पीरियड्स के दौरान मूड स्विंग होना

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पीरियड्स के दौरान मूड स्विंग होना

मूड स्विंग यानी कि कभी गुस्सा तो कभी प्यार। कभी खट्टा खाने का मन तो कभी मीठा सबसे ज्यादा मूड स्विंग पीरियड के दौरान ही होता है। पीरियड् के दौरान मूड बदलना कभी आसमान्य हो जाता है। इसकी वजह से कभी बहुत ज्यादा रोना आता है। तो कभी लगता है सब कुछ खत्म सा हो गया है। यह मूड स्विंग सिर्फ हार्मोनल परिवर्तन की वजह से होते है। हालिकी पीरियड्स के अलावा मूड स्विंग प्रेगनेंसी के दौरान भी होते है। पीरियड में होने वाले मूड स्विंग में भी उतनी क्रेविंग होती है जितनी प्रेगनेंसी में।

पीरियड्स से पहले शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। जैसे कि ब्रेस्ट में दर्द होना बहुत भूख लगना। नींद आना यह सब आपको पीरियड आने के 15 या 10 दिन पहले महसूस होगा। क्योंकि इसकी वजह हार्मोनंस का बदलना भी होता है। प्रसव के बाद भी अगर पीरियड सामान्य है तब भी यह परेशानी रहती है।

 

आखिर मूड स्विंग को कंट्रोल कैसे करे

  • मेडिटेशन एक ऐसा जरिया है जिससे काफी हद तक आप अपना मूड सही कर सकती हैं। इसलिए पीरियड की डेट के पहले कुछ समय मेडिटेशन करे।
  • शरीर को हाईड्रेट रखना, यह भी हार्मोनंस को बैलेंस करता है। पीरियड के दौरान खूब पानी पिएं, पानी के अलावा नारियल पानी का भी सेवन करे।
  • हेल्दी और प्रोटीन युक्त डाइट भी हार्मोंनल बदलाव के लिए आवश्यक होती है। क्योंकि जंक और अनहेल्दी खाने का असर आपके मूड पर भी पडता है।
  • 9 घंटे की नींद आपके मूड पर अच्छा असर डालती है। क्योंकि भरपूर नींद लेने से आपका दिमाग शांत रहेगा।
  • तनाव मूड स्विंग इस बात पर भी निर्भर करता है ज्यादा स्ट्रेस तनाव और चिडचिडे पन का कारण बन सकता है।

 

पीरियड के दौरान या गर्भावस्था के समय मूड स्विंग को ठीक करने के लिए एक अच्छी जीवनशैली अपनाएं। किसी भी तरह की चिंता से दूर रहे, विटामिन सी युक्त डाइट का सेवन करे। पीरियड के दर्द से बचने के लिए गर्म पानी का सेवन करे। इस तरह के उपाय आपको पीरियड मूड स्विंग से निजात दिलायेगें।

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