शिशु को डे केयर कब भेजे और किन बातों का ध्यान रखें

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शिशु को डे केयर कब भेजे और किन बातों का ध्यान रखें

डे केयर यानी वह जगह जो शिशु का दूसरा घर होता है। आज के समय में पति-पत्नी दोनों ही वर्किंग है। साथ ही एकल परिवार की वजह से सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। कि शिशु को कैसे संभाला जाए, शिशु के लिए डे केयर की विकल्प होता है। क्योंकि वहां पर बहुत से उसी उम्र वर्ग के बच्चे रहते है। शिशु को डे केयर भेजने से पहले पेरेंट्स के लिए बहुत बडी चुनौती यह होती है। कि उनका इतना छोटा सा बच्चा डे केयर में रह पायेगा।

 

अगर आप भी इसी समस्या से परेशान है तो आप निम्नलिखित बातों का ध्यान रखे।

  • शिशु को डे केयर कम से कम 6 महीने बाद भेजना चाहिए। क्योंकि 6 महीने तक शिशु मां के दूध पर ही निर्भर रहता है। 3 से 4 महीने में शिशु को डे केयर में डालना बहुत बडी चुनौती होती है।
  • क्योंकि शिशु को ऐसे समय में एक मां ही अच्छी तरह से संभाल सकती है। अगर आप ऑफिस में 3 महीने से ज्यादा की छुट्टी नहीं ले सकती है तो आपको घर के किसी सदस्य की मदद लेनी होगी।
  • आज कल बहुत से ऐसी कंपनियां जो वर्किंग मांओं के लिए ऑफिस में डे केयर का इंतजाम करती है। हां अगर ऐसा है तो यह आपके लिए बहुत अच्छा विकल्प है इस स्थिति में आप शिशु को अपने हिसाब से डे केयर भेज सकती है।
  • लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो कम से कम 6 महीने का समय ले। 6 महीने से लेकर 10 साल तक बच्चों के लिए डे केयर की सुविधा होती है अगर एक बार बच्चे डे केयर के वातावरण में अनुकूल हो जाते हैं तो उनको वहां अच्छा लगने लगता है। डे केयर भी बहुत अच्छी सुविधा देते है वहां पर बच्चों के लिए खेल कूद, अच्छी डाइट, स्कूल भेजने से लेकर स्कूल से लाने तक की जिम्मेदारी सिर्फ डे केयर वालों की होती है।

 

किन बातों का ध्यान रखें

  • डे केयर ऑफिस या घर के नजदीक हो। डे केयर में पूरी तरह से फीमेल स्टाफ हो।
  • डे केयर में सीसीटीवी की सुविधा पूरी तरह से हो।
  • वहां पर जो शिशु को खाना दिया जा रहा हो वह पूरी तरह से हाई जीन हो। वैसे डे केयर का स्टाफ पूरी तरह से पेरेंट्स को स्वतंत्र करता है कि आप किचन से लेकर वॉशरूम देख सकते है। ताकि पेरेंट्स को तसल्ली हो कि उसका बच्चा सुरक्षित है।
  • डे केयर के आस-पास सन्नाटा नहीं हो, ऐसी जगह ना हो जहां पर आप अकेले शिशु को छोडने में असुरक्षित महसूस करे।
  • वहां के स्टाफ के बारे में जानकारी ले, क्योंकि यह स्टाफ ही आपके बच्चे की पूरी तरह से जिम्मेदारी निभाता है। एक पेरेंट्स होने के नाते आपको भी इस बात का ध्यान रखना है कि वहां के स्टाफ से अच्छे तरह से पेश आये। क्योंकि यही लोग आपके बच्चे को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

 

आप अपने बच्चे को डे केयर भेजने की शुरुआत कब करना चाहती है। हमसे अवश्य शेयर करे, क्या बच्चों को डे केयर भेजना उचित है इस बारे में आपकी क्या राय है। हमे हमारे कमेंट सेक्शन में बतायें, इस लेख को उन दोस्तों के साथ भी शेयर करे जो डे केयर भेजना चाहते है।

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