बच्चों को क्यों आते हैं बुरे सपने जानिए कारण

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बच्चों को क्यों आते हैं बुरे सपने जानिए कारण

सपने देखना अच्छी बात होती है, लेकिन बुरे सपने देखना बहुत ही डरावना होता है। बच्चों की बात करे तो अक्सर बच्चे बुरे सपने देखते हैं। सपने में ही बच्चे डर जाते हैं या नींद में बड़बड़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं बच्चों में ये बुरे सपने क्यों आते हैं।

 

  • बच्चों जब भी अकेलापन महसूस करते हैं, तो उनके मन में असुरक्षा की भावना आती है। इसका नतीजा होता है कि बच्चा सपने में यह देखते हैं कि वह कहीं से गिर रहे हैं।
  • बहुत ज्यादा टीवी देखना और फोन देखना। आज के टाइम में बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा करते हैं। जिसमें कुछ ऐसी सीन देखना जो हिंसात्मक होते हैं। इसकी वजह से बच्चे रात में डरने लगते है। जब भी ऐसी चीजों को देखते हैं तो बच्चों को बुरे सपने आते हैं।
  • जब बच्चा शारीरिक रुप से कमजोर हो जाता है। इसकी वजह से बच्चों में दिमागी कमजोर भी आने लगती है। कहीं ना कहीं इस कारण की वजह से भी बुरे सपने आते हैं।
  • बच्चे जब स्कूल या डेकेयर जाते हैं, तो वहां कहीं ना कहीं बच्चों के मन में अपने पेरेंट्स से दूर रहने की वजह से अकेलापन महसूस होता है। उन्हें लगता है कि यहां पर उनका कोई अपना नहीं है। यह बात बच्चे इस हद तक सोचते हैं कि उनको ऐसे सपने आने लगते हैं। जिसमें बच्चे कहीं अंधेरे में अकेले जा रहे हैं। इसलिए बच्चों को स्कूल या डेकेयर में भेजने से पहले बच्चों को मानसिक तौर से तैयार करे।
  • अगर बच्चों को कोई मानसिक तौर से परेशान करें। तो बच्चे अपने मन की बात नहीं कह पाते हैं। यह बातें बच्चों के दिमाग में चलती रहती हैं। इसी कारण से बच्चे बुरे सपने देखते हैं उनको लगता है कि उनके साथ कुछ भी ठीक नहीं हो रहा है।

 

बच्चों के बुरे सपने का कारण मनोवैज्ञानिक भी हो सकता है। इसलिए आप इसमें जरा भी लापरवाही नहीं बरते। अगर आपका बच्चा भी सोते समय डरता है तो किसी काउंसलर से अवश्य सलाह ले। बच्चों को अपना पूरा समय दे, बच्चों की बातें सुने बच्चों को किसी एक्टिविटी में बिजी अवश्य रखे।

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