दीवाली पूजन का शुभ मुहूर्त

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दीवाली पूजन का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के दीवाली कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाई जाती है। इस बार दीवाली 4 नवंबर को है, दीपावली की रौनक विदेशों तक रहती है। दीवाली ऐसा त्यौहार है जिसमें हर कोना-कोना रोशन होता है। दीवाली में सबसे ज्यादा महत्व गणेश-लक्ष्मी पूजन का होता है। क्योंकि पुरानी मान्यताओं के अनुसार दीवाली के दिन सबसे ज्यादा मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है।



इस बार दीवाली पूजन का शुभ मुहूर्त है शाम को 6.10 से रात के 8 बजे तक है।

दीवाली की पूजा विधि

दीपावली के दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के पूजन का विधान है। इस दिन धन के देवता कुबेर, मां सरस्वती और काली मां की पूजा की जाती है। दीपावली के दिन साफ चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। उसके बाद गंगा जल छिडक कर गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करे। फल, फूल,मेवा, शहद, अक्षत, आदि से विधि विधान से पूजा करे। घर में दिए जलाए और प्रसाद बांटे, दीपावली मनाने की परंपरा सब जगह अलग-अलग है।

उत्तर भारत के कई जगहों पर दीवाली के दिन कुछ ना कुछ विशेष खाने की परंपरा है। जैसे कि जिमीकंद की सब्जी, खीर, पूरी इस तरह की परंपरा सदियों से चली आ रही है। दीपावली के दिन तंत्र साधना भी की जाती है। आज भी कई जगह लोग दीवाली की रात ऐसा करते है। फिलहाल हर जगह दीवाली मनाने की अलग-अलग परंपरा है।

 

दीपावली त्यौहार से जुड़ी हुई मान्यता

  • पौराणिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में भगवान राम जब 14 साल के वनवास से लौटे थे। तब इस खुशी में दिए जलाए गए थे।
  • भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध दीवाली के दिन पहले किया था।
  • दीवाली की दिन महाकाली की भी पूजा की जाती है।
  • अमृतसर के स्वर्ण मंदिर का निर्माण भी दीवाली के दिन हुआ था।

 

पुरानी मान्यताएं हो या फिर आज के दीवाली ट्रेंड दीवाली को लेकर लोगों में वैसे ही उत्साह रहता है। तो इस दीवाली अपने पयार्वरण को सुरक्षित रखे और सभी में खुशियां बांटे।

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

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