुपए गिफ्ट भी दे सकती है।
  • नवमी के दिन की बात ही अलग होती है कंजकों के आशीर्वाद से मां का ही आशीर्वाद मिलता है। इसलिए अगर इस नवरात्रि आप मां बनने जा रही है तो इन कंजकों से आशीर्वाद अवश्य ले।

 

नवमी रेसिपी सूजी का हलवा

सूजी आवश्यकतानुसार देसी घी, बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स, चीनी, नारियल कटा हुआ। सूजी को हल्के देसी घी में भून ले अब इसमें चीनी मिला ले। चीनी को अच्छी तरह से मिलाने के बाद उसमें ड्राई फ्रूट मिक्स कर ले। अब ऊपर से कसा हुए नारियल के साथ हलवा सर्व करे।

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