डेंगू बुखार जानिए बच्चों में क्या है इसके लक्षण और बचाव

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डेंगू बुखार जानिए बच्चों में क्या है इसके लक्षण और बचाव

बदलते मौसम में कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है। इन दिनों डेंगू बुखार काफी फैल रहा है, यह बुखार बच्चों के लिए भी खतरनाक है। इसलिए क्योंकि बच्चे ज्यादातर पार्क में खेलते हैं वहां डेंगू के मच्छरों के पनपने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षण

विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के लक्षण शुरू में फ्लू जैसे ही होते है। जिसकी वजह से इसकी आसानी से पहचान नहीं हो पाती है। संक्रमित मच्छर के काटने के 4 से 8 दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखाई देते है। अगर इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजर अंदाज नहीं करें।

  • सिरदर्द
  • मसल्स पेन, हड्डियों में दर्द
  • उल्टी आना
  • पेट खराब होना
  • आंख के पीछे दर्द होना
  • लाल चकत्ते होना

 

अगर आपके बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखें तो फौरन डॅाक्टर से सलाह लें।

उपचार

  • बच्चों में डेंगू के उपचार से बचने के लिए सबसे पहली डॉक्टरी जांच आवश्यक है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां दे। इसके अलावा इन घरेलू उपचार से आप डेंगू के लक्षणों को कम किया जा सकता है।
  • डेंगू होने पर पानी की कमी नहीं होने दें, बच्चों को खूब नारियल पानी दें। डेंगू की प्लेटलेटस कम हो जाती है इसलिए बच्चों के खाने पीने का पूरा ध्यान रखे। बच्चों को अनार का जूस, सेब, विटामिन सी युक्त फल दें।
  • घर में कहीं भी पानी नहीं इकठ्ठा होने दें, अगर घर पर पेड़ पौधे है तो वहां कीटनाशक दवा का छिड़काव करते रहें।
  • बच्चों को किड्स फ्रेंडली मॉस्किटो रेपेलेंट्स अवश्य लगाएं। बच्चों को पूरी बाजू के ही कपड़े पहनायें। घर में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। बच्चों की डाइट में पपीता, मौसमी फल, प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल करें।
  • रात में बच्चों के कमरे की खिड़की दरवाजों को सीधा खुला नहीं रखे। इसके अलावा कमरे में अगर कहीं भी पानी ठहरने की जगह है तो उसे बंद करे।

बच्चों के लिए डेंगू सामान्य फीवर जैसा लगता है। इसलिए इसमें जरा सी भी लापरवाही नहीं बरतें। जरा से भी लक्षण होने पर डॉक्टर को फौरन दिखायें।

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