आज है गोवर्धन पूजा जानिए क्या है इससे जुड़ी हुई परंपरा

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आज है गोवर्धन पूजा जानिए क्या है इससे जुड़ी हुई परंपरा

दीपावली त्यौहार के ये पांच दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। क्योंकि इन पांच दिनों का अलग ही महत्व होता है। दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा या अन्नकूट की पूजा की जाती है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण ने गोकुल वासियों को गोवर्धन पूजा के लिए प्रेरित किया था।

 

गोवर्धन पूजा से जुड़ी हुई कई परंपराएं है

 

  • गोवर्धन पूजा सुबह और शाम दोनों समय की जाती है। इस पूजा में गोबर से पर्वत और पेड़ पौधों की आकृति बनाई जाती है।
  • पूजन के समय गोवर्धन पर धूप, दीप, नैवेध, फल आदि से भगवान को भोग लगाया जाता है। गोवर्धन पूजा का विधान सब जगह लोग अपनी मान्यताओं के अनुसार करते हैं।
  • हिदूं धर्म के अनुसार जब इन्द्र देवता ने अपना मान जताने के लिए ब्रज में तेज बारिश की थी। तब भगवान श्री कृष्ण ने सभी लोगों को बचाने के लिए अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था। तभी से गोवर्धन पर्वत की भी पूजा करने का विधान है।
  • आज के दिन भगवान कृष्ण को 56 तरह का भोग लगाया जाता है।
  • दीपावली के अगले दिन ये पूजा सुबह की जाती है। कहीं-कहीं गोवर्धन की पूजा शाम में आरती के साथ सम्पन्न होती है।
  • गोवर्धन पूजा के दिन अन्न खील, लावा मिठाई आदि का भोग लगाए। साथ ही गोवर्धन पर्वत का नमन करते हुए पूजा करे।
  • हालिकी किसी भी पूजा के पीछे अपना वैज्ञानिक महत्व है गांव में गोबर का इस्तेमाल मच्छर भगाने के लिए भी किया जाता है। किसी भी पूजा में परंपरा और उसके पीछे के वैज्ञानिक कारण भी जुड़े होते हैं।

 

गोवर्धन पूजा का भी अपना अलग महत्व है। इस दिन पशु पक्षियों और पेड़ पौधों की पूजा की जाता है। इसका मतलब पयार्वरण की सुरक्षा, क्योंकि यह प्रकृति हमें बहुत कुछ देती है। हमें भी प्रकृति को बहुत कुछ देना चाहिए और प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए।

गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं

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